बिग बॉस के तीसरे सीजन में श्रीमुखी ने स्ट्रांग कंटेस्टेंट के रूप में अपनी पहचान बनाई है। बाहर श्रीमुखी की फैन फॉलोइंग भी कमाल की दिख रही है जो समय-समय पर उसका साथ दे रही है।

तभी तो वह नॉमिनेट होकर भी सेव होती जा रही है। श्रीमुखी सबका एंटरटेनमेंट तो करती ही है साथ ही टास्क में कमाल की स्ट्रैटजी भी दिखाती है। टास्क में जीतने के लिए वह किसी भी हद तक जाकर स्ट्रैटजी के साथ कमाल कर दिखाती है।

जो भी एलिमिनेशन में होता है उसके बारे में एनालिसिस करके बहुत कुछ कहती भी है।यह भी बताती है कि कौन रह सकता है और कौन शो से बाहर जा सकता है। उसकी बातें कई बार सच भी साबित हुई है और जिसके बारे में वह कहती है वह बाहर भी हो जाता है।

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यह सब तो सही है पर श्रीमुखी को सबके साथ मिलकर रहना बिलकुल नहीं आता। यहां की बातें वहां कहने की आदक उसकी किसीको पसंद नहीं आती।

श्रीमुखी का यह डबल गेम हर किसीको बुरा लगता है। जबकि वह खुद को अच्छा बताने की हर कोशिश करती है। उसने एक बार अली को बचाकर रवि के बारे में झूठ बोल दिया था।

नेटिजन भी श्रीमुखी की इस आदत पर खासे गुस्सा हो रहे हैं। अब देखना यह है कि उसकी यह आदत उसे क्या कुछ सुनवाती है।