दीपोत्सव यानी दिवाली अब बस आने ही वाला है और हर कोई इसकी तैयारियों में लगा है। जी हां, दिवाली के कई दिन पहले से इसकी तैयारी शुरू हो जाती है।

हर कोई दिवाली से पहले अपने घर की साफ-सफाई, रंग-रोगन आदि करता है ताकि कहीं भूल से भी गंदगी न रह जाए। कहते हैं कि मां लक्ष्मी स्वच्छ घर में आती है और जहां कहीं थोड़ी सी भी गंदगी हो वहां वे कदम भी नहीं रखती।

इस साल दिवाली का त्योहार 27 अक्टूबर रविवार को मनाया जाएगा। वहीं इस पांच दिनों के पर्व की शुरुआत धनतेरस से ही यानी 25 अक्टूबर शुक्रवार से ही हो जाएगी।

हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान राम के अयोध्या वापस आने की खुशी में दीवाली मनाई जाती है। दीवाली से पहले धनतेरस का पर्व मनाया जाता है और इस दिन मां लक्ष्मी के साथ गणेश और कुबेर की पूजा की जाती है।

भगवान धन्वन्तरी की होती है पूजा 
भगवान धन्वन्तरी की होती है पूजा 

धनतेरस की शाम परिवार की मंगलकामना के लिए यम के नाम का दीपक जलाया जाता है। प्रार्थना की जाती है कि परिवार में सुख-सौभाग्य की वृद्धि हो।

कहते हैं कि धनतेरस की पूजा में कई बातों का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि कोई गलती न हो जाए।

कुछ गलतियां तो ऐसी है जिनके होने से मां लक्ष्मी को क्रोध आता है और वे नाराज भी हो जाती है। तो सबसे पहले तो यह जानना जरूरी है कि आखिर धनतेरस के दिन क्या कुछ नहीं करना चाहिए।

धनतेरस पर बर्तन खरीदने का है विशेष महत्व 
धनतेरस पर बर्तन खरीदने का है विशेष महत्व 

आइये यहां यही जानते हैं कि धनतेरस को किन गलतियों के करने से बचना चाहिए ....

- हम जानते ही हैं कि दिवाली से पहले लोग घर के कोने-कोने की सफाई करते हैं लेकिन अगर आपके घर में धनतेरस के दिन तक कूड़ा-कबाड़ या खराब सामान पड़े हुए हैं तो आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा नहीं आएगी।

घर में कोई भी पुराना या बेकार सामान पड़ा हो तो उसे तुरंत फेंक दें। इसके बाद ही धनतेरस की पूजा करें।

- यह भी जान लें कि आपके घर के मुख्य द्वार या मुख्य कक्ष के सामने तो बेकार वस्तुएं बिल्कुल भी ना रखें। मुख्य द्वार को नए अवसरों से जोड़कर देखा जाता है।

मां लक्ष्मी के साथ होती है भगवान गणेश की पूजा 
मां लक्ष्मी के साथ होती है भगवान गणेश की पूजा 

माना जाता है कि घर के मुख्य द्वार के जरिए घर में लक्ष्मी का आगमन होता है इसलिए ये स्थान हमेशा साफ-सुथरा ही रहना चाहिए।

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-अगर आप धनतेरस पर सिर्फ कुबेर की पूजा ही करने वाले हैं तो ये गलती बिलकुल ना करें। कुबेर के साथ माता लक्ष्मी और भगवान धन्वंतरि की भी उपासना जरूर करें वरना पूरे साल बीमार रहेंगे।

- ऐसी मान्यता है कि धनतेरस के दिन शीशे के बर्तन नहीं खरीदने चाहिए। धनतेरस के दिन सोने-चांदी की कोई चीज या नए बर्तन खरीदने को अत्यंत शुभ माना जाता है।

धनतेरस पर मां लक्ष्मी को करेंगे प्रसन्न तो होगी धन की बरसात 
धनतेरस पर मां लक्ष्मी को करेंगे प्रसन्न तो होगी धन की बरसात 

-ज्यादातर लोगों को यही पता होता है कि धनतेरस के दिन सिर्फ नयी वस्तुओं की खरीदारी ही की जाती है। जबकि इस दिन खरीदारी के अलावा दीपक भी जलाए जाते हैं। इस दिन घर के प्रवेश द्वार पर दीपक जरूर जलाएं इससे परिवार की लौ हमेशा बनी रहती है।

- धनतेरस के दिन दोपहर या शाम के समय सोएं नहीं, ऐसा करने से घर में दरिद्रता आती है। वैसे अगर आप चाहें तो दोपहर में थोड़ा सा आराम कर सकते हैं। इस दिन संभव हो सके तो रात्रि जागरण करें।

- धनतेरस के दिन घर में बिल्कुल कलह ना करें। मां लक्ष्मी को प्रसन्न करना चाहते हैं तो घर की स्त्रियों का सम्मान करें। धनतेरस के दिन लड़ाई-झगड़े से दूर ही रहें तो अच्छा होगा।

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-धनतेरस के दिन किसी को भी उधार देने से बचें। इस दिन अपने घर से लक्ष्मी का प्रवाह बाहर ना होने दें। हां, अगर आपको कोई रुपया-पैसा दे तो ये आपके लिए लाभदायक रहेगा।

-धनतेरस के दिन लोहे का कोई भी सामान न खरीदें। इस दिन लोहा खरीदना शुभ नहीं माना जाता है। माना जाता है कि इस दिन लोहा खरीदने से घर में दरिद्रता आती है।

- इस दिन नकली मूर्तियों की पूजा ना करें। सोने, चांदी या मिट्टी की बनी हुई मां लक्ष्मी की मूर्ति की पूजा ही करें। स्वास्तिक और ऊं जैसे प्रतीकों को कुमकुम, हल्दी या किसी शुभ चीज से बनाएं। नकली प्रतीकों को घर में ना लाएं।

तो ये है वे गलतियां जो आपको धनतेरस के दिन बिलकुल नहीं करनी चाहिए।