करक चतुर्थी यानी करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए रखती है। इस दिन निर्जला व्रत रखकर शाम को पूजा की जाती है। रात में चंद्रमा को अर्घ्य देकर पति के हाथों व्रत खोला जाता है।

यह तो सब जानते ही हैं पर यहां सहज ही यह सवाल उठता है कि आखिर करवा चौथ के व्रत की शुरुआत कैसे हुई ....

आइये यहां जानते हैं कि कैसे हुई करवा चौथ की शुरुआत ...

पौराणिक कथाओं के अनुसार, देवताओं की पत्नियों ने उनकी मंगलकामना और असुरों पर विजय प्राप्ति के लिए करवा चौथ जैसा व्रत रखा था।

एक बार देवों और असुरों में संग्राम छिड़ गया। असुर देवताओं पर भारी पड़ रहे थे, देवताओं की शक्ति असुरों के सामने कम पड़ रही थी। असुरों को पराजित करने के लिए उनके पास कुछ उपाय नहीं सूझ रहा था।

पूरे विधि-विधान से रखा जाता है करवा चौथ का व्रत 
पूरे विधि-विधान से रखा जाता है करवा चौथ का व्रत 

ऐसे में देवतागण ब्रह्मा जी के पास असुरों को हराने का उपाय जानने पहुंचे। ब्रह्मा जी को देवताओं की समस्या का ज्ञान पहले से ही था। उन्होंने देवताओं को असुरों पर विजय प्राप्ति का उपाय बताया।

उन्होंने कहा कि देवताओं की पत्नियों को अपने पतियों की मंगलकामना और असुरों पर विजय के लिए व्रत रखना चाहिए। इससे निश्चित ही देवताओं को विजय प्राप्त होगी।

शाम में महिलाएं मिलकर करती हैं पूजा 
शाम में महिलाएं मिलकर करती हैं पूजा 

ब्रह्म देव के बताए उपाय को ध्यान में रखकर देवताओं की पत्नियों ने व्रत रखा। उस दिन कार्तिक मास की चतुर्थी तिथि थी। सभी देवताओं की पत्नियों ने पूजा अर्चना की, अपने पतियों की मंगलकामना और युद्ध में विजय की प्रार्थना की। उनका व्रत सफल रहा।

इसे भी पढ़ें :

इन चीजों के बगैर अधूरा रह जाता है करवा चौथ का व्रत, जानें इस दिन क्या करें और क्या न करें

करवा चौथ पर यूं राशि अनुसार पहनें कपड़े और पाएं पूजा का शुभ फल

उस संग्राम में देवों ने असुरों को हरा दिया। जब इसकी खबर देवताओं की पत्नियों को हुई तो उन सभी ने रात्रि के समय जल ग्रहण करके अपना व्रत खोला। उस समय चांद आसमान में अपनी चांदनी बिखेर रहा था। व्रत खोलने के बाद सभी ने भोजन किया।

रात में चंद्रमा को देती है अर्घ्य 
रात में चंद्रमा को देती है अर्घ्य 

ऐसी मान्यता है कि इस घटना के बाद से ही पतियों की मंगलकामना और सुखी जीवन के लिए करवा चौथ का व्रत रखा जाने लगा। समय के साथ-साथ इसमें कुछ बदलाव होते गए।

इसे भी पढ़ें :

करवा चौथ 2019 : जानें क्या होता है करवा, क्यों और किसके हाथों ली जाती है सरगी

करवा चौथ 2019 : इस व्रत व पूजा में उपयोग होती है खास पूजा सामग्री, पहले से कर लें तैयारी

अब तो पत्नियों के साथ पति भी व्रत करते हैं अपनी पत्नी के लिए, पति पत्नियों को गिफ्ट भी देते हैं। समय के साथ ऐसे ही कई बदलाव करवा चौथ में देखे जाने लगे हैं।