हम सब जानते ही हैं कि पितृपक्ष में जहां कोई शुभ कार्य नहीं किया जाते वहीं नवरात्रि में सारे रुके हुए शुभ कार्य किये जाते हैं। माना जाता है कि इस समय किए गए सभी कार्य सिद्ध होते हैं।

यहां यह सवाल भी उठता है कि आखिर नवरात्रि में ही क्यों शुभ कार्य किये जाते हैं। तो आइये यहां जानते हैं इसका जवाब ....

- नवरात्रि में ब्राह्मण सरस्वती-पूजन तथा क्षत्रिय शस्त्र-पूजन आरंभ करते हैं। मान्यता है कि यह समय सभी कार्यों को सिद्ध करता है। इसीलिए शुभ कार्य किये जाते हैं।

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- वहीं यह भी माना जाता है कि नवरात्रि का समय आत्मनिरीक्षण और शुद्धि का होता है और पारंपरिक रूप से नए कार्य शुरू करने के लिए यह शुभ और धार्मिक समय है।

- साथ ही नवरात्रि के समय को विजयकाल का समय माना जाता है। मान्यता है कि यह समय सभी कार्यों को सिद्ध करता है। यही वह समय था जब राम ने रावण पर विजय प्राप्त की थी।

मां दुर्गा की पूजा 
मां दुर्गा की पूजा 

- नवरात्रि का समय सबसे अधिक पवित्र भी माना जाता है। इन दिनों में प्रकृति के बहुत सारे अवरोध खत्म हो जाते हैं। नवरात्रि के दौरान किए गए शुभ संकल्प सिद्ध होते हैं।

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- यह समय शुभ कार्यों के लिए इसलिए भी बेहतर माना जाता है क्योंकि इस समय दशमहाविद्याओं की पूजा होती है। इनके नाम है- काली, तारा, छिन्नमस्ता, षोडशी, भुवनेश्वरी, त्रिपुरभैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी और कमला।

- नवरात्रि में व्यक्ति अनुशासन, स्वच्छता स्थापित करता है और अनुशासन से किए गए कार्य ही सफल होते हैं। शरीर में शुद्ध बुद्धि, उत्तम विचारों से ही उत्तम कार्य होते हैं।

- नवरात्रि में नौ दिनों तक व्रत रखे जाते हैं जिससे तन और मन दोनों की शुद्धि होती है इसीलिए इस समय शुभ कार्य शुरू करने का बड़ा महत्व है।