Budget 2020 : बजट में करदाताओं को बड़ी राहत, 5 लाख तक कोई टैक्स नहीं

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण  - Sakshi Samachar

नई दिल्ली : देश-विदेश में सुस्त पड़ते आर्थिक परिदृश्य के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश कर दिया है। बजट को मिला-जुला बताया जा रहा है।

आम बजट की खास बातें :

  • करदाताओं को बड़ी राहत मिली है। पांच लाख तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं देना होगा।
  • ढाई लाख रुपये तक की आय कर मुक्त बनी रहेगी। ढाई लाख रुपये से पांच लाख रुपये तक की आय पर पांच प्रतिशत की दर से आयकर लागू होगा, लेकिन छूट के बाद पांच लाख रुपये तक की आय पर कर नहीं लगेगा।
  • नयी आयकर व्यवस्था वैकल्पिक होगी, करदाताओं को पुरानी व्यवस्था या नयी व्यवस्था में से चुनने का विकल्प होगा।
  • हम उर्वरकों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देंगे, प्रोत्साहित करने की व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा।
  • निजी क्षेत्र के लिये डेटा सेंटर पार्क स्थापित करने के लिये जल्द नीति लायी जाएगी।
  • तेजस की तरह और रेलगाड़ियां चलाई जाएंगी। मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड ट्रेन का काम आगे बढ़ाया जाएगा। बेंगलुरू उप-नगरीय रेलगाड़ी परियोजना में केंद्र सरकार 20 प्रतिशत शेयर पूंजी लगाएगी।
  • उड़ान योजना को बढ़ावा देने के लिए 100 और हवाई अड्डों का विकास किया जाएगा।
  • क्वांटम तकनीक एवं एप्लीकेशन पर पांच वर्ष में 8000 करोड़ रुपये व्यय करने का प्रस्ताव।
  • पीएम किसान के लाभार्थियों को किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ा जाएगा।
  • कृषि और संबद्ध गतिविधियों, सिंचाई और ग्रामीण विकास के लिये 2.83 लाख करोड़ रुपये आवंटित
  • ग्रामीण युवा ‘सागर मित्र' के रूप में मत्स्यन विस्तार आगे बढ़ाएंगे, 500 मत्स्यन किसान उत्पादक संगठन बनाये जाएंगे
  • स्वच्छ भारत अभियान के लिए 2020-21 के बजट में 12,300 करोड़ रुपये का आवंटन
  • समुद्री मत्स्यन संसाधन के विकास, प्रबंधन और संरक्षण की नयी व्यवस्था बनायी जाएगी, मछली उत्पादन 2022-23 तक बढ़ाकर 200 लाख टन किया जाएगा।
  • जल्द लाई जाएगी नई एजुकेशन पॉलिसी : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
  • बजट से लोगों की आय और क्रय शक्ति बढ़ेगी
  • गरीब छात्रों के लिए ऑनलाइन डिग्री प्रोग्राम का प्रावधान
  • जिला अस्पतालों में मेडिकल यूनिवर्सिटी का प्रावधान
  • एजुकेशन सेक्टर के लिए एफडीआई लाया जाएगा
  • अन्नदाता को सरकार ऊर्जादाता भी बनाएगी। उन्होंने 20 लाख किसानों के लिए सोलर पंप योजना की घोषणा की।
  • केंद्र सरकार पर कर्ज मार्च 2019 में घटकर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 48.7 प्रतिशत रह गया। जबकि मार्च 2014 में यह 52.2 प्रतिशत था।
  • मशीन लर्निंग, कृत्रिम मेधा (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस), आंकड़ा विश्लेषण जैसी प्रौद्योगिकी में तीव्र वृद्धि हो रही है, उत्पादक श्रेणी में आने वाले लोगों की संख्या सर्वाधिक : वित्त मंत्री
  • कृषि बाजार को उदार बनाने, खेती को प्रतिस्पर्धी बनाने, कृषि आधारित गतिविधियों को सहायता उपलब्ध कराने की जरुरत, सतत फसल प्रतिरुप और प्रौद्योगिकी की जरुरत : वित्त मंत्री
  • वित्त वर्ष 2014-15 से 2018-19 के दौरान 7.4 प्रतिशत की औसत आर्थिक वृद्धि हासिल की गयी। भारत दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हो गया : वित्त मंत्री
  • अप्रैल 2020 तक जीएसटी का आसान वर्जन आएगा : वित्त मंत्री
  • जल संकट वाले 100 जिलों के लिए लायी जाएगी विस्तृत योजना : वित्त मंत्री
  • 27.1 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए : वित्त मंत्री
  • 5 साल में औसत महंगाई दर 4.5 फीसदी रही : वित्त मंत्री
  • 5 साल में औसत जीडीपी ग्रोथ 7.4 फीसदी रही : वित्त मंत्री

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में बजट पेश किया। वह सदन में बजट पढ़ रही हैं।

संसद भवन पहुंची वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण। वह बजट से पूर्व कैबिनेट बैठक में वह शामिल हुईं। कैबिनेट से बजट को सहमति मिलेगी, इसके बाद ही बजट संसद में पेश किया जाएगा।


वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राष्ट्रपति भवन जाकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की और बजट पर मंजूरी ली। साथ में केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर एवं वित्त मंत्रालय से जुड़े अन्य अधिकारी रहे।


वित्त मंत्री सुबह 11 बजे लोकसभा में 2020-21 का आम बजट पेश करेंगी। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का यह पहला बजट होगा। बजट ऐसे समय पेश किया जा रहा है जब अर्थव्यवस्था सुस्ती के दौर में है। इस वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर पांच प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह दर 11 साल में सबसे निचली वृद्धि होगी।

भू-राजनीतिक क्षेत्र में तनाव व्याप्त है और दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार युद्ध के बाद अब कुछ शांति दिख रही है। ऐसे में घरेलू अर्थव्यवस्था को गति देना वित्त मंत्री के समक्ष सबस बड़ी चुनौती है। सीतारमण को बजट में 2025 तक देश को पांच हजार अरब डालर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में पहल करनी होगी। इसके लिये स्पष्ट खाका बजट में पेश किया जा सकता है।

आर्थिक समीक्षा में भी उद्योग जगत में विश्वास बढ़ाते हुये कारोबार सुगमता बढ़ाने सहित कई उपाय सुझाये गये हैं। सरकार ने निवेश प्रोत्साहन के लिये पिछले साल सितंबर में कारपोरेट कर दरों में बड़ी कटौती कर दी।

कंपनियों के लिये कर में बड़ी कटौती के बाद अब यह कयास लगाया जा रहा है कि व्यक्तिगत आयकर दरों में भी कटौती की जा सकती है। इसमें छूट की न्यूनतम सीमा को ढाई लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये किया जा सकता है। व्यक्तिगत आयकर स्लैब में बदलाव के साथ ही ऊंची आय वालों के लिये एक नया स्लैब बजट में रखा जा सकता है।

एक वरिष्ठ सरकारी सूत्र ने कहा, ‘‘पिछले चार महीने के दौरान उपभोक्ता विश्वास को बढ़ाने के लिये सरकार ने कई प्रोत्साहन उपायों की घोषणा की। लेकिन इसके बावजूद उपभोक्ता विश्वास नहीं बढ़ पाया है। बैंकों से कर्ज लेने वाले ज्यादा लोग नहीं आ रहे हैं। मकान और नई कार खरीदने वाले भी बाजार से दूर हैं।

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अर्थव्यवस्था में ‘फील गुड' कारक कहीं गुम हो गया है।'' सूत्र ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि नया बजट फील गुड वाला होगा। अर्थव्यवस्था में विश्वास बढ़ाने के उपाय किये जायेंगे। बजट में निवेश और खर्च बढ़ाने के हर संभव उपाय किये जा सकते हैं।''

ग्रामीण और कृषि क्षेत्र में मांग बढ़ाने के लिये पीएम किसान योजना के तहत राज्यों को अधिक से अधिक किसानों का योजना के तहत लाने के लिये नये उपाय घोषित किये जा सकते हैं। नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन, बिजली, सस्ते आवास, रियल एस्टेट और निर्यात प्रोत्साहन के क्षेत्र में नये प्रोत्साहनों की घोषणा की जा सकती है।

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