नई दिल्ली : ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स की कमियों और खामियों ने डिजिटल मॉल के कांसेप्ट बढ़ावा दिया है। ई-कॉमर्स कम्पनियों की कई पेचीदी नीजियों के कारण रिटेलर्स और खरीदार मुश्किल में दिखाई दे रहे हैं और इसी कारण इन दिनों डिजिटल मॉल का कॉन्सेप्ट बल पकड़ता दिखाई दे रहा है।

ई-कॉमर्स व्यवसाय में कई नकारात्मक बातें सामने आई हैं। यह एक निष्पक्ष बाजार के मूल उद्देश्य को ही खत्म करता है। इसी तरह प्रोडक्ट की जालसाजी जैसे मुद्दे शॉपिंग करने वालों का मूड खराब करता है और उन्हें अपने पसंदीदा ब्रांड्स से दूर भी करते हैं। ऐसी परिस्थिति में ही गेम-चेंजिंग कॉन्सेप्ट जैसे डिजिटल मॉल ऑफ एशिया (डीएमए) की तस्वीर सामने आती है।

योकेशिया मॉल के संस्थापकों द्वारा गढ़े गए 'डिजिटल मॉल' और 'डिजिटल शॉप्स' का अनूठा समामेलन है डीएमए। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को विभिन्न रिटेल आउटलेट्स से ऑनलाइन शॉपिंग करने, हाइपरमार्केट तक पहुंच प्राप्त करने, भोजन की व्यवस्था करने, फिल्म देखने और बहुत कुछ के लिए एक प्लेटफार्म मुहैया कराना है।

यह नए युग का कॉन्सेप्ट है जो शून्य-कमीशन मॉडल पर चलने के लिए डिजाइन किया गया है। यह रिटेलर्स और विक्रेताओं को उनके मनचाहे शहर, टॉवर और फ्लोर पर एक दुकान किराए पर लेने में सक्षम बनाती है।

ग्राहक न केवल अपने ऑफलाइन स्टोर को क्रांतिकारी ई-कॉमर्स पोर्टल पर एकीकृत करने में सक्षम होंगे, बल्कि उन्हें अपने शहर में किसी विशेष उत्पाद श्रेणी या ब्रांड को बेचने के लिए विशेष अधिकार भी दिए जाएंगे। यह सुविधा रिटेलर्स के लिए एक बड़ी राहत के रूप में आएगी क्योंकि यह कृत्रिम हाइपर-प्रतिस्पर्धा को समाप्त करने में मदद करेगी - यह एक सामान्य चिंता है जो अभी भी विभिन्न ई-कॉमर्स पोर्टल्स पर दिखाई देती है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि रिटेलर्स को इस पोर्टल पर काम करने के लिए सिर्फ 10,000 रुपए का निश्चित किराया भुगतान करना होगा और वे किसी भी अतिरिक्त कमीशन का भुगतान करने से छुटकारा पा सकते हैं, जबकि ज्यादातर ई-कॉमर्स कंपनियां 5-35 प्रतिशत तक शुल्क वसूलती हैं। इससे रिटेलर संभवत: अपने प्रोडक्ट्स को कम कीमत पर बेच सकेंगे और और इस तरह उनकी लाभप्रदता में भी सुधार होगा। यह खरीदारी की संपूर्ण यात्रा को और अधिक किफायती व अंतिम ग्राहकों के लिए स्वागतयोग्य बनाएगा।

इसी तरह, चूंकि खरीदारों को प्राप्त करने के बाद प्रोडक्ट्स की पूरी तरह जांच करने की अनुमति होगी, इसलिए बड़े पैमाने पर जालसाजी के मुद्दे समाप्त किए जा सकते हैं और उपभोक्ता अंतिम भुगतान तभी कर सकेंगे जब वे पूरी तरह से संतुष्ट महसूस करते हैं।

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डिजिटल मॉल ऑफ एशिया के प्रबंध निदेशक और सीईओ ऋषभ मेहरा ने कहा, "हम जनवरी 2020 में लाइव होने को लेकर बेहद उत्साहित हैं। हम निश्चिंत है कि अत्याधुनिक और पहली बार दी जाने वाली सुविधाओं व ऑफरिंग के साथ हम भारतीय ई-कॉमर्स स्पेस में परिवर्तन लाएंगे। हकीकत तो यह है कि डीएमए जैसी अवधारणाएं हमारे देश के अधिकांश रिटेलर्स और खरीदारों के लिए एक आवश्यकता है, जो इस समय प्रोडक्ट्स की जालसाजी और कृत्रिम प्रतिस्पर्धात्मकता जैसी ई-कॉमर्स चिंताओं का सामना कर रहे हैं। हमारा उद्देश्य क्रमश: ऐसी चुनौतियों का समाधान करना और रिटेलर्स और खरीदारों की खरीदारी की यात्रा को सुरक्षित, संतोषजनक और बिना किसी परेशानी की बनाना है।"

डीएमए से भारतीय ई-कॉमर्स क्षेत्र में पूरी तरह से बदलाव आने की उम्मीद है। रिटेलर्स को आइटम बेचने और आकर्षक रिटर्न प्राप्त करने के लिए सुरक्षित निवेश मंच की पेशकश के अलावा, यह काफी हद तक खरीदारों को अपने डेटा को नियंत्रित करने में सक्षम करेगा, जो इस समय उपलब्ध नहीं है। इन सभी एडवांस टेक्नोलॉजी-ड्रिवन फीचर्स के साथ, डीएमए न केवल सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि भारतभर में ग्राहकों और रिटेलर्स के लिए समग्र परेशानीरहित खरीदारी और बिक्री अनुभव भी होगा।