नई दिल्ली : देश में प्रदूषण सबसे बड़ा खतरा बनकर उभरा है। राजधानी दिल्ली समेत कई ऐसे शहर हैं, जहां खुली हवा में सांस लेना जहर की तरह है। भारत के कई शहर विश्व के सबसे प्रदूषित शहरों की लिस्ट में शामिल किए गए हैं। बढ़ते प्रदूषण को रोकने और लोगों में जागरूकता लाने के लिए हर साल 2 दिसंबर को राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस मनाया जाता है।

राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक आपदा के प्रबंधन और नियंत्रण के प्रति लोगों के बीच जागरूकता फैलाना है। इसके अलावा हवा, पानी और मिट्टी को प्रदूषित होने से बचाना और बढ़ते प्रदूषण के प्रति समाज में जागरुकता लाना है।

गैस त्रासदी में मृत लोगों को श्रद्धांजलि देते लोग
गैस त्रासदी में मृत लोगों को श्रद्धांजलि देते लोग

भोपाल गैस त्रासदी से कनेक्शन

दरअसल, राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस भोपाल गैस त्रासदी में मारे गए लोगों की याद में मनाया जाता है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 2-3 दिसंबर, 1984 की रात गैस लीक होने से दुनिया की सबसे बड़ी त्रासदी हुई थी।

यूनियन कार्बाइड कंपनी
यूनियन कार्बाइड कंपनी

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भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड कंपनी के रासायनिक संयंत्र से जहरीले रसायन मिथाइल आइसोसाइनेट गैस के रिसाव की वजह से तकरीबन 3787 लोग मारे गए थे। इतना ही नहीं, लाखों लोग बुरी तरह से प्रभावित भी हुए थे।

आज भी लोगों में उसका प्रभाव नजर आता है। प्रदूषण और उसके नुकसान के प्रति जागरुक करने के लिए ही देशभर में प्रत्येक वर्ष 2 दिसंबर को राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस मनाया जाता है।