जॉनी लीवर का असली नाम जॉन प्रकाश राव जानुमाला है। पत्नी सुजाता व बच्चों के साथ जॉनी लीवर। जॉनी लीवर की बेटी जेमी भी उनकी तरह मिमिक्री करती है। 
जॉनी लीवर का असली नाम जॉन प्रकाश राव जानुमाला है। पत्नी सुजाता व बच्चों के साथ जॉनी लीवर। जॉनी लीवर की बेटी जेमी भी उनकी तरह मिमिक्री करती है। 
जॉनी एक्टर बनने से पहले हिंदुस्तान लीवर लिमिटेड में काम करते थे। बॉलीवुड एक्टर्स की नकल उतारने के कारण वो अपने ऑफिस में काफी पॉपुलर थे। उनके कलीग्स ने उनका नाम जॉनी लीवर रख दिया और तभी से ये नाम उनके सथ जुड़ गया। बेटी जेमी भी उनकी कॉर्बन कॉपी है। 
जॉनी एक्टर बनने से पहले हिंदुस्तान लीवर लिमिटेड में काम करते थे। बॉलीवुड एक्टर्स की नकल उतारने के कारण वो अपने ऑफिस में काफी पॉपुलर थे। उनके कलीग्स ने उनका नाम जॉनी लीवर रख दिया और तभी से ये नाम उनके सथ जुड़ गया। बेटी जेमी भी उनकी कॉर्बन कॉपी है। 
जॉनी लीवर की कॉमिक टाइमिंग और एक्सप्रेशन शानदार होते हैं। उनका एक डायलॉग ही हंसाने के लिए काफी है। कभी-कभी तो उनको देखने भर से दर्शक हंसने लगते हैं। 
जॉनी लीवर की कॉमिक टाइमिंग और एक्सप्रेशन शानदार होते हैं। उनका एक डायलॉग ही हंसाने के लिए काफी है। कभी-कभी तो उनको देखने भर से दर्शक हंसने लगते हैं। 
क्‍या आपको मालूम है कि किसने उनके टैलेंट को पहचाना और उन्हें ‘दर्द का रिश्ता’ में पहला ब्रेक दिया? वो सुनील दत्त थे। जी हां, इसके बाद तो सफलता जॉनी के कदम चूमने लगी और फिर कभी उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। 
क्‍या आपको मालूम है कि किसने उनके टैलेंट को पहचाना और उन्हें ‘दर्द का रिश्ता’ में पहला ब्रेक दिया? वो सुनील दत्त थे। जी हां, इसके बाद तो सफलता जॉनी के कदम चूमने लगी और फिर कभी उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। 
जॉनी लीवर को कॉमिक रोल में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए 13 फिल्मफेयर पुरस्कारों के लिए नामांकित किया गया था और यहीं- नहीं उन्हें फिल्म दीवाना मस्ताना (1997) और दूल्हे राजा (1998) में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
जॉनी लीवर को कॉमिक रोल में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए 13 फिल्मफेयर पुरस्कारों के लिए नामांकित किया गया था और यहीं- नहीं उन्हें फिल्म दीवाना मस्ताना (1997) और दूल्हे राजा (1998) में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
पढ़ाई-लिखाई से कुछ नहीं होता। ये जॉनी लीवर ने बता दिया। उन्होंने सिर्फ 7वीं तक ही पढ़ाई की है। लेकिन क्यों? ये सवाल नहीं आया आपके मन में? जवाब बताते हैं। परिवार के हालात ऐसे नहीं थे कि वो पढ़ पाए। लिहाजा पढ़ाई छोड़ दी और काम करना शुरू कर दिया। 
पढ़ाई-लिखाई से कुछ नहीं होता। ये जॉनी लीवर ने बता दिया। उन्होंने सिर्फ 7वीं तक ही पढ़ाई की है। लेकिन क्यों? ये सवाल नहीं आया आपके मन में? जवाब बताते हैं। परिवार के हालात ऐसे नहीं थे कि वो पढ़ पाए। लिहाजा पढ़ाई छोड़ दी और काम करना शुरू कर दिया। 
जॉनी लीवर यहां माइकल जैक्सन जैसे लग रहे हैं। दोनों में एक बात मिलती है, जहां माइकल ने अपने गानों और डांस से सबका दिल जीता तो जॉनी ने अपनी कॉमेडी से। 
जॉनी लीवर यहां माइकल जैक्सन जैसे लग रहे हैं। दोनों में एक बात मिलती है, जहां माइकल ने अपने गानों और डांस से सबका दिल जीता तो जॉनी ने अपनी कॉमेडी से। 
 जॉनी की कॉमेडी का स्टाइल अलग था। हैदराबाद के पुराने वाले इलाके को याकूतपुरा कहा जाता है। जॉनी ने यहां साल बि‍ताए। कई तरह के लोगों के बीच वो जाकर कॉमेडी करते। एक लेवल बनता गया।
जॉनी की कॉमेडी का स्टाइल अलग था। हैदराबाद के पुराने वाले इलाके को याकूतपुरा कहा जाता है। जॉनी ने यहां साल बि‍ताए। कई तरह के लोगों के बीच वो जाकर कॉमेडी करते। एक लेवल बनता गया।
फिल्मों से पहले हालांकि जॉनी लीवर ने शेखर कपूर के साथ एक एड भी शूट किया था। जिस फिल्म से उनको जाना जाने लगा उस फिल्म का नाम ‘जलवा’ था। ये 1987 में आई थी। नसीरुद्दीन इसमें उनके साथ थे। फिर गाड़ी रुकी नहीं। वो काम करते रहे। हम हंसते रहे।
फिल्मों से पहले हालांकि जॉनी लीवर ने शेखर कपूर के साथ एक एड भी शूट किया था। जिस फिल्म से उनको जाना जाने लगा उस फिल्म का नाम ‘जलवा’ था। ये 1987 में आई थी। नसीरुद्दीन इसमें उनके साथ थे। फिर गाड़ी रुकी नहीं। वो काम करते रहे। हम हंसते रहे।