अगले सप्ताह 15 अगस्त के मौके पर रिलीज होने जा रही है अक्षय कुमार व विद्या बालन की बहुचर्चित फिल्म मिशन मंगल। 'केप ऑफ गुड फिल्म्स', 'होप प्रोडक्शंस' और फॉक्स स्टार स्टूडियोज की ओर से प्रोड्यूस की गई 'मिशन मंगल'।

ये फिल्म सच्च कहानी पर आधारित है और इसमें सिर्फ कुछ रचनात्मकता का सहारा लिया गया है कहानी को रोचक तरीके से पेश करने के लिए।

इसमें भारत के पहले मार्स मिशन यानी मंगलयान की कहानी को रोचक तरीके से बनाकर पेश किया गया है। वहीं इस फिल्म को बॉलीवुड की पहली स्पेस फिल्म बताया जा रहा है। फिल्म में भारत के गौरव पलों को समेटकर दर्शकों को दिखाया गया है।

फिल्म इसरो की उन महिला वैज्ञानिकों की कहानियों को बयां करती है, जो अपने निजी जीवन और अंतरिक्ष एजेंसी के मंगल कार्यक्रम को लेकर अपनी प्रतिबद्धता के बीच बेहतरीन तालमेल बैठाती हैं।

मिशन मंगल की टीम 
मिशन मंगल की टीम 

आखिर क्या था भारत का ये मिशन

यह भारत के पहले मंगल अभियान 'मार्स ऑर्बिटर मिशन' पर आधारित है। इस परियोजना के अन्तर्गत 5 नवम्बर 2013 को 2 बजकर 38 मिनट पर मंगल ग्रह की परिक्रमा करने के लिए आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से पीएसएलवी सी-25 की ओर से सैटेलाइट छोड़ा गया था। प्रतिष्ठित 'टाइम' पत्रिका ने मंगलयान को 2014 के सर्वश्रेष्ठ आविष्कारों में शामिल किया।

बता दें कि इस मिशन के बाद भारत भी अब उन देशों में शामिल हो गया था, जिन्होंने मंगल पर अपने यान भेजे हैं। खास बात ये है कि भारत पहले प्रयास में ही सफल होने वाला पहला देश था, क्योंकि इससे पहले करीब दो तिहाई अभियान असफल भी रहे। इसके अतिरिक्त ये मंगल पर भेजा गया सबसे सस्ता मिशन भी माना जाता है। इस वक्त भारत यह कारनाम करने वाला एशिया का पहला देश बन गया। क्योंकि इससे पहले चीन और जापान अपने मंगल अभियान में असफल रहे थे।

इस मिशन को लेकर अक्षय कुमार ने कहा था कि यह इसरो के 17 इंजीनियरों और वैज्ञानिकों की मेहनत का नतीजा है। इन महिला वैज्ञानिकों की इतनी सारी वास्तविक कहानियां सुनकर मुझे यह बड़ा अद्भुत लगा कि कैसे वे अपने घर को संभालने के साथ अपने काम को भी उतनी ही संजीदगी से निभाती हैं।

अक्षय कुमार 
अक्षय कुमार 

फिल्म में अक्षय मिशन के हेड साइंटिस्ट के रोल में नजर आएंगे यानी अक्षय कुमार वैज्ञानिक राकेश धवन की भूमिका में नजर आएंगे, जिन्होंने साल 2013 में भारत की ओर मार्स पर पहला सैटेलाइट भेजने का सपना पूरा किया था।

वहीं अभिनेत्री विद्या बालन तारा शिंदे की भूमिका में हैं, जो इस प्रोजेक्ट में राकेश धवन के साथ थीं। इसके अलावा सोनाक्षी सिन्हा, तापसी पन्नू, नित्या मेनन, कीर्ति कुल्हाड़ी और शरमन जोशी इस प्रोजेक्ट की टीम में नजर आएंगे। इस फिल्म में भी अक्षय हल्की-फुल्की कॉमेडी करते दिखाई दे रहे हैं।

ये है फिल्म की कहानी

मिशन मंगल, भारत के पहले मंगलयान को लांच करने की कहानी है। फ़िल्म में दिखाया गया है कि कैसे वैज्ञानिकों ने तमाम निजी मुश्किलों से जूझते हुए मंगलयान जैसे महत्वाकांक्षी मिशन को अंजाम दिया। कड़ी मेहनत से टीम वर्क के ज़रिए लक्ष्य को हासिल किया और असफलताओं के बाद भी हार नहीं मानी तभी वे सफल हो सके।

मिशन मंगल
मिशन मंगल

पहले कुछ और था फिल्म का नाम

हाल ही में प्रमोशनल इवेंट में अक्षय कुमार ने फिल्म के पहले टाइटल का खुलासा किया था। उन्होंने कहा था कि मिशन मंगल को पहले 'मंगल महिला मंडल' नाम दिया गया था लेकिन फिल्म में अक्षय कुमार, शरमन जोशी सहित कुछ और पुरुष कलाकारों की अहम भूमिका होने की वजह से टाइटल को खारिज कर दिया गया। बाद में इसे मिशन मंगल टाइटल दिया गया।

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इस फिल्म में महिलाओं की काबिलियत और उनकी क्षमता को बखूबी दिखाया गया है। अक्षय ने एक इवेंट के दौरान कहा भी कि फिल्म का क्लियर मैसेज है कि महिलाएं पुरुषों के बराबर ही नहीं बल्कि बेहतर और ज्यादा ताकतवर होती हैं। जब मंगलयान भेजा गया था तो मेरी पत्नी ट्विंकल ने लिखा कि इसे मॉम (मार्स ऑर्बिटर मिशन) एक खास कारण से कहा गया। मैं चाहता हूं कि इस फिल्म को लोग अपने बच्चों के साथ देखें क्योंकि कुछ लोग सोचते हैं कि कुछ खास काम केवल पुरुष ही कर सकते हैं और हम इसी सोच को तोड़ना चाहते हैं। फिल्म को देखकर आप भी कहेंगे कि नारीशक्ति पुरुष से कम नहीं बल्कि ज्यादा ही है। उसे कम समझने की गलती न करें।

तो 15 अगस्त पर रिलीज हो रही मिशन मंगल के ट्रेलर पसंद किये गये और गाने भी। अब इंतजार है तो फिल्म का। जिसे देखकर फिर एक बार हमें अपने भारत पर, भारतीयों पर, नारीशक्ति पर गर्व हो सके।