सूर्यदेव हर महीने एक से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं और इसे संक्रांति के तौर पर जाना जाता है। सूर्य देव के राशि परिवर्तन का असर हर राशि पर पड़ता है और इस दिन विशेष रूप से सूर्य पूजा भी की जाती है।

इसी के अंतर्गत रविवार 17 नवंबर को सूर्य तुला राशि से वृश्चिक राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। वृश्चिक राशि का स्वामी मंगल है जो सूर्य के मित्र है तो सूर्य अपने मित्र की स्वामित्व वाली राशि में ही जा रहे हैं। इसीलिए सूर्य का तुला को छोड़कर वृश्चिक में जाना शुभ माना जा रहा है।

सूर्यदेव अपनी नीच संज्ञक राशि तुला में भ्रमण करने के बाद 16 नवंबर की रात्रि 12 बजकर 48 मिनट पर अपने मित्र मंगल की राशि वृश्चिक में प्रवेश कर रहे हैं जहां ये 16 दिसंबर दोपहर बाद 3 बजकर 25 मिनट तक विराजमान रहेंगे उसके बाद गुरु की राशि धनु में प्रवेश करेंगे।

वृश्चिक राशि में प्रवेश के परिणामस्वरूप सूर्य की नीच राशि की संज्ञा समाप्त हो जाएगी जिसके फलस्वरूप इनके प्रभाव में भी भारी परिवर्तन दिखाई देगा। सिंह राशि के स्वामी सूर्य जब-जब राशि परिवर्तन करते हैं उस परिवर्तन काल को सूर्य संक्रांति कहते हैं।

इस मार्गशीर्ष संक्रांति का पुण्य काल 17 नवंबर की सुबह 7 बजकर12 मिनट तक रहेगा। सूर्य के राशि परिवर्तन का सभी बारह राशियों पर असर पड़ता है।

तो आइये यहां जानते हैं सूर्य के राशि परिवर्तन का असर ...

मेष- आठवां सूर्य आपको कोई बड़े कार्य में सफलता दिलाएगा। हालांकि खर्चों के मामलों में आपका हाथ तंग रहेगा। व्यापार में सफलता प्राप्त करेंगे।

वृषभ- सातवां सूर्य आपके लिए मंगलकारी होगा। विशेष कार्यों में सफल होंगे। कार्य का विस्तार होगा एवं सरकारी अधिकारियों से मदद मिलेगी।

मिथुन- छठा सूर्य आपके लिए सफलता के साथ चिंताजनक समाचार लेकर आएगा। परिवार में श्रेष्ठता बढ़ाएगा, साथ ही जिम्मेदारी भी बढ़ेगी।

कर्क- पांचवां सूर्य आपके अटके हुए कार्य को बनाने में सफल होगा। निकट संबंधियों से लाभ होगा। व्यापार में वृद्धि होगी।

सिंह- चौथा सूर्य आपकी प्रतिष्ठा में वृद्धि करेगा। कई दिनों से जो आर्थिक परेशानी थी, उससे पार पाने में सफल होंगे। कई लाभ होंगे।

कन्या- तीसरा सूर्य लाभकारी होगा। वाहन सुख की प्राप्ति होगी। परिवार में मान बढ़ेगा और समृद्धि का विस्तार होगा।

तुला- दूसरा सूर्य अड़चनों को दूर करने वाला होगा। दूसरों पर निर्भरता समाप्त होगी एवं अपना कार्य बनाने में सफल होंगे। व्यवहार संयमित रखें।

वृश्चिक- प्रथम सूर्य सभी प्रकार से मंगलकारी होगा। कई प्रकार की सफलताएं एवं धन की प्राप्ति होगी। कार्य का विस्तार होगा। नए व्यापार प्रारंभ करेंगे।

धनु- बारहवां सूर्य कुछ परेशानी खड़ी कर सकता हैं, किंतु आर्थिक रूप से बेहतर भी रहेगा। वाहनादि का प्रयोग सावधानी पूर्वक करें।

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मकर- ग्यारहवां सूर्य आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। कार्य समय पर होंगे। आध्यात्मिक सफलता मिलेगी, परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा।

कुंभ- दसवां सूर्य दोस्तों के बीच वैचारिक मतभेद बना सकता है। संयम रखने से लाभ होगा। कार्य को प्राथमिकता देना बेहतर होगा।

मीन- नवां सूर्य आपके कार्य में बदलाव का मन बनाएगा। व्यापार का विस्तार होगा। मित्रों से रिश्तों में सुधार होगा। वर्चस्व बढ़ेगा।