हिंदू धर्म में माघ माह का बड़ा महत्व होता है और इस महीने में आती है गुप्त नवरात्रि जिसमें देवी मां की पूजा विशेष तरीके से की जाती है। जहां नवरात्रि में नौ देवियों की पूजा होती है वहीं गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्या की पूजा की जाती है।

माघ गुप्त नवरात्रि 25 जनवरी, शनिवार से शुरू हो चुकी है। इन नौ दिनों में दस महाविद्या की विशेष रूप से साधना की जाती है वहीं इस पूजा में कई बातों का ध्यान भी रखना होता है क्योंकि अगर पूजा में किसी तरह की कोई गलती हो जाए तो इसका फल नहीं मिलता।

तो आइये यहां जानते हैं कि गुप्त नवरात्रि में आखिर क्या किया जाए और किस तरह की गलतियों से बचा जाए ....

जानें गुप्त नवरात्रि में क्या करें ...

- माघ मास की गुप्त नवरात्रि में देवी दुर्गा की पूजा विशेष रूप से की जाती है इसलिए कलश की स्थापना करके मां दुर्गा की विधि विधान से पूजा करें।

- यह नवरात्रि विशेष रूप से तंत्र साधना के लिए की जाती है। इसलिए आपको गुप्त नवरात्रि में गुप्त रूप से ही पूजा करनी चाहिए।

- गुप्त नवरात्रि में साधक को पूरे नौ दिनों तक मां दुर्गा की चौकी के आगे ही जमीन पर सोना चाहिए।

सोशल मीडिया के सौजन्य से 
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- इस नवरात्रि में अखंड ज्योति को विशेष महत्व दिया जाता है। इसलिए नवरात्रि के पहले दिन अखंड ज्योत अवश्य जलाएं।

- माघ गुप्त नवरात्रि में पूरे नौ दिन दुर्गा सप्तशती का पाठ अवश्य करें।

- गुप्त नवरात्रि में का व्रत यदि आप किसी कार्य सिद्धि के लिए कर रहे हैं तो फलाहार ही ग्रहण करें। यदि आप ऐसा नहीं कर सकते तो आप एक समय ही भोजन करें।

- यदि आप गुप्त नवरात्रि में तंत्र साधना कर रहे हैं तो यह रात के समय में ही करें और ध्यान रखें कि आपको न तो कोई देखे और न ही कोई टोके।

- गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा चैत्र और शारदीय नवरात्रि की तरह ही होती है इसलिए नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा को श्रृंगार अवश्य चढ़ाएं।

- माघ गुप्त नवरात्रि में विशेष रूप से पशु और पक्षियों की सेवा करें यदि आप ऐसा करते हैं तो आपको आपकी साधना का पूर्णफल प्राप्त होगा।

- गुप्त नवरात्रि में कन्या पूजन को भी विशेष महत्व दिया जाता है इसलिए जब आपको व्रत पूर्ण हो जाए तब आप कन्या पूजन अवश्य करें।

गुप्त नवरात्रि में न करें ये गलतियां

- सबसे पहली बात तो आपको माघ गुप्त नवरात्रि में यह याद रखनी चाहिए कि इसमें गुप्त रूप से पूजा की जाती है इसलिए किसी बंद कमरे में ही पूजा करें। यदि आप किसी खुले स्थान पर पूजा करते हैं तो आपको आपकी पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होगा।

सोशल मीडिया के सौजन्य से 
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- गुप्त नवरात्रि में साधक को अपने सभी काम स्वयं ही करने चाहिए। यदि आप अपना कोई भी काम दूसरों से कराते हैं तो आपको इस व्रत के पूर्ण फलों की प्राप्ति नहीं होगी।

- माघ गुप्त नवरात्रि में आपको चमड़े की किसी भी वस्तु का प्रयोग बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। यदि आप ऐसा करते हैं तो आपको मां दुर्गा के क्रोध का सामना करना पडे़गा।

- गुप्त नवरात्रि में आपको दाढ़ी, बाल आदि बिल्कुल नहीं बनवाने चाहिए क्योंकि ऐसा करने से आपको अशुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है।

- गुप्त नवरात्रि में किसी पर भी गुस्सा नहीं करना चाहिए और न ही किसी को अपशब्द बोलने चाहिए। यदि आप ऐसा करते हैं तो आपको अपने पुण्य फलों की प्राप्ति नहीं होगी।

- गुप्त नवरात्रि में आपको पूजा करते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि आपको पूजा करते समय कोई न देखें नहीं तो आपको इस पूजा के पूर्ण फल प्राप्त नहीं होंगे।

- माघ गुप्त नवरात्रि में आपको किसी भी कन्या को मारना या उसका अपमान नहीं करना चाहिए। यदि आप ऐसा करते हैं तो आपको इसके भंयकर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

- आपको माघ नवरात्रि में लहसुन, प्याज और मांसाहार का प्रयोग बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए क्योंकि आपका ऐसा करना आपके घर में कई तरह की मुसीबत ला सकता है।

- माघ गुप्त नवरात्रि में किसी पशु पक्षी को न तो मारें और न हीं सताएं। ऐसा करना आपको अशुभ फलों की प्राप्ति करा सकता है।

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- गुप्त नवरात्रि में आपको शराब का सेवन भी बिल्कुल नहीं करना चाहिए। आपका ऐसा करना आपको कई प्रकार की मुसीबत में डाल सकता है।

तो देखा आपने कि कैसे इन बातों को जानकर आप अपनी गुप्त नवरात्रि पूजा को सफल बनाकर मनचाहा वरदान पा सकते हैं।