वैज्ञानिकों का कहना है कि जल्‍द ही स्‍तन कैंसर के इलाज में ऑपरेशन की जरूरत नहीं रहेगी। वैज्ञानिकों ने स्‍तन कैंसर के उपचार में एक नयी कारगर तकनीक खोज निकाली है। इस में कैंसर फैलाने वाली कोशिकाओं को एक सुई से पूरी तरह फ्रीज कर दिया जाएगा, जिससे वे नष्‍ट हो जाएंगी।

ऐसे होता है इलाज

इस बीमारी के इलाज में आमतौर पर ऑपरेशन प्रीफर किया जाता, लेकिन अब स्‍तन कैंसर की गांठ से 15 मिनट के उपचार से ही राहत मिल सकती है। नई तकनीक में वैज्ञानिक एक बेहद ठंडी सुई को कैंसर कोशिकाओं के अंदर दाखिल करेंगे, इसकी मदद से कैंसर की गांठ को बर्फ की बॉल में बदल देंगे। जिसके बाद इसे नष्‍ट कर दिया जाएगा। इस उपचार का क्‍लीनिकल ट्रायल तीस महिलाओं पर किया जा रहा है। इन महिलाओं को माइनस 170 डिग्री सेंटीग्रेड तक ठंडी सुई के जरिए द्रव नाइट्रोजन दिया जा रहा है।

तकनीक विकसित करने वाली इजराइली कंपनी आइस क्‍योर मेडिकल के वैज्ञानिकों का कहना है कि गोल्‍फ बॉल तक की साइज की कैंसर गांठ का उचार भी इस तकनीक के जरिए किया जा सकता है। कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि इससे पहले कैंसर सेल को नष्‍ट करने के लिए गर्मी का इस्‍तेमाल करने का प्रयास किया गया, लेकिन यह एक बेहद पीड़ादायक प्रक्रिया रही।

हार्मोनल थेरेपी

ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित महिलाओं के लिए अच्छी खबर कही जा सकती है। क्योंकि एक ऐसी गोली की इजाद की गई है जिससे उनका ब्रेस्ट कैंसर को जड़ से खत्म हो सकता है। भारत में बढ़ते ब्रेस्ट कैंसर के मामलों के बीच किए गए एक अध्ययन का निष्कर्ष है यह गोली।

कांसेप्ट फोटो 
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आप जानते हैं कि इससे पहले ब्रेस्ट कैंसर पीड़ित महिलाओं को लंबे समय से कीमोथेरेपी की सिफारिश की जाती रही है, लेकिन अब हार्मोनल थेरेपी के तहत दी जाने वाली गोली 'कैमाक्सगन' ब्रेस्ट कैंसर को जड़ से खत्म कर सकती है

कैंसर विशेषज्ञ डाक्टरों की मानें, तो ब्रेस्ट कैंसर के 70 फीसदी मामले में करीब 35 फीसदी ऐसे होते हैं जो शुरूआती चरण (0 स्टेज) में होते हैं। इन 35 फीसदी बेस्ट कैंसर की महिलाओं के लिए एक थेरेपी की इजाद की गई है। इस नई थेरेपी के बाद रोगियों को कीमोथेरेपी की आवश्यकता नहीं होती।

इस नई थेरेपी को हार्मोनल थेरेपी कहा जाता है, जिसमें कैमाक्सगन नामक एक गोली जाती है और इससे लगभग 90 से 95 फीसदी महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर से मुक्ति मिल जाती हैं। इस थेरेपी अन्य इलाज के मुकाबले बहुत ही सस्ती है। हार्मोनल थेरेपी का खर्च हर महीने सिर्फ 1100 रुपए है, जबकि कीमोथेरेपी के लिए हर दूसरे सप्ताह में कम से कम 20 से 30 हजार रूपये का खर्चा आता है।

कीमोथेरेपी से सस्ता

इसके हिसाब से छह महीने कीमोथेरेपी इलाज कराने पर पांच से छह लाख रुपए खर्च हो जाते हैं। परंतु कैमाक्सगन गोली लंबे समय तक लेनी होती है और उसका असर एक साल बाद दिखने लगता है। हालांकि टेस्ट थोड़ा महंगा होता है और इसकी कीमत करीब तीन लाख तक है। इसके लिए हमें डिसाइड करना होगा कि किस मरीज का ट्यूमर वहां टेस्ट करने योग्य है या नहीं।

हार्मोनल थेरेपी की सुविधा फिलहाल अमेरिका में उपलब्ध है, लेकिन यहां से कैंसर के टिशू वहां भिजवा सकते हैं, जो कि खराब नहीं होता और आसानी से वहां पहुंच जाता है और दो सप्ताह में इसकी रिपोर्ट आ जाती है। रिपोर्ट के सही आने पर स्तन कैंसर से पीड़ित महिलाओं को कीमोथेरेपी से छुटकारा मिल सकता है।"

दुनिया भर में डायग्नोस किए गए स्तन कैंसर रोगियों में से अधिकांश में हार्मोन-पॉजिटिव, एचईआर 2-निगेटिव, नोड-निगेटिव कैंसर पाया गया है। ट्रायल एसाइनिंग इंडिविजुअलाइज्ड ऑप्शंस फॉर ट्रीटमेंट (टेलरेक्स) के एक अध्ययन में सामने आया है कि जो लोग हार्मोन रिसेक्टम पॉजिटिव होते हैं अगर वह शुरुआती चरण में आए तो उन्हें कीमोथेरेपी की जरूरत नहीं है।

कीमोथेरेपी के होते हैं साइड इफेक्ट

हार्मोनल थेरेपी के कोई खास साइड इफेक्ट भी नहीं होते, जबकि कीमोथेरेपी का शरीर पर काफी बुरा असर दिखते हैं। महिलाओं के बाल झड़ना और जरूरत पड़ने पर उनके स्तन भी निकालने पड़ सकते हैं। यही नहीं, कीमोथेरेपी बहुत ही पीड़ादायक होता है। इसलिए महिलाएं कीमोथेरेपी करने से अच्छा मरना समझने लगती है। कीमोथेरेपी कराने वाली महिलाओं के मुंह का स्वाद खत्म हो जाता है और वह खाना बहुत कम खाती है।

कांसेप्ट फोटो 
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हमारे देश में भी स्तन कैंसर बहुत तेजी से बढ़ रहा है अगर आप जल्दी आते हैं जैसे स्टेज 1, स्टेज 2 (ए) में और आपका हर्मोन पाजिटीव है तो आपके लिए हार्मोनल टैबलेट फायदेमंद साबित होगा। इससे आपके कीमोथेरेपी की जरूरत नहीं होगी। इससे बचने का कारण पता लगने के तुरंत बाद चिकित्सकों से संपर्क करें, जिससे आपको स्तन, पैसे, बाल खोने का डर भी नहीं रहेगा. स्तन कैंसर को कम करने का कोई रास्ता नहीं है लेकिन इससे डरने की भी जरूरत नहीं है।