हैदराबाद : सांगठनिक कमजोरी, तेदेपा के साथ गठबंधन का काम नहीं आना और राज्य पार्टी नेतृत्व की कुछ कमजोरियां तेलंगाना विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन का कारण हो सकती हैं। यह बात बुधवार को पार्टी नेताओं ने कही।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एम. वीरप्पा मोइली ने इसके लिए राज्य स्तर पर खराब संगठन को जिम्मेदार ठहराया। वह पार्टी की केंद्रीय इकाई का हिस्सा थे जिसे चुनावी रणनीति बनाने का काम सौंपा गया था। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘सांगठनिक रूप से... हम ठीक से संगठित नहीं हैं। मैं हमेशा उनसे (तेलंगाना कांग्रेस इकाई) कहता रहा हूं कि आपको बेहतर तरीके से संगठित होना चाहिए, संगठन की कमी...तेलंगाना के लिए वास्तव में यही कठिनाई है।''

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उन्होंने कहा कि लोगों का मिजाज केसीआर के विरोध में था लेकिन कांग्रेस इसे नहीं भुना सकी। दशकों पुराने विरोध को दरकिनार करते हुए कांग्रेस और तेदेपा ने सात दिसम्बर को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए गठबंधन किया था ताकि टीआरएस का मुकाबला किया जा सके।

कांग्रेस नीत गठबंधन महज 19 सीटें जीत सकी जिसमें तेलंगाना जन समिति और भाकपा भी शामिल थे। तेदेपा को महज दो सीटें मिलीं। टीआरएस ने 119 सदस्यीय विधानसभा में 88 सीटें जीतकर फिर से सत्ता में वापसी की।