माघ मास का हिंदू धर्म में बड़ा महत्व है। इस माह स्नान-दान का विशेष महत्व है। तीर्थ स्थानों पर भी इस दिन पवित्र स्नान करने के लिए लोग जमा होते हैं। माघ माह की अमावस्या को माघी अमावस्या या मौनी अमावस्या भी कहते हैं। इस दिन पूजा-पाठ के साथ ही कई तरह के खास उपाय भी किये जा सकते हैं जिससे कई तरह के दोषों से मुक्ति मिल सकती है।

इन दोषों में से ही एक है कालसर्प दोष। अगर आपकी कुंडली में कालसर्प दोष है और आप इससे मुक्ति पाना चाहते हैं तो इस दिन कुछ खास उपाय करने से आपको इससे मुक्ति मिल सकती है।

तो आइये जानते हैं कि क्या है वे उपाय ..

- तो सबसे पहले आता है यह उपाय। मौनी अमावस्या के दिन पवित्र नदी में स्नान करने के बाद एक चांदी के नाग- नागिन के जोड़े की पूजा करें और इन पर सफेद फूल अर्पित करें और सफेद फूलों के साथ ही किसी बहते हुए जल में इन्हें प्रवाहित कर दें और उनसे प्रार्थना करें कि आपको जल्द ही इस दोष से मुक्ति मिल जाए।

- मौनी अमावस्या के दिन स्नान करने के बाद लघु रूद्र का पाठ स्वयं करें। यदि आप ऐसा नहीं कर सकते तो आप इसका पाठ किसी योग्य ब्राह्मण से भी करा सकते हैं। आपको यह पाठ विधि- विधान के साथ ही करवाना चाहिए नहीं तो आपको इसका लाभ प्राप्त नहीं हो पाएगा।

- कालसर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए आपको मौनी अमावस्या के दिन नवनाग स्तोत्र का पाठ अवश्य करना चाहिए और अपने सामर्थ्य के अनुसार किसी निर्धन व्यक्ति या ब्राह्मण को दान भी अवश्य देना चाहिए।

सोशल मीडिया के सौजन्य से 
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- मौनी अमावस्या के दिन स्नान करने के बाद किसी शिव मंदिर में अवश्य जाएं और शिवलिंग पर तांबे के नाग और नागिन अवश्य चढ़ाएं। इसके बाद वहां बैठकर महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें और भगवान शिव से कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए प्रार्थना करें।

- कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए मौनी अमावस्या के दिन सफेद फूल, बताशे, कच्चा दूध, सफेद कपड़ा, चावल और सफेद मिठाई बहते जल में प्रवाहित करें और शेषनाग से इस दोष से मुक्ति के लिए प्रार्थना करें।

- मौनी अमावस्या के दिन पीपल की पूजा अवश्य करें। इस दिन शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे घी का दीपक अवश्य जलाएं।

- इस दिन आपको काले हकीक की माला से राहु ग्रह के मंत्र और ऊँ रां राहवे नमः मंत्र का जाप अवश्य करना चाहिए। ऐसा करन से भी आपको कालसर्प दोष से मुक्ति मिलेगी।

सोशल मीडिया के सौजन्य से 
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- मौनी अमावस्या के दिन शिव मंदिर में जाकर नाग देवता की पूजा करें और उनसे इस दोष से मुक्ति पाने के लिए प्रार्थना करें।यदि आप ऐसा करते हैं तो आपको जल्द ही कालसर्प दोष से मुक्ति मिल जाएगी।

- मौनी अमावस्या के दिन कालसर्प यंत्र की स्थापना करें और भगवान शिव के पंचाक्षरी मंत्र और ऊं नम: शिवाय का जाप करें और रोज इस यंत्र के आगे घी या सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए। ऐसा करने से आपको जल्द ही कालसर्प दोष से मुक्ति मिल जाएगी।

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- इस दिन आपको किसी सांप को सपेरे से खरीद कर उसे जंगल में छोड़ कर आना है। यदि आप ऐसा करते हैं तो भी आपको जल्द ही कालसर्प दोष से मुक्ति मिल जाएगी।