हिंदू संस्कृति में संक्रांति पर्व का बड़ा महत्व है। इस दिन स्नान, दान करने से आपकी राशि पर पड़ने वाला प्रतिकूल प्रभाव खत्म हो जाता है। आज (18 अक्टूबर) तुला संक्रांति है। एक माह तक सूर्य तुला राशि में रहकर अन्य राशियों पर नजर रखेंगे।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य एक राशि में एक माह तक रहते हैं। जिस दिन सूर्य एक राशि को छोड़कर दूसरे राशि में प्रवेश करते हैं वह तिथि प्रवेश करने वाली राशि की संक्रांति होती है। इस तरह आज से तुला संक्रांति है।

सूर्यदेव ने 17 अक्टूबर की देर रात 01 बजकर 03 मिनट पर तुला राशि में प्रवेश किया और 16 नवम्बर की देर रात 12 बजकर 51 मिनट तक इस राशि पर रहेंगे। सूर्य के तुला राशि में प्रवेश से विभिन्न राशियों के जातकों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ेंगे।

किसी राशि के लिए सू्र्य की यह चाल अच्छी रहेगी तो किसी राशि के जातकों के लिए यह बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। उस स्थिति में शुभ फल सुनिश्चित करने के लिये और अशुभ फलों से बचने के लिये ये उपाए अपनाएं।

तुला संक्रांति पर स्नान और दान का विशेष महत्व है। इस दिन सभी राशि के जातकों को ब्रह्म मुहूर्त में ही नदी में स्नान करके ब्राह्मण को दान देना चाहिए। इससे आपकी राशि पर पड़ने वाला प्रतिकूल प्रभाव कम होता है।

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किसी वजह से आप नदी में स्नान करने नहीं जा पा रहे हैं तो घर में ही स्नान करके सूर्यदेव को जल में अछत और कुछ मीठा डालकर अर्पित करें। उगते सूर्य को अर्घ्य देना बेहद फलकारी होगा।

इस दिन अपने खाने में से एक हिस्सा जरूरतमंद के लिए जरूर निकालें। हो सके तो पहली रोटी गाय को दें। इससे भगवान सूर्य की कृपा आप पर हमेशा बनी रहेगी।