मुंबई : मशहूर फैशन डिजाइनर रोहित बल का मानना है कि वह परंपरा आधारित डिजाइन दर्शन के कारण ही भारतीय फैशन परिदृश्य में प्रासंगिक बने हुए हैं । डिजाइनर ने कहा कि व्यावसायिक लाभ उनके लिए चिंता का विषय नहीं रहा है क्योंकि उन्होंने खुद को हमेशा "परंपरावादी" के रूप में देखा है । रोहित ने कहा, "मैं रुझानों के बारे में सोचकर कपड़े डिज़ाइन नहीं करता ।

मैं अपने कपड़ों को फिर से फैशन में नहीं लाता । मैं सिर्फ अपनी दृष्टि और भारतीय परंपरा का पालन करता हूं । मैं एक शिल्पकार, एक परंपरावादी व्यक्ति हूं ।'' पीटीआई के साथ साक्षात्कार में रोहित ने कहा, "मुझे वास्तव में व्यावसायिक बंधनों से बंधने की जरूरत नहीं है । मैं ऐसा कभी नहीं करना चाहता। मैं एक कलाकार हूं और मुझे विश्वास है कि मैं जो करता हूं लोग उसे पसंद करते हैं ।''

मशहूर डिजाइनर ने कहा कि उन्हें इस बात से कोई मतलब नहीं है कि दूसरे क्या कर रहे हैं । उन्होंने कहा, "मैं हमेशा इस बात पर डटा रहता हूं कि मैं कौन हूं और जो हर कोई कर रहा है वह मैने कभी नहीं किया । मेरे पास बहुत मजबूत और केंद्रित डिजाइन दर्शन है और मैं इसका पालन करता हूं । मेरा मानना

है कि आप अपने दिल और आत्मा से जो कुछ भी करते हैं वह हमेशा प्रासंगिक रहेगा ।''

उन्होने कहा, "मैं क्लासिक, सुरुचिपूर्ण और कालातीत होने में सहज हूं और इसने एक डिजाइनर के रूप में मेरे ब्रांड और कैरियर में बहुत बड़ा योगदान दिया है ।" फैशन अब एक पूर्ण उद्योग बन गया है और रोहित देश में डिजाइनरों की लोकप्रियता के लिए बॉलीवुड को श्रेय देते हैं। उन्होंने कहा कि एक समय था जब भारत में केवल चार-पांच डिजाइनर ही जाने जाते थे, लेकिन फैशन अब एक बहुत बड़ा उद्योग बन गया है।

उन्होंने कहा, "भारतीय समाज के हर वर्ग के लोग कपड़े पहनना चाहते हैं और फैशन के बारे में कुछ जानना चाहते हैं या फैशनेबल बनना चाहते हैं। हर किसी का कोई न कोई फैशन स्टाइल होता है और बॉलीवुड का इसपर सबसे बड़ा और सबसे मजबूत प्रभाव है । बॉलीवुड की वजह से लोग हर एक डिजाइनर को जानने और पहचानने लगे हैं।"