खम्मम : विवादास्पद निर्माता रामगोपाल वर्मा की नव निर्मित फिल्म 'लक्ष्मी'स एनटीआर' तेलंगाना में धूम मचा रही है। रामगोपाल वर्मा की यह फिल्म 29 मार्च को रिलीज हुई है। मगर आंध्र प्रदेश में' लक्ष्मी'स एनटीआर' फिल्म रिलीज नहीं हुई है। इसके चलते वहां के दर्शक निराश है।

फिर भी एनटीआर के प्रशसंक और एपी के दर्शक इस फिल्म को देखने के लिए तेलंगाना के सीमावर्ती थिएटरों में देखने आ रहे हैं। इसी क्रम में खम्मम जिले के सत्तुपल्ली निर्वाचन क्षेत्र के थिएटरों में प्रदर्शित फिल्म को देखने के लिए आये दर्शकों के साथ साक्षी ने मुलाकात की।

इस अवसर पर एपी के दर्शकों ने फिल्म के बारे में 'साक्षी' को बताया कि रामगोपाल वर्मा ने चंद्रबाबू द्वारा एनटीआर के पीठ में छुरा घोंपने की राजनीतिक को बहुत अच्छी तरह से दिखाया गया है।

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रामगोपाल वर्मा की ‘लक्ष्मीज एनटीआर’ पर फिर लगी रोक

फिल्म देखने के बाद दर्शक वी जार्ज ने कहा कि चंद्रबाबू की षड्यंत्र राजनीतिक को रामगोपाल वर्मा ने बखूबी बताया है। यदि यह फिल्म आंध्र में रिलीज होती तो चंद्रबाबू का भंडाफोड़ हो जाता। इसीलिए इस फिल्म को एपी में रिलीज होने नहीं दिया गया। यह फिल्म देखने पर लोगों को पता चल जाएगा कि चंद्रबाबू नायुडू कितना बड़े धोखेबाज इंसान है।

एक अन्य दर्शक पी राधाकृष्ण ने कहा कि एपी में 'लक्ष्मी'स एनटीआर' को देखने का मौका नहीं है। एनटीआर को कितना दुख पहुंचाया गया। उस दिन सच में क्या हुआ। जानने के लिए फिल्म के देखने के लिए तेलंगाना आया है। एनटीआर को इतनी संतान और इतना बड़ा परिवार होते हुए भी किसी ने खाना तक नहीं खिलाया, यह जानकर बहुत दुख हुआ। लक्ष्मी पार्वती के नाम पर एनटीआर के खिलाफ कैसे कैसे षड्यंत्र रचा गया फिल्म के जरिए जान पाये हैं।

एक अन्य दर्शक कालेशा वली ने बताया कि बालकृष्ण की फिल्म को देखा हूं। बहुत फिल्म बोर फिल्म है। इतिहास को जानना हो तो लक्ष्मीस एनटीआर को देखना ही होगा। चंद्रबाबू ने एनटीआर के पीठ में किस तरह से छुरा घोंपा और कैसे सत्ता पर कब्जा किया है। देखकर आंखों में आंसू बह आये है। इस चुनाव में चंद्रबाबू के जरूर सबक सिखाया जाएगा।

एक और दर्शक बोम्मारेड्डी स्नेह रेड्डी ने कहा कि आंध्र प्रदेश में फिल्म लक्ष्मीस एनटीआर जानबूझकर रोका गया है। जब तक इस फिल्म को एपी में रिलीज नहीं करते तब तक इस फिल्म को देखने के लिए तेलंगाना में आते ही रहेंगे। यदि फिल्म रिलीज होती तो चंद्रबाबू को वोट नहीं गिरेंगे इसी डर से रिलीज होने से रोका गया।

एक अन्य दर्शक पी रामबाबू ने कहा कि एपी में लक्ष्मीस एनटीआर के प्रदर्शन पर कोर्ट ने स्टे दिया है। दिवंगत एनटीआर के जीवन के अंतिम पल में क्या हुआ, यह जानने के लिए ही फिल्म देखने के लिए आये है। फिल्म बहुत अच्छी है। यदि एपी में भी यह फिल्म रिलीज होती है तो एनटीआर के प्रशंसकों का जीवन धन्य होता।