मुंबई : अभिनेत्री-निर्माता प्रियंका चोपड़ा का कहना है कि उन्होंने अपने प्रोडक्शन हाउस की शुरुआत छोटी और क्षेत्रीय भाषा की फिल्मों से की, क्योंकि उन्हें लगा कि कुछ फिल्मों और कहानियों को उनकी जरूरत है।

प्रियंका ने मंगलवार रात अपने घरेलू बैनर पर्पल पेबल पिक्चर्स के तले बनी मराठी फिल्म 'वेंटिलेटर' को तीन श्रेणियों में पुरस्कार मिलने की खुशी का जश्न मनाया।

इस मौके पर उन्होंेने कहा, "बड़ी हस्तियां हिंदी फिल्में बनाती हैं। मैं एक छोटी फिल्म निर्माता हूं। मुझे लगा कि कुछ ऐसा फिल्में और कहानियां है जिन्हें मेरी सहायता और समर्थन की जरूरत है।"

प्रियंका ने इस सफलता का जश्न फिल्म के कलाकारों और यूनिट के सदस्यों के साथ मनाया, जिनमें आशुतोष गोवारिकर, फिल्म के निर्देशक राजेश मापुसकर आदि शामिल हुए। मीडिया के साथ बातचीत करने के दौरान उन्होंने बताया कि वह हमेशा बेहतरीन कहानियों वाली फिल्में बनाना चाहती हैं।

प्रियंका ने कहा, "कभी-कभी फिल्मकारों को दर्शकों के सामने अपनी कहानियां पेश करने का मौका नहीं मिल पाता और इसलिए मैं हमेशा किसी भी भाषा में बेहतरीन कहानी वाली फिल्में बनाना चाहती हूं।"

मराठी फिल्म 'वेंटिलेटर' ने 64वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ निर्देशन, सर्वश्रेष्ठ संपादन और सर्वश्रेष्ठ ध्वनि मिश्रण जैसी तीन श्रेणियों में पुरस्कार जीता है।

अभिनेत्री ने भोजपुरी फिल्म 'बम बम बोल रहा है काशी' और पंजाबी फिल्म 'सर्वानन' का भी निर्माण किया है।