हिंदू धर्म में माघ माह का बड़ा महत्व है। इस महीने स्नान-दान का विशेष महत्व होता है वहीं इस माह की अमावस्या को तो पुण्य अर्जित करने के लिए कई तरह के शुभ कर्म किये जाते हैं। वहीं कुछ कामों को इस दिन करने की मनाही भी होती है जिससे कि हमें किसी तरह का कोई अशुभ फल न प्राप्त हो।

इस दिन स्नान-दान के साथ ही मौन व्रत का भी महत्व होता है। इस बार मौनी अमावस्या 24 जनवरी को मनाई जाएगी।

तो आइये यहां जानते हैं कि आखिर इस दिन क्या करें और क्या न करें ...

शुभ फल प्राप्ति के लिए मौनी अमावस्या पर क्या करें ...

- सबसे पहले तो यह जान लें कि मौनी अमावस्या के दिन मौन व्रत रखने का बड़ा महत्व है। इसलिए इस दिन मौन व्रत धारण अवश्य करें। यदि आप पूरे दिन का मौन व्रत नहीं रख सकते तो आप वहीं पर बोलें जहां आपको इसकी अत्यधिक अवश्यकता पड़े। वह भी बहुत धीरे और मीठे स्वर में बोलें।

सोशल मीडिया के सौजन्य से 
सोशल मीडिया के सौजन्य से 

- मौनी अमावस्या के दिन किसी पवित्र नदी, जलाशय, तालाब आदि में स्नान अवश्य करना चाहिए। यदि यह संभव न हो तो अपने नहाने के पानी में गंगाजल डालकर अवश्य नहाएं।

- इस दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है इसलिए स्नान के बाद उगते हुए सूर्य को अर्घ्य अवश्य दें। ऐसा करने से आपके पितरों को भी इसका शुभफल प्राप्त होगा।

- मौनी अमावस्या के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से सभी प्रकार के सुखों की प्राप्ति होती है। इसलिए भगवान विष्णु की पूजा इस दिन अवश्य करें।

- मौनी अमावस्या के दिन जो भी दान दें उसे निस्वार्थ भाव से दें क्योंकि इस दिन दिए दान का फल न केवल इस जन्म में बल्कि कई जन्मों तक प्राप्त होता है।

- मौनी अमावस्या के दिन कुछ भी खाते समय बिल्कुल भी आवाज नहीं निकालनी चाहिए क्योंकि इस दिन किसी भी तरह की आवाज को निकालना वर्जित माना जाता है।

- मौनी अमावस्या के दिन काले तिल के लड्डू बनाकर गाय को अवश्य खिलाने चाहिए। ऐसा करने से आपके पितरों को इसका पुण्य फल प्राप्त होगा और इस अन्न का भाग भी उन्हें प्राप्त होगा।

सोशल मीडिया के सौजन्य से 
सोशल मीडिया के सौजन्य से 

- इस दिन पीपल के पेड़ की 108 बार परिक्रमा अवश्य करें और कच्चा सूत बांधें। इसके साथ ही अपने पितरों के नाम से पीपल के वृक्ष पर कच्चा दूध अवश्य अर्पित करें।

- यदि आप मौनी अमावस्या के दिन किसी को दान दे रहे हैं तो आपको इस दिन बिना बोले दान देना चाहिए।

- मौनी अमावस्या के दिन काले तिल और काले कंबल का दान विशेष रूप से किया जाता है इसलिए इन चीजों का दान किसी निर्धन व्यक्ति या ब्राह्मण को अवश्य करें।

मौनी अमावस्या पर न करें ये काम ...

- मौनी अमावस्या के दिन पानी को गर्म करके बिल्कुल भी नहीं नहाना चाहिए। ऐसा करना शास्त्रों में वर्जित माना गया है।

- इस दिन शरीर में तेल बिल्कुल भी नहीं लगाना चाहिए क्योंकि शास्त्रों के अनुसार इस दिन शरीर पर तेल लगाना वर्जित माना गया है। यदि आप ऐसा करते हैं तो आपको मौनी अमावस्या के व्रत का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होगा।

- मौनी अमावस्या के दिन श्रृंगार करना भी वर्जित माना गया है। इसलिए महिलाओं को सिर्फ वही श्रृंगार करना चाहिए जो उनके सुहाग से जुड़ा हो। इसके अलावा अन्य श्रृंगार इस दिन बिल्कुल भी न करें।

- इस दिन भूलकर भी शमशान, कब्रिस्तान आदि जगहों पर नहीं घूमना चाहिए क्योंकि माना जाता है कि इस दिन इन जगहों पर बुरी शक्तियां अपने पूर्ण प्रभाव में होती हैं।

- मौनी अमावस्या के दिन घर में किसी तरह का कलेश नहीं करना चाहिए क्योंकि यह दिन पितरों को समर्पित है और यदि आप ऐसा करते हैं तो आपको अपने पितरों के क्रोध का सामना करना पड़ सकता है।

- इस दिन मौन व्रत रखा जाता है। इसलिए भूलकर भी मौनी अमावस्या के दिन किसी को अपशब्द नहीं बोलने चाहिए और न ही इस दिन किसी से झूठ बोलें।

- मौनी अमावस्या के दिन पीपल की पूजा विशेष रूप से की जाती है लेकिन इस दिन पीपल का स्पर्श नहीं किया जाता। इसलिए भूलकर भी इस दिन पीपल का स्पर्श न करें।

सोशल मीडिया के सौजन्य से 
सोशल मीडिया के सौजन्य से 

- यह दिन पितरों का दिन माना जाता है। इसलिए भूलकर भी इस दिन मांसाहार का प्रयोग न करें और न ही घर में किसी को करने दें।

- मौनी अमावस्या के दिन शराब का सेवन भी आपको बिल्कुल नहीं करना चाहिए क्योंकि यदि आप ऐसा करते हैं तो आपको अपने पितरों को क्रोध का सामना करना पड़ सकता है।

इसे भी पढ़ें :

जानें कब है मौनी अमावस्या, महत्व व स्नान-दान का शुभ-मुहूर्त

मौनी अमावस्या 2020: जानें आखिर इस दिन क्यों रखा जाता है मौन, क्या है इसका महत्व

- इस दिन किसी भी पशु, निर्धन व्यक्ति या ब्राह्मण को परेशान नहीं करना चाहिए और न ही इनका अपमान करना चाहिए। यदि आप ऐसा करते हैं तो आपको जीवन भर पितृ दोष का सामना करना पड़ सकता है।