Tue Sep 18, 2018 Telugu English E-Paper Education
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तेलंगाना : प्रणय हत्या के मुख्य आरोपी शर्मा बिहार में गिरफ्तार
PM नरेन्द्र मोदी ने वाराणसी में 500 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया
वाराणसी : PM मोदी ने देर रात मंडुआडीह रेलवे स्‍टेशन का किया निरीक्षण
राफेल डील मामला : सुप्रीम कोर्ट में आज होगी सुनवाई
रामपुर में महिला के साथ सामूहिक बलात्कार, एक आरोपी हिरासत में 

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त्रिवेणी के तट पर लेटे हुए हनुमानजी की ये है महिमा, इलाहाबाद का दिलचस्प इतिहास
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त्रिवेणी के तट पर लेटे हुए हनुमानजी की ये है महिमा, इलाहाबाद का दिलचस्प इतिहास

प्रयाग में त्रिवेणी के तट पर स्थित बड़े हनुमानजी की बड़ी महिमा है। मूर्ति के बारे में रोचक किंवदंतियां हैं। यहां बता रहे हैं आपको इलाहाबाद का दिलचस्प इतिहास। 

कवियों को भूखे ही रहना पड़ेगा : भगवान प्रलय
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कवियों को भूखे ही रहना पड़ेगा : भगवान प्रलय

अलमस्त और फक्कड़ कवि के रूप में अपनी पहचान बना चुके अंगिका और मैथिली भाषा के जाने माने कवि भगवान प्रलय का मानना है कि आज के संदर्भ में साहित्य लिखने वाला व्यक्ति अगर लिखने की आदत बना लेगा तो उसे भूखे ही रहना पड़ेगा।

‘हिन्दी’ के लिए जरूर सोचिये, नहीं तो खो जाएगी हमारे देश की अनोखी पहचान
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‘हिन्दी’ के लिए जरूर सोचिये, नहीं तो खो जाएगी हमारे देश की अनोखी पहचान

आमतौर पर केवल उन्हीं लोगों को पढ़ा लिखा माना जाता है जो फर्राटे से अंग्रेजी बोल पाते हैं। कई स्थानों पर तो हिंदी बोलने से व्यक्ति के ‘स्टेटस’ पर फ़र्क पड़ने लगता है।

शुरू हो गई है गणेश चतुर्थी को मनाने की तैयारी, इसलिए 10 दिन तक चलता है त्यौहार
राष्ट्रीय

शुरू हो गई है गणेश चतुर्थी को मनाने की तैयारी, इसलिए 10 दिन तक चलता है त्यौहार

देश में आज हर्षोल्लास के साथ गणेश चतुर्थी का त्यौहार बड़े धूमधाम से मनाने की तैयारियां शुरू हो गयी हैं। हर साल की तरह इस साल भी गणेश चतुर्थी का त्यौहार देश के कई राज्यों में 10 दिनों तक मनाया जाएगा।

इस साल इन मंत्रों से करें गणपति की पूजा, होंगे ये चमत्कारिक लाभ
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इस साल इन मंत्रों से करें गणपति की पूजा, होंगे ये चमत्कारिक लाभ

हमारे हिन्दू धर्म में ऐसी मान्यता है कि आदि देवता शिवपुत्र श्री गणेशजी का प्राकट्य भाद्रपद की शुक्ल चतुर्थी को हुआ था। इसीलिए इस दिन गणेश चतुर्थी का त्यौहार हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस वर्ष यह त्यौहार 13 सितंबर को मनाया जाएगा।

आखिर क्या है ‘I am KCR’ का मतलब..!
संपादक की पसंद

आखिर क्या है ‘I am KCR’ का मतलब..!

तेलंगाना राष्ट्र समिति के चीफ और तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर के अंदाजे बयां को देखकर कभी कभी लोग हैरान हो जाया करते हैं कि आखिर के. चंद्रशेखर राव ने ऐसा कैसे कह दिया और क्यों कह दिया। कहने वाले तो यह भी कहते हैं कि यही तो केसीआर की स्टाइल है।

‘ईनामी भूमि’ को हड़पने नया का हथकंडा है आंध्र प्रदेश का  कानून, यह है उसका प्राविधान
आंध्र-प्रदेश

‘ईनामी भूमि’ को हड़पने नया का हथकंडा है आंध्र प्रदेश का कानून, यह है उसका प्राविधान

1956 (ईनामी एबालिशन एण्ड कन्वर्शन) कानून के अनुसार, ईनामी भूमि का लाभ चैरिटेबल संस्थाओं और मंदिरों में सेवा करने वाले मात्र उठा सकते हैं। अन्य किसी को बदली करने या बेचने का किसी को अधिकार नहीं है।

मरीना बीच पर एम के अलागिरी का शक्ति प्रदर्शन: राजनीतिक समीक्षा 
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मरीना बीच पर एम के अलागिरी का शक्ति प्रदर्शन: राजनीतिक समीक्षा 

मरीना स्थित एम करुणानिधि की समाधि पर एम के अलागिरी के मौन मार्च का चर्चा का विषय है। तमिलनाडु की राजनीति में कितनी अहम हैं ये मार्च जानिए इस आलेख में। 

शिक्षक दिवस विशेष : हम आज जो भी हैं वह एक शिक्षक की ही देन हैं, जिसे अक्सर भूल जाते हैं..!
समाचार

शिक्षक दिवस विशेष : हम आज जो भी हैं वह एक शिक्षक की ही देन हैं, जिसे अक्सर भूल जाते हैं..!

आज शिक्षक दिवस है। शिक्षक दिवस दिवंगत राष्ट्रपति और शिक्षाविद डॉक्टर सर्वेपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस पर हर साल मनाया जाता है। हमारे देश में वर्ष 1962 से शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है। अर्थात राधाकृष्णन के जयंती के अवसर पर शिक्षक दिवस मनाया जाता है।

राजनीति में नई भाषा गढ़ने वाले दिवंगत मुख्यमंत्री YS राजशेखर रेड्डी
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राजनीति में नई भाषा गढ़ने वाले दिवंगत मुख्यमंत्री YS राजशेखर रेड्डी

लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कारगर कदम उठानेवाला सही राजनीतिक नेता कहलाता है। वर्तमान परिस्थितियां और लोगों की आवश्यकताओं के बीच तालमेल बनाए रखते हुए पुरोगामी विचारधारा पर आगे बढ़ते हुए उसे आचरण में लानेवाले दार्शनिक, उदारवादी, जनप्रिय प्रशासक के रूप में YS राजशेखर रेड्डी की पहचान बनी हुई है। संयुक्त आंध्र प्रदेश के इतिहास में YSR ध्रुव तारा हैं। जन आकांक्षाएं उनका प्रतीक हैं। उन्होंने लोगों के दिलों पर अपनी छाप छोड़ी है। विश्वास ही उनकी पहचान बन गई।

बिहार के इस  गांव में पैदा हुआ था  दुनिया का महामूर्ख, ऐसे हुआ था विश्व में विख्यात 
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बिहार के इस गांव में पैदा हुआ था दुनिया का महामूर्ख, ऐसे हुआ था विश्व में विख्यात 

कालिदास का जन्म मिथिला के वर्तमान मधुबनी जिले के उच्चैठ नामक गांव में हुआ था। प्रारंभ में वे मूर्खता के लिए ही जाने जाते थे। उस समय उन्हें महामूर्ख कहा जाता था।

250वें दिन की प्रजा संकल्प यात्रा पर विशेष : YS जगन ने लोगों में भरोसे की उम्मीद जगाई है
प्रजा संकल्प यात्रा

250वें दिन की प्रजा संकल्प यात्रा पर विशेष : YS जगन ने लोगों में भरोसे की उम्मीद जगाई है

वाईएसआरसीपी के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी की प्रजा संकल्प पदयात्रा का गुरुवार को 250वां दिन है। अर्थात वाईएस जगन की पदयात्रा अंतिम पड़ाव की ओर अग्रसर है। वाईएस जगन ने गरीब और दुखी लोगों की समस्याओं के निवारण और सुझावों को जानने के लिए 6 नवंबर 2017 को कड़पा जिले की पुलिवेंदुला से पदयात्रा आरंभ की थी। हाल ही में (24.08.2018) प्रजा संकल्प यात्रा 2800 किलोमीटर पूर्ण हुई है।

क्या है ‘अर्बन माओवादी’ और कैसे प्रचलित हुआ यह शब्द? जानने के लिए पढ़ें यह खबर
अपराध

क्या है ‘अर्बन माओवादी’ और कैसे प्रचलित हुआ यह शब्द? जानने के लिए पढ़ें यह खबर

इस समय देश में ‘अर्बन माओवादी’ या ‘अर्बन नक्सलाइट’ शब्द प्रचार-प्रसार माध्यमों में चक्कर काट रहा है। आखिर कौन है ‘अर्बन माओवादी’? इस नाम से क्यों पुकारा जा रहा है? यह शब्द कैसे प्रचलित हुआ है? इस शब्द और उनसे संबंध रखने वालों के बारे में जाने के लिए लोगों में काफी उत्सुकता बढ़ी है।

Raksha Bandhan 2018 : यह है रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त, ऐसे करें तैयारी
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Raksha Bandhan 2018 : यह है रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त, ऐसे करें तैयारी

हमारे देश में और विदेश में भी रहने वाले भारतीय हिन्दू पंचांग के अनुसार श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन रक्षाबंधन के त्यौहार धूमधाम से मनाया करते हैं।

यह कैसा सम्मान : अटल की अस्थियों के बहाने वोट बटोरने की फिराक में भाजपा ?  
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यह कैसा सम्मान : अटल की अस्थियों के बहाने वोट बटोरने की फिराक में भाजपा ?  

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के अस्थि कलश इन दिनों राज्यों के हर जिले और तालुकाओं में घूम रहे हैं। भाजपा कहती है कि वाजपेयी के सम्मान में अस्थि कलश यात्रा निकाली जा रही है, लेकिन प्रत्यक्षदर्शी कहते हैं कि शोकयात्रा में मलाई चाय और ब्रेड-बटर बांटा जा रहा है, नेता ठहाके लगाकर हंस रहे हैं, तो यह कैसा सम्मान है!

‘वरलक्ष्‍मी’ की पूजा का यह है खास महत्व, इसलिए घर-घर में होती है पूजा 
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‘वरलक्ष्‍मी’ की पूजा का यह है खास महत्व, इसलिए घर-घर में होती है पूजा 

धार्मिक मान्यता है कि मां ‘वरलक्ष्‍मी’ का रूप वरदान देने वाला होता है और वह अपने भक्‍तों के मन के भावों को जानकर सभी इच्‍छाओं को पूर्ण कर दिया करती हैं।

GHMC को इस साल मिली है नई चुनौती,  गणेश विसर्जन के लिए करनी होगी कड़ी मशक्कत
तेलंगाना

GHMC को इस साल मिली है नई चुनौती, गणेश विसर्जन के लिए करनी होगी कड़ी मशक्कत

विश्लेषकों का मानना है कि जीएचएमसी के लिए गणेश विसर्जन की जिम्मेदारी को निभाना आसान काम नहीं है। क्योंकि जीएचएमसी इस दौरान अनेक कार्यक्रमों और समस्याओं में घिरी है। सरकार ने गणेश विसर्जन की एक और बड़ी जिम्मेदारी जीएचएमसी को सौंपी है।

केरल  में दिखाई दे रहा है मदद व हालात से लड़ने का एक अनोखा जज्बा, पत्रकारिता भी बेहतरीन 
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केरल में दिखाई दे रहा है मदद व हालात से लड़ने का एक अनोखा जज्बा, पत्रकारिता भी बेहतरीन 

इस तरह के विचार रखने वाले केरलावासियों की मदद के लिए पूरे भारत वर्ष को आगे क्यों नहीं आना चाहिए...?

क्या शिवराज, रमन और वसुंधरा की नैया पार लगाएंगे अटल जी?
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क्या शिवराज, रमन और वसुंधरा की नैया पार लगाएंगे अटल जी?

कांग्रेस की राह पर चल रही है बीजेपी? ये इसलिए कहना पड़ रहा है क्यों कि हाल के दिनों में जो फैसले लिए गए वो बिल्कुल इन्ही बातों की ओर इशारा करते हैं।

पहली बार संसद में इन 2 सांसदों ने बचाई थी भाजपा व अटल की लाज, आज हैं ‘गुमनाम’
राष्ट्रीय राजनीति

पहली बार संसद में इन 2 सांसदों ने बचाई थी भाजपा व अटल की लाज, आज हैं ‘गुमनाम’

भारतीय जनता पार्टी के रूप में नई पार्टी के गठन के बाद जब 1984 के चुनाव में भाजपा कमल सिंबल पर चुनाव लड़ा तो पार्टी की कमान अटल बिहारी वाजपेयी के हाथ में थी और देशभर में कांग्रेस के पक्ष में सहानुभूति की लहर और राजीव गांधी की विरोधियों को हराने की रणनीति के कारण भाजपा को दो सीटें मिली थी

अटल जी का हैदराबाद से कैसा रहा रिश्ता, पढ़ें यह खबर
तेलंगाना राजनीति

अटल जी का हैदराबाद से कैसा रहा रिश्ता, पढ़ें यह खबर

वर्ष 1996 में धूलपेट मिनी स्टेडियम में बीजेपी नेता लक्ष्मण सिंग जमादार के नेतृत्व में आयोजित केसरी कुस्ती प्रतियोगिता में अटल जी मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया था। तब संचालकों ने अटल को तलवार से सम्मान किया था।

अटल थे, अटल हैं, अटल रहेंगे वाजपेयी के विचार
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अटल थे, अटल हैं, अटल रहेंगे वाजपेयी के विचार

अटल बिहारी वाजपेयी साधारण परिवार में जन्मे, साधारण से प्राइमरी स्कूल में पढ़े और साधारण से प्राइमरी स्कूल टीचर के बच्चे हैं। उनके पिता का नाम कृष्ण विहारी वाजपेयी और दादा थे पंडित श्याम लाल वाजपेयी। उन्होंने सारे देश के सामने एक बार कहा था- ‘मैं अटल तो हूं पर ‘बिहारी’ नहीं हूं। तब लोगों ने इसे अजीब ढंग से लिया था।

पूर्व कैदी की श्रद्धांजलि : अटलजी कैदियों के प्रति हमदर्दी रखते थे 
तेलंगाना

पूर्व कैदी की श्रद्धांजलि : अटलजी कैदियों के प्रति हमदर्दी रखते थे 

अटल बिहारी वाजपेयी से  मेरा मिलना सबसे अलग है। मुझे साल तो याद नहीं है, मगर वर्ष 1981-82 की बात होगी। तब मैं चंचलगुडा सेंट्रल जेल में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहा था।

ऐसी है अटल की हमारे देश में पहचान, जानें एक क्लिक में अब तक की पूरी जीवन यात्रा 
राष्ट्रीय

ऐसी है अटल की हमारे देश में पहचान, जानें एक क्लिक में अब तक की पूरी जीवन यात्रा 

भारत के राजनीतिक इतिहास में अटल बिहारी बाजपेयी का संपूर्ण व्यक्तित्व शिखर पुरुष के रूप में दर्ज है। उनकी पहचान एक कुशल राजनीतिज्ञ, प्रशासक, भाषाविद, कवि, पत्रकार व लेखक के रूप में है। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की विचारधारा में पले-बढ़े अटल जी राजनीति में उदारवाद और समता एवं समानता के समर्थक माने जाते हैं। उन्होंने विचारधारा की कीलों से कभी अपने को नहीं बांधा।

YSRCP के दलबदलू और वर्तमान टीडीपी नेता खूब काट रहे चांदी, CM ने दी है खुली छूट
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YSRCP के दलबदलू और वर्तमान टीडीपी नेता खूब काट रहे चांदी, CM ने दी है खुली छूट

2014 के चुनाव में तेलुगु देशम पार्टी ने लोकलुभावने आश्वासनों के बल पर जीत हासिल कर सत्ता हासिल की थी, लेकिन बाद में उन्हीं आश्वासनों को भुला दिया है। लोगों की समस्याएं जस की तस रह गई। टीडीपी ने समस्याओं के समाधान की बजाय प्रतिपक्ष के विधायकों की खरीदफरोख्त पर अधिक ध्यान दिया। टीडीपी की दलबदलु जनप्रतिनिधियों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है।

राजस्थान में तीज का है खास महत्व, हर साल ऐसे की जाती है तैयारी
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राजस्थान में तीज का है खास महत्व, हर साल ऐसे की जाती है तैयारी

राजस्थान में तीज का त्यौहार बड़े उमंग के साथ मनाया जाता है। राजस्थान में तीज पर सबसे खास स्वादिष्ट मिठाई घेवर का आनंद उठाया जाता है।

Teej Special : यह है हमारे देश में तीज के त्यौहार की महत्ता, ऐसे मनाई जाती है तीज
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Teej Special : यह है हमारे देश में तीज के त्यौहार की महत्ता, ऐसे मनाई जाती है तीज

तीज के त्यौहार का सदैव बड़े चाव से महिलाएं इंतजार करती हैं। यह त्यौहार बारिश के मौसम में तब मनाया जाता है जब बारिश होने से वातावरण सुहाना हो जाता है और चारों तरफ हरियाली फैल जाती है।

इस तरह भारत का युवा वर्ग तैयार है एक विश्वव्यापी नई युवा क्रांति के लिए ! 
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इस तरह भारत का युवा वर्ग तैयार है एक विश्वव्यापी नई युवा क्रांति के लिए ! 

भारत विश्व का सबसे बड़ा प्रजातांत्रिक देश है। आज भारत में दूसरे देशों की तुलना में सबसे ज्यादा युवा हैं। युवा वर्ग वह वर्ग होता है जिसमें 14 वर्ष से लेकर 40 वर्ष तक के लोग शामिल होते हैं। आज भारत देश में इस आयु के लोग सबसे बड़ी संख्या में मौजूद है।

इन गानों को भेजिए अपने खास दोस्तों को और कहिए Happy Friendship day 
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इन गानों को भेजिए अपने खास दोस्तों को और कहिए Happy Friendship day 

दोस्ती पर न जानें कितनी फिल्में और गाने बने हैं, जिन्हें आज भी लोगों की जुबान पर गाते-गुनगुनाते हुए सुना जा सकता है और फ्रेंडशिप डे के दिन दोस्तों को भेजा जा सकता है....

प्रत्येक बच्चे को सारी मानवजाति की सेवा के लिए तैयार करें..!
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प्रत्येक बच्चे को सारी मानवजाति की सेवा के लिए तैयार करें..!

विश्व के किसी भी एक बच्चे की शक्ल और उसके अंगूठे की छाप किसी दूसरे बच्चे से कभी नहीं मिलती है। ईश्वर ने प्रत्येक बच्चे को अलग एवं विशिष्ट बनाया है। ये बच्चे अपनी अलग-अलग प्रतिभा एवं विशेषता के कारण अपने चुने हुए कार्य क्षेत्र में सबसे सर्वश्रेष्ठ बन सकते हैं।

उज्जैनी महाकाली के रंगम के बारे में जाने यह सच
संपादक की पसंद

उज्जैनी महाकाली के रंगम के बारे में जाने यह सच

बोनालु (त्यौहार) को हैदराबाद में बड़े उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। बोनालु की जितनी प्रमुखता है उससे कई अधिक रंगम (भविष्यवाणी) की है। रंगम को आध्यात्मिक मंच भी कहा जाता है। रंगम नगरवासियों के लिए हर साल एक नया संदेश लेकर आता है। नगर के लाखों लोग रंगम सुनने के लिए बेसब्री से इंतजार करते हैं, क्योंकि वो बातें उज्जैनी महांकाली माता की मधुरवाणी होती हैं। देवी की मधुरवाणी सभी को सुख और शांति प्रदान करती है।

आज है सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण, इन राशियों पर पड़ेगा कुप्रभाव
राष्ट्रीय

आज है सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण, इन राशियों पर पड़ेगा कुप्रभाव

2018 साल का दूसरा चंद्रग्रहण 27 जुलाई को पड़ने जा रहा है। ये चंद्रग्रहण सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण है। यह चंद्रग्रहण पूरे भारत में दिखाई देगा। इससे पहले 31 जनवरी को पहला चंद्रग्रहण लगा था।

 150 साल बाद ऐसा चंद्रग्रहण, पृथ्वी से साफ दिखेगा मंगल
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150 साल बाद ऐसा चंद्रग्रहण, पृथ्वी से साफ दिखेगा मंगल

27 जुलाई को 21वीं सदी का सबसे लंबी अवधि वाला चंद्रग्रहण लगने वाला है। जानकारी के मुताबिक उस रात को मंगल ग्रह पृथ्वी के सबसे ज्यादा पास होगा।

इसलिए गुरु पूर्णिमा को कहते हैं व्यास पूर्णिमा, यह है ऐतिहासिक महत्व  
संपादक की पसंद

इसलिए गुरु पूर्णिमा को कहते हैं व्यास पूर्णिमा, यह है ऐतिहासिक महत्व  

6 शास्त्रों एवं 18 पुराणों के रचयिता वेदव्यास जी ने गुरु के सम्मान में विशेष पर्व मनाने के लिये आषाढ़ मास की पूर्णिमा को चुना। इसी कारण इस गुरु पूर्णिमा को ‘व्यास पूर्णिमा’ भी कहते हैं।

आज के हालात के लिए संदेश है ‘काला’ फिल्म की कहानी,  बार-बार कोड किये जाने की जरूरत
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आज के हालात के लिए संदेश है ‘काला’ फिल्म की कहानी, बार-बार कोड किये जाने की जरूरत

यह फिल्म ब्राह्मणवादी संस्कृति की जगह दलित बहुजन संस्कृति को पेश करती है और पहली बार मुख्यधारा की कोई फिल्म बहुजनों के आत्मा की बात करती है.

आज है देवशयनी एकादशी, पूजा पाठ करने वाले इन बातों का जरूर रखें ध्यान
संपादक की पसंद

आज है देवशयनी एकादशी, पूजा पाठ करने वाले इन बातों का जरूर रखें ध्यान

हिन्दू धर्मशास्त्रों में ऐसा माना जाता है कि ‘देवशयनी एकादशी’ के दिन सभी देवताओं के साथ साथ उनके अधिपति विष्णु भी सो जाते हैं और लगभग चार माह बाद ‘देवोत्थान एकादशी’ को जागते हैं।

बोनालु उत्सव की यह है पौराणिक महत्ता और इसलिए बरसात में मनाते हैं यह त्यौहार
तेलंगाना

बोनालु उत्सव की यह है पौराणिक महत्ता और इसलिए बरसात में मनाते हैं यह त्यौहार

बोनालु उत्सव तेलंगाना के अनेक प्रसिद्ध त्योहारों में एक है। बोनालु हर साल आषाढ़ माह में मनाया जाता है। अब सवाल उठता है कि बोनालु उत्सव को आषाढ़ माह में क्यों मनाया जाता है? क्योंकि आषाढ़ माह में संक्रमण बीमारियां फैलती है। बीमारीका मुख्य कारण मांसाहार है।