वसंत पंचमी का पर्व माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी को मनाया जाता है। इस बार यह पर्व 29 जनवरी, बुधवार को है। माना जाता है कि इस दिन विद्या की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती का जन्म हुआ था और यह पर्व उनके जन्मोत्सव के रूप में ही मनाया जाता है।

इस बार वसंत पंचमी के दिन सिद्धि व सर्वार्थसिद्धि योग जैसे दो शुभ मुहूर्त का संयोग भी बन रहा है। इसीलिए इसे विद्यारंभ, यज्ञोपवीत आदि संस्कारों व अन्य शुभ कार्यों के लिए श्रेष्ठ माना है। वसंत पंचमी पर मां सरस्वती की आराधना के साथ ही विवाह के शुभ मुहूर्त भी रहेंगे।

सोशल मीडिया के सौजन्य से 
सोशल मीडिया के सौजन्य से 

ऐसी रहेगी ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति

इस बार वसंत पंचमी इसलिए भी श्रेष्ठ है क्योंकि सालों बाद ग्रह और नक्षत्रों की स्थिति इस दिन को और खास बना रही है। इस बार तीन ग्रह खुद की ही राशि में रहेंगे। मंगल वृश्चिक में, बृहस्पति धनु में और शनि मकर राशि में रहेंगे। विवाह और अन्य शुभ कार्यों के लिए ये स्थिति बहुत ही शुभ मानी जाती है।

वसंत पंचमी अबूझ मुहूर्त वाले पर्वों की श्रेणी में शामिल है लेकिन इस दिन सिद्धि योग बनेगा और सर्वार्थ सिद्धि योग भी रहेगा। दोनों योग रहने से वसंत पंचमी की शुभता में और अधिक वृद्धि होगी।वहीं इस साल वसंत पंचमी को लेकर पंचांग भेद भी है इसलिए कुछ जगहों पर ये पर्व में 29 जनवरी और कई जगह पर 30 जनवरी को वसंत पंचमी मनाई जाएगी।

ज्योतिषियों के अनुसार पंचमी तिथि 29 जनवरी, बुधवार सुबह 10.46 से शुरू होगी जो अगले दिन यानी 30 जनवरी, गुरूवार दोपहर 1.20 तक रहेगी।

दोनों दिन पूर्वाह्न व्यापिनी तिथि रहेगी। धर्मसिंधु आदि ग्रंथों के अनुसार यदि चतुर्थी तिथि विद्धा पंचमी होने से शास्त्रोक्त रूप से 29 जनवरी बुधवार को वसंत पंचमी मनाना श्रेष्ठ रहेगा।

सोशल मीडिया के सौजन्य से 
सोशल मीडिया के सौजन्य से 

इस दिन होती है मां सरस्वती की पूजा

वसंत पंचमी यानी माघ शुक्ल पंचमी को ज्ञान और बुद्धि की देवी मां सरस्वती के प्राकट्य दिवस के रूप में वसंत पंचमी मनाया जाता है। इस मौके पर मां सरस्वती और भगवान श्री विष्णु जी की पूजा की जाती है और मौसम में आसानी से उपलब्ध होने वाले फूल चढ़ाए जाते हैं। कई जगह लेखनी और ग्रंथों की पूजा भी की जाती है।

इसे भी पढ़ें:

वसंत पंचमी 2020: जानें आखिर इस दिन पीले वस्त्र ही क्यों पहने जाते हैं, क्या है इसका महत्व

वसंत पंचमी 2020: इस दिन राशि अनुसार करेंगे मां सरस्वती की पूजा तो दूर होंगे कष्ट और मिलेगा शुभ फल

विद्यारंभ पर्व

वैवाहिक जीवन के लिए सर्वार्थसिद्धि और रवियोग का संयोग बनेगा। जो मांगलिक और शुभ कामों की शुरुआत करने एवं परिणय सूत्र में बंधने के लिए श्रेष्ठ है। वसंत पंचमी पर्व विद्यारंभ करने का शुभ दिन माना जाता है।