काल भैरव को भगवान शिव का ही रूप माना जाता है। काल भैरव अष्टमी जिसे कालाष्टमी भी कहते हैं इस दिन इनका प्राकट्य हुआ था इसीलिए इनकी विधि-विधान से पूजा की जाती है।

माना जाता है कि काल भैरव अपने भक्तों पर सदैव कृपा बनाए रखते हैं और इनकी पूजा करने से घर से नकारात्मक शक्तियां भी दूर हो जाती है। साथ ही काल भैरव की पूजा से शत्रुओं पर भी विजय प्राप्त होती है।

इस बार काल भैरव अष्टमी 19 नवंबर मंगलवार को है। कहते हैं कि इस दिन पूजा करने के साथ ही अगर भैरव बाबा की पसंद का भोग लगाया जाए और कुछ खास उपाय किये जाए तो भक्त के सभी संकट दूर हो जाते हैं और मनोवांछित फल मिलता है।

कालाष्टमी पर लगाएं इस चीज का भोग

काल भैरव अष्टमी जिसे कालाष्टमी के दिन भगवान भैरव को काली उड़द की दाल से बनी चीजों का भोग लगाया जाता है। इस दिन काली उड़द की दाल से बनी हर चीज को सरसों के तेल में बनाया जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन उड़द दाल से बने दही बड़े, गुलगुले, कचौड़ी आदि का भोग लगाने से काल भैरव भक्तों पर झट से प्रसन्न होते हैं।

इन उपायों से प्रसन्न होंगे काल भैरव 
इन उपायों से प्रसन्न होंगे काल भैरव 

तो आप भी भैरव बाबा को इन चीजों का भोग लगाएं और मनचाहा फल पाएं।

भैरव बाबा को प्रसन्न करने के लिए खास उपाय ...

- भैरव बाबा के लिए कालाष्टमी की रात को उड़द के आटे की मीठी रोटी बनाएं उस रोटी पर तेल लगाएं और किसी कुत्ते को खिला दें। इस दिन काले कुत्ते को खिलाना ज्यादा शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि इससे कालभैरव बहुत खुश हो जाते हैं।

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- कालाष्टमी की रात को आप काल भैरव को सवा सौ ग्राम साबुत काली उड़द चढ़ाएं। इसके बाद 11 दाने अलग रख लें और ये दाने अपने कार्यस्थल पर रख लें। इससे काम में उन्नति मिलेगी।

भैरव बाबा को लगाएं इस खास चीज का भोग 
भैरव बाबा को लगाएं इस खास चीज का भोग 

- कालाष्टमी की रात साबुत उड़त दाल, लाल फूल, लाल मिठाई शाम के समय भगवान कालभैरव को चढ़ा दें। इसके बाद इसे परिवारवालों के बीच बांट दें। इससे परिवार में क्लेश नहीं होगा और लक्ष्मी का वास होगा।

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- काल भैरव अष्टमी के दिन ऐसे भैरव मंदिर में जाएं जिसमें कम ही लोग जाते हो। रविवार की सुबह सिंदूर, तेल, नारियल, पुए और जलेबी लेकर वहां जाएं।

भैरव नाथ का पूजन करें। इसके बाद 5 से 7 साल तक के लड़कों को चने-चिरौंजी, तेल, नारियल, पुए और जलेबी का उन्हें प्रसाद दें। ध्यान रखें अपूज्य भैरव नाथ की पूजा करने से भैरव नाथ बेहद प्रसन्न होते हैं।