हैदराबाद : तेलंगाना विधानसभा चुनाव के नतीजे आने से एक दिन पहले सोमवार को भाजपा ने संकेत दिया कि अगर टीआरएस की सीटें कम आती है तो उसे समर्थन देने का विकल्प बंद नहीं हुआ है। साथ ही उसने कहा कि वह विपक्ष में बैठने के लिए तैयार है।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता जी वी एल नरसिम्हा राव ने कहा कि ज्यादातर एक्जिट पोल में तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस)  तेलंगाना में सत्ता पर काबिज होती दिख रही है और इसके सही साबित होने की संभावना है। त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में उनकी पार्टी के समक्ष उपलब्ध विकल्पों पर राव ने कहा कि अभी इस पर टिप्पणी करना मुश्किल है क्योंकि यह पता नहीं है कि टीआरएस को कितनी सीटें मिलने जा रही है।

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राव ने यह संकेत दिया कि कांग्रेस को विपक्ष में रखने के लिए भाजपा के. चंद्रशेखर राव से हाथ मिलाने से गुरेज नहीं करेगी। उन्होंने कहा, ‘‘ कांग्रेस या असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली एमआईएम से भाजपा को कोई मतलब नहीं होगा।''

उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा निश्चित तौर पर एक स्थायी सरकार चाहती है और त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में हम देखेंगे कि कौन हमारा समर्थन मांगता है, हम निश्चित तौर पर कांग्रेस या एमआईएम को समर्थन नहीं देंगे।'' साल 2014 के चुनाव में भाजपा ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली तेलुगु देशम पार्टी के साथ गठबंधन में पांच सीटें जीती थीं।

भाजपा सात दिसंबर को हुए चुनाव में अकेले उतरी थी जबकि तेदेपा कांग्रेस के नेतृत्व वाली पीपुल्स फ्रंट का हिस्सा थी। पीपुल्स फ्रंट में तेलंगाना जन समिति और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी शामिल हैं। शुक्रवार को आए एक्जिट पोल में भाजपा की सीटें ईकाई के आंकड़े पर रहने का अनुमान जताया है।

राव ने कहा, ‘‘हमने तेलंगाना चुनाव कांग्रेस और टीआरएस दोनों के खिलाफ लड़ा था इसलिए विपक्ष में बैठकर हम खुश होंगे। लोगों ने हमें यही भूमिका निभाने के लिए दी है और हम इस भूमिका को निभाकर भी खुश हैं।"