आम बजट 2020 : आसान नहीं सरकार की राह, वित्त मंत्री के सामने होंगी ये बड़ी चुनौतियां  

डिजाइन इमेज - Sakshi Samachar

नई दिल्ली : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को साल 2020-21 का आम बजट पेश करेंगी। हलवा रस्म के साथ बजट की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई है, लेकिन क्या मोदी सरकार देश की लगातार गिरती अर्थव्यवस्था को कुछ सहारा दे पाएगी? आम जनता के साथ तमाम बड़े उद्योगपतियों की उम्मीद सरकार से काफी ज्यादा है, पर क्या वित्त मंत्री उस पर खरी उतर पाएंगी। आइए जानते हैं बजट में उनसे क्या उम्मीदें हैं।

पीएम नरेंद्र मोदी ने आम बजट के स्वरूप के लिए सभी से राय मांगी है। सरकार लगातार तमाम उद्योगपतियों और आर्थिक जानकारों के साथ मुलाकात कर रही है। सरकार की कोशिश है कि आम बचट ऐसा हो, जिसमें आम जनता के साथ उद्योगपतियों के लिए वो सबकुछ हो, जिससे अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाया जा सके।

हलवा रस्म में शामिल वित्त मंत्री एवं अन्य अधिकारी

टैक्स स्लैब में कटौती और बदलाव

लगातार गिरती जीडीपी और बढ़ती महंगाई दर को नियंत्रित करना सरकार की सबसे बड़ी चुनौती है। आम बजट में सरकार की पूरी कोशिश आर्थिक सुस्ती को दूर करने पर होगा। इसके लिए सरकार मांग में तेजी लाने का प्रयास कर रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि बजट में टैक्स स्लैब में कटौती और बदलाव किया जा सकता है।

कॉन्सेप्ट इमेज

राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करना

गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) को लेकर सरकार को जो उम्मीदें थी, वह अब तक बेकार साबित हुई है। जीएसटी से कमाई के सारे दावे बेकार साबित हुए हैं और वह लक्ष्य से काफी पीछे है। इस वजह से राजकोषीय घाटा लगातार बढ़ रहा है। इस बजट में जीएसटी को लेकर कोई मूलभूत बदलाव देखने को मिल सकता है, जिसकी वजह से तय लक्ष्य के मुताबिक राजकोषीय घाटे को नियंत्रित किया जा सके। सरकार के सामने यह भी बड़ी चुनौती रहेगी।

भारतीय रिजर्व बैंक (फाइल फोटो)

एनपीए पर नजर

सरकारी बैंकों में एनपीए को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक और सरकार अलग-अलग बातें कर रही है। आरबीआई की मानें तो सितंबर महीने तक सरकारी बैंकों का NPA यानी फंसा कर्ज 9.9 फीसदी तक बढ़ गया है, जबकि सरकार की तरफ से कहा जा रहा है कि एनपीए अब कम होने लगा है। पिछले साल बैंकों ने 86.73 ट्रिलियन रुपये ही कर्ज दिया है। इसमें 7.2 फीसदी की गिरावट रही है। सरकार को एनपीए पर विशेष नजर रखनी होगी।

कॉन्सेप्ट इमेज

यह भी पढ़ें :

Union Budget 2020 : कैसा हो देश का बजट, आप भी दे सकते हैं अपनी राय

Union Budget 2020 : सुस्ती से जूझ रही ऑटो इंटस्ट्री को सरकार से है काफी उम्मीद

कॉर्पोरेट टैक्स पर फैसला

सरकार के लिए इस बजट में कॉर्पोरेट टैक्स पर फैसला एक बड़ी चुनौती होगा। पिछले बजट की घोषणा के बाद वित्त मंत्री ने उद्योग जगत की मांग को मानते हुए कॉर्पोरेट टैक्स को 30 फीसदी से घटाकर 22 फीसदी कर दिया। इससे सरकारी खजाने पर हर साल 1.5 लाख करोड़ रुपये का बोझ बढ़ गया है। ऐसे में सरकारी खजाने की भरपाई और उद्योग जगत की मांग के अनुरूप बजट में घोषणा करना वित्त मंत्री मंत्री के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।

Advertisement
Back to Top