शरद पूर्णिमा के दूसरे दिन से ही कार्तिक माह आरंभ हो जाता है और कार्तिक अमावस्या को ही दीपों का पर्व दिवाली मनाया जाता है। दिवाली की तैयारियां घरों में बहुत पहले से शुरू हो जाती है। इस साल दिवाली का पर्व 27 अक्टूबर रविवार को मनाया जाएगा।

वहीं कार्तिक माह के साथ ही दिवाली की साफ-सफाई व रंग-रोगन शुरू हो जाता है। दिवाली के त्योहार पर स्वच्छता का बड़ा महत्व है और माना जाता है कि मां लक्ष्मी उसी घर में प्रवेश करती है जो साफ-सुथरा होता है। इसीलिए हर कोई सुख-समृद्धि की कामना से अपने पूरे घर की साफ-सफाई दिवाली पर जरूर करता है।

वहीं ऐसा भी माना जाता है कि मां लक्ष्मी का वास उन घरों में नहीं होता है जहां पर गंदगी और अशुभ चीजें होती है। इसीलिए साल में एक बार हर कोई घर की बेकार चीजों को भी घर से निकालते हैं। किसी भी तरह का कबाड़ दिवाली के पहले ही निकालकर घर से बाहर कर दिया जाता है।

वैसे देखा जाए तो ज्योतिष और वास्तुशास्त्र के अनुसार दिवाली पर घर में टूटी-फूटी चीजें भी नहीं होनी चाहिए क्योंकि इनसे भी घर में लक्ष्मी की बजाय दरिद्रा का वास हो जाता है।

आइए यहां जानते हैं कि दिवाली की साफ-सफाई करते समय हमें किस सामान को घर से बाहर कर देना चाहिए जिससे कि शुभ परिणाम मिल सकें ...

- अगर आपके घर के किसी भी कोने में टूटा हुआ शीशा रखा है या फिर आपकी खिड़की में टूटे हुए शीशे लगे हैं तो उसे तुरंत घर से बाहर करें और उसकी जगह नया शीशा लगवाएं। घर में इस तरह टूटा शीशा रखना अशुभ माना जाता है।

-अगर आपके घर में कोई इलेक्ट्रिक समान खराब पड़े हैं तो उसे बनवाकर दोबारा इस्तेमाल में लें या फिर दिवाली से पहले घर से बाहर कर दें। खराब पड़े ये बिजली के सामान आपकी सेहत और सौभाग्य दोनों के लिए अशुभ साबित होते हैं।

दिवाली पर सफाई का है बड़ा महत्व 
दिवाली पर सफाई का है बड़ा महत्व 

- भूलकर भी किसी देवी-देवता की खंडित मूर्ति या तस्वीर की पूजा नहीं करनी चाहिए। दुर्भाग्य को दूर करने के लिए दिवाली से पहले ऐसी फोटो और मूर्तियों को जरूर किसी पवित्र स्थान में ले जाकर दबा दें या फिर बहते पानी में प्रवाहित कर दें।

- इस दिवाली से पहले घर की छत जरूर साफ करें और पहले से पड़े हुए कूड़ा-कबाड़ या प्रयोग में न लाये जाने वाले सामान को घर से बाहर कर दें।

- वास्तु के अनुसार घड़ी आपके प्रगति का प्रतीक होती है। ऐसे में बंद घड़ी निश्चित रूप से आपकी उन्नति में बाधक है। इसलिए यदि घर में खराब घड़ी है तो उसे दिवाली से पहले जरूर घर से निकाल बाहर करें।

घर में रंग-रोगन भी किया जाता है
घर में रंग-रोगन भी किया जाता है

-दिवाली के त्योहार से पहले घर की सफाई करते समय अपने पुराने जूते- चप्पलों, जिनका आप उपयोग नहीं करते हैं, उन्हें घर से बाहर करना न भूलें। फटे-पुराने जूते-चप्पल घर में नकारात्मकता और दुर्भाग्य लाते हैं।

- कभी भी टूटे हुए बर्तनों का उपयोग नहीं करना चाहिए। इस दिवाली आप ऐसे सभी बर्तन जिनका आप लंबे समय से इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं या फिर टूटे हुए हैं, उन्हें घर से जरूर बाहर कर दें। ये घर में लड़ाई का कारण बनते हैं।

-अगर घर में कोई टूटी हुई तस्वीर हो तो उसे भी घर से बाहर कर दें। वास्तु के अनुसार टूटी हुई है तस्वीरों से घर का वातावरण प्रभावित होता है।

- वास्तुशास्त्र के अनुसार घर में टुटा फूटा फर्नीचर रखना अशुभ माना जाता है। घर का फर्नीचर एकदम सही हालत में होना चाहिए। वास्तु के अनुसार फर्नीचर में टूट-फूट बुरा असर डालती है।

- वास्तु के अनुसार टूटा हुआ दर्पण रखने से घर में नकारात्मक ऊर्जा सक्रिय रहती है और परिवार के सदस्यों को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है।

हर चीज को चमकाया जाता है
हर चीज को चमकाया जाता है

- इसके अलावा आप आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए अपने घर के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र और अपने घर की उत्तरी दिशा को हमेशा साफ, खुला और हल्का रखें।

- घर की पूर्वी और उत्तरी दिशा के बीच हल्के वजन वाले और कम पौधों को रखने से आर्थिक लाभ प्राप्त होता है।

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- समृद्ध जीवन के लिए, घर के पूर्वोत्तर क्षेत्र में पानी से भरा एक स्टील का कंटेनर रखें। हर हफ्ते एक बार पानी बदलें।

-घर के मध्य क्षेत्र को खुला, स्वच्छ रखें।

- घर में सूखे फूलों या पत्तियों को रखना अच्छा नहीं है क्योंकि इससे वित्तीय स्थिरता में बाधा उत्पन्न होती है।

- सभी घड़ियों और शीशों को उत्तरी या पूर्वी दीवारों पर रखा जाना चाहिए।