हैदराबाद : आयर लेडी के नाम से मशहूर देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की आज 102वीं जयंती है। उनका जन्म 19 नवंबर 1917 को इलाहाबाद में हुआ था। भारतीय राजनीति के इतिहास में इंदिरा गांधी को विशेष रूप से याद रखा जाता है। इंदिरा गांधी ही थीं जिनके बुलंद हौसलों के आगे पूरी दुनिया ने घुटने टेके थे। इंदिरा भारत की तीसरी प्रधानमंत्री थी। इंदिरा गांधी जिस तरह आज भी अपने ठोस फैसलों के लिए जानी जाती है उसी तरह वह अपने विचारों के लिए भी जानी जाती है।

- इंदिरा गांधी ने कहा था कि मेरे सभी खेल राजनीतिक खेल होते थे ; मैं जोन ऑफ आर्क की तरह थी , मुझे हमेशा दांव पर लगा दिया जाता था।

- उन मंत्रियों से सावधान रहने की जरूरत है जो बिना पैसे के कुछ नहीं कर सकते और उनसे भी जो पैसे लेकर कुछ भी करने की बात करते हैं।

- आपको किसी भी कार्य करते समय मध्य में रहना चाहिए परंतु प्रतिक्रिया देते समय जोश से भरा हुआ होना चाहिए।

- इंदिरा गांधी ने कहा था कि, वहां प्रेम नहीं है जहां इच्छा नहीं है।

- इस संसार में लोग अपने कर्तव्यों को भूल जाते हैं पर अधिकारों को जरूर याद रखते हैं

- उन्होंने कहा था कि शहादत कुछ भी खत्म नहीं करती है वह महज एक शुरूआत ।

- मेरे दादाजी ने मुझसे कहा था इस संसार में दो प्रकार के लोग होते हैं एक तो वह जो काम करते हैं और दूसरे जो काम का श्रेय लेते हैं, इस पर उन्होंने मुझे सलाह दी थी कि पहले वाले समूह में रहने की कोशिश करो।

इसे भी पढ़ें :

जन्मदिन विशेष : भारत की आयरन लेडी इंदिरा गांधी, फैशन के मामले में थीं लाजवाब

इन यादगार तस्वीरों से जानिए इंदिरा गांधी के जीवन के कुछ यादगार पल

- इंदिरा गांधी जी ने कहा था यदि मैं अपने देश के लिए सेवा करते हुए मर भी जाऊं तो मुझे बहुत गर्व होगा क्योंकि मेरे खून की एक-एक बूंद देश की तरक्की और इसे मजबूत बनाने में योगदान करेगी।

- उन्होंने कहा था कि आपको गतिविधि के समय स्थिर रहना और विश्राम के समय क्रियाशील रहना सीख लेना चाहिए।