बुध प्रदोष व्रत: शिव के साथ यूं करें गणेश की पूजा, मिलेगा सुख-समृद्धि के साथ बुद्धि का वरदान  

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हर माह त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत किया जाता है और इस दिन पूरे विधि-विधान से भोलेनाथ की पूजा की जाती है। हर माह दो प्रदोष व्रत होते हैं। एक प्रदोष व्रत कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को और दूसरा शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को पड़ता है।

साल का दूसरा प्रदोष व्रत 22 जनवरी, बुधवार को है। बुधवार को पड़ने से यह प्रदोष व्रत बुध प्रदोष कहलाता है। माना जाता है कि बुध प्रदोष व्रत करके कोई भी व्यक्ति अपने बच्चों की बुद्धि और स्वास्थ्य को ठीक कर सकता है।

बुध प्रदोष व्रत के दिन विधि विधान से भगवान शिव की पूजा करने से सभी कष्टों का नाश होता है और सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। प्रदोष व्रत का पूजन शाम के समय सूर्यास्त से पहले और ठीक बाद में किया जाता है।

बुध प्रदोष व्रत मुहूर्त

माघ मास की त्रयोदशी तिथि का प्रारंभ 22 जनवरी दिन बुधवार को तड़के 01 बजकर 44 मिनट से हो रहा है, जो अगले दिन 23 जनवरी दिन गुरुवार को तड़के 01 बजकर 48 मिनट तक रहेगी।

22 जनवरी को शाम 05 बजकर 51 मिनट से रात 08 बजकर 32 मिनट तक पूजा की जा सकती है।

बुध प्रदोष पर ऐसे करें भगवान शिव और गणेश जी की पूजा ...

- बुध प्रदोष के दिन नहा-धोकर साफ हल्के रंग के कपड़े पहनें

- भगवान गणेश जी के सामने घी का दीया जलाकर गं मन्त्र का 108 बार जाप करें

-सारा दिन भगवान शिव के मन्त्र नमः शिवाय का जाप करें।

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-शाम के समय प्रदोष काल में भगवान शिव को पंचामृत (दूध दही घी शहद और शक्कर) से स्नान कराएं उसके बाद शुद्ध जल से स्नान कराकर रोली मौली चावल धूप दीप से पूजन करें।

- भगवान शिव को सफेद चावल की खीर का भोग लगायें।

- आसन पर बैठकर शिवाष्टक का पाठ करें तथा सारे विघ्न और दोषों को खत्म करने की प्रार्थना भगवान शिव से करें।

- पूजा संपन्न होने के बाद प्रसाद परिजनों को भी दें और स्वयं भी ग्रहण करें।

बुध प्रदोष व्रत से होते हैं ये लाभ

- बच्चों की जन्मकुंडली के लग्न भाव मे पापी ग्रहों के होने तथा लग्नेश के नीच राशि मे जाने से स्वास्थ्य में बाधा आती है

- स्वास्थ्य के कारक सूर्य पीड़ित होने से भी सेहत अच्छी नहीं रहती है

- बुधवार के दिन देसी घी का चौमुखी दीपक शाम के समय शिवलिंग के समीप जलायें

- शिव चालीसा का तीन बार पाठ करें ऐसा करने से बच्चों के स्वास्थ्य की परेशानी खत्म होगी

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- बच्चों के स्वास्थ्य की समस्या खत्म होने पर बीमार बच्चों को दवा और कपड़ों का दान जरूर करें

- कुशाग्र बुद्धि और स्वास्थ्य के लिए लग्न लग्नेश तथा बुध और गुरु सूर्य का शुभ और बलवान होना जरूरी होता है

- अपने स्नान के जल में गंगाजल डालकर स्नान करें ऐसा लगातार करने से सभी ग्रह शुभ प्रभाव देना शुरू कर देते है

- अपने घर की उत्तर पूर्व दिशा (ईशान कोण) में मिट्टी के बर्तन में जल भरकर रखें तथा समय समय पर इसका जल बदलते रहे

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- अपनी और अपने बच्चों की बुद्धि के लिए बुध प्रदोष व्रत के दिन सुबह और शाम के समय भगवान गणेश के सामने हरी इलायची अर्पित करें

- और 27 बार ॐ बुद्धिप्रदाये नमः मन्त्र का सुबह शाम जाप करें तथा प्रसाद के रूप में इलायची खाएं

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