हैदराबाद : काले-काले रसीले जामुन किसे नहीं पसंद इन दिनों बाजार में जामुनों की जमकर बहार आई है। जामुन स्वाद में खट्टा-मीठा होने के साथ-साथ सेहत के लिए बड़ा फायदेमंद है। लेकिन इससे भी ज्यादा फायदेमंद होती है जामुन की गुठली।

जी हां यह डायबिटीज मरीजों के लिए किसी वरदान से कम नहीं। बहुत कम लोग जानते हैं कि इसके प्रतिदिन उपयोग से यौन तथा स्मरण शक्ति बढ़ जाती है। आयुर्वेद में डायबिटीज कंट्रोल करने, यूनानी और चीनी दवाओं में पाचन संबंधी रोगों के लिए जामुन के गुठली का इस्तेमाल होता है। जामुन की गुठली में विटामिन ए और सी का बेहतर स्रोत है।

जामुन की गुठली के फायदे

जामुन की गुठली के चूर्ण को एक चम्मच दिन में दो-तीन बार लेने पर पेचिश में आराम मिलता है। साथ ही रक्तप्रदर की समस्या होने पर जामुन की गुठली के चूर्ण में पच्चीस प्रतिशत पीपल की छाल का चूर्ण मिलाकर, दिन में दो से तीन बार एक चम्मच की मात्रा में ठंडे पानी से लेने से लाभ मिलता है।

दातों के लिए संजीवनी :

दांत और मसूड़ों से जुड़ी कई समस्याओं को दूर करने के लिए जामुन विशेषतौर पर फायदेमंद होता है। इसकी गुठली को पीसकर, इससे मंजन करने से दांत और मसूड़े स्वस्थ रहते हैं। अगर आपका बच्चा बिस्तर गीला करता है तो जामुन की गुठली को पीसकर आधा-आधा चम्मच दिन में दो बार पानी के साथ पिलाने से लाभ मिलता है।

पाचनशक्ति में जामुन

जामुन पाचनशक्ति बढ़ाता है। जामुन खाने से पेट सं‍बंधित विकार कम होते हैं। जामुन में कैंसर रोधी गुण भी पाए जाते हैं। कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी के बाद जामुन खाना चाहिए, इससे फायदा होता है। जामुन खाने से पथरी में फायदा होता है। जामुन की गुठली के चूर्ण को दही के साथ मिलाकर खाने से पथरी में फायदा होता है। कब्ज और पेट के रोगों में भी जामुन बहुत फायदेमंद है।

मुंह के छाले में जामुन :

मुंह में छाले होने पर जामुन के रस का प्रयोग करने से लाभ होता है। दस्त या खूनी दस्त होने पर जामुन का सेवन करना चहिए। दस्त होने पर जामुन के रस को सेंधानमक के साथ मिलाकर खाने से दस्त बंद हो जाता है। मुंहासे होने पर जामुन की गुठलियों को सुखाकर पीस लीजिए। इस पाउडर में रात को सोते समय गाय का दूध मिलाकर चेहरे पर लगाइए, इस लेप को सुबह ठंडे पानी से धो लीजिए।

अगर आवाज फंस गई हो या फिर बोलने में दिक्कत हो रही हो तो जामुन की गुठली के काढे़ से कुल्ला कीजिए। आवाज को मधुर बनाने के लिए जामुन का काढा बहुत फायदेमंद है। एसिडिटी होने पर जामुन का सेवन भूना हुआ चूर्ण और काला नमक के साथ कीजिए, एसिडिटी समाप्त हो जाएगी। इसके अलावा भी जामुन के गुठली के फायदे हैं।