नई दिल्ली : साल 2018 की तीसरी तिमाही में देश के उद्यमों को 2.6 करोड़ साइबर खतरों का सामना करना पड़ा, जोकि औसतन रोजाना 2.8 लाख खतरा है। वैश्विक आईटी सुरक्षा फर्म क्विक हील टेक्नॉलजीज की उद्यम इकाई सीकराइट ने एक नई रिपोर्ट में यह जानकारी दी है।

सीकराइट 'क्वाटरली थ्रेट रिपोर्ट क्यू3 2018' को बुधवार को जारी किया गया। इसमें बताया गया कि सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और आईटी-संचालित सेवाओं (आईटीईएस) कंपनियों की विभिन्न उद्योगों में सबसे अधिक 40 फीसदी खतरों का सामना करना पड़ा।

अन्य प्रमुख क्षेत्रों को जैसे विनिर्माण को 17.88 फीसदी, शिक्षा को 12.56 फीसदी, और आतिथ्य उद्योग को 9.17 फीसदी खतरों का सामना करना पड़ा।

क्विकहील टेक्नॉलजीज लि. के संयुक्त प्रबंध निदेशक और मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी संजय काटकर ने एक बयान में कहा, "इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि उद्यम आज अद्वितीय सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।"

काटकर ने कहा, "उद्यम नेटवर्क्‍स से जुड़े हरेक एंडप्वाइंट, हरेक नोड, हरेक डिवाइस हमलावरों के निशाने पर हैं, जो मूल्यवान जानकारियां चुरा कर उद्यम के परिचालन को बाधित करना चाहते हैं।"

-आईएएनएस