माघ मास के कृष्णपक्ष की एकादशी को षटतिला एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस दिन तिल दान, तिल सेवन व साथ ही तिल से ही भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। इस साल यह एकादशी 20 जनवरी, सोमवार को है।

षटतिला एकादशी में काले तिल से विष्णु जी का पूजन करने का महत्व बताया जाता है। इस व्रत को करने से अनेक प्रकार के पाप नष्ट हो जाते हैं।

सोशल मीडिया के सौजन्य से 
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साथ ही एकादशी के कई नियम भी होते हैं जिसके अंतर्गत कई ऐसे काम भी है जिन्हें इस दिन करने की मनाही होती है। इस व्रत को रखने वाले व्यक्ति को भूलकर भी ये काम नहीं करने चाहिए। वरना उन्हें व्रत का फल नहीं मिलता साथ ही अनिष्ट होने का डर भी बना रहता है।

आइए यहां जानते हैं आखिर क्या है वो काम जो इस दिन नहीं करने चाहिए ....

- सबसे पहले तो यह जान लें कि एकादशी के दिन कांसे के बर्तन में भोजन नहीं करना चाहिए।

- इस दिन मांस का सेवन भी नहीं किया जाना चाहिए।

- मसूर की दाल का सेवन भी नहीं करना चाहिए।

- शहद के सेवन की भी मनाही होती है।

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- दूसरे का अन्न भी ग्रहण नहीं करना चाहिए।

- व्रत वाले दिन जुआ नहीं खेलना चाहिए।

- इस व्रत में नमक, तेल और अन्न का सेवन वर्जित माना गया है।

- एकादशी के दिन क्रोध का त्याग करना चाहिए।

- एकादशी के दिन पान खाना, दातुन करना, दूसरे की निंदा करना तथा किसी की चुगली भी नहीं करनी चाहिए।

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षटतिला एकादशी का शुभ मुहूर्त-

षटतिला एकादशी 20 जनवरी को प्रात: 2 बजकर 51 मिनट पर लग रही है जो कि 21 जनवरी को प्रात: 2 बजकर 5 मिनट तक रहेगी।