नई दिल्ली : भारत और विश्व इतिहास में 15 जनवरी की तारीख भारत और नेपाल में 1934 में आए भीषण भूकंप की दुखद घटना के साथ दर्ज है। भारत के बिहार राज्य और पड़ोसी नेपाल के सीमावर्ती इलाके में आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 8.4 आंकी गई। इस भूकंप में करीब 11,000 जानें गई थी और भारी नुकसान हुआ था।

देश दुनिया के इतिहास में 15 जनवरी की तारीख पर दर्ज कुछ अन्य महत्त्वपूर्ण घटनाएं इस प्रकार है :-

1759 : लंदन के मोंटेगुवे हाउस में मानवीय इतिहास और सभ्यता पर आधारित दुनिया के सबसे बड़े संग्रहालयों में से एक ब्रिटिश संग्रहालय की स्थापना हुई।

1784 : विलियम जोंस ने कोलकाता के फोर्ट विलियम में एशियाटिक सोसायटी की स्थापना की। बाद में इसका नाम एशियाटिक सोसायटी ऑफ बंगाल हो गया। 1934 : भारत में बिहार और नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में आए जबरदस्त भूकंप से करीब 11 हजार लोगों की मौत।

1949 : के एम करियप्पा ने भारतीय थल सेना के पहले कमांडर-इन-चीफ का पदभार ग्रहण किया। उस दिन से 15 जनवरी को सेना दिवस के रूप में मनाया जाता है।

1956 : बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती का जन्म।

1965 : भारतीय खाद्य निगम की स्थापना।

1986 : जनरल के एम करियप्पा :सेवानिवृत्त: को आजन्म मानद फील्ड मार्शल बनाया गया।

1986 : इंडियन एयरलाइंस की एक वाणिज्यिक यात्री उड़ान को पहली बार केवल महिला चालक दल ने संचालित किया।

1988 : भारत के पूर्व गेंदबाज नरेंद्र हिरवानी ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुये वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने पहले टेस्ट मैच में ही 16 विकेट लिए।

1998 : भारत के भूतपूर्व कार्यकारी प्रधानमंत्री गुलज़ारीलाल नन्दा का निधन। 2001 : विकिपीडिया लॉन्‍च हुआ।

2008 : खगोलविदों ने धरती से 25 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर की आकाश गंगा पर जीवन के लिये जरूरी तत्व खोजने का दावा किया।

2009 : दादा साहेब फाल्के पुरस्कार विजेता एवं प्रसिद्ध फ़िल्म निर्माता तपन सिन्हा का निधन।

2010 : तीन घंटे से भी अधिक की अवधि वाला शताब्दी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण लगा। भारत में यह 11 बजकर 06 मिनट पर शुरू होकर 3 बजकर पाँच मिनट पर खत्म हुआ।

साल 1949 में आज ही के दिन भारत के अंतिम ब्रिटिश कमांडर-इन-चीफ जनरल फ्रांसिस बुचर के स्थान पर तत्कालीन लेफ्टिनेंट जनरल के एम करियप्पा भारतीय सेना के कमांडर इन चीफ बने थे। करियप्पा बाद में फील्ड मार्शल भी बने। भारतीय सेना का गठन 1776 में ईस्ट इंडिया कंपनी ने कोलकाता में किया गया था। भारतीय सेना की 53 छावनियां और 9 आर्मी बेस हैं।