सौभाग्यवती महिलाएं संतान की दीर्घायु के लिए जितिया व्रत जिसे जीवित्पुत्रिका व्रत भी कहते हैं, रखती है। इस बार ये व्रत रविवार 22 सितंबर को रखा जा रहा है। इस व्रत को बेहद कठिन माना जाता है क्योंकि व्रती महिलाएं इस व्रत में पानी भी ग्रहण नहीं करती।

जी हां, जितिया व्रत निर्जला रखा जाता है। व्रती महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और शाम को पूजा करती है। अगले दिन पारण किया जाता है। वहीं व्रती महिलाएं पूरे दिनभर जल की एक भी बूंद नहीं पीती है और न ही फल खा सकती हैं।

व्रती महिलाओं का इस व्रत में प्यास के मारे गला सूख जाता है। यह कठिन व्रत संतान की मंगलकामना के लिए है। इसमें महिलाओं को कड़े नियमों का पालन करना होता है।

कभी-कभी ऐसा भी होता है कि महिलाएं व्रत तो पूरे उत्साह के साथ रखती हैं पर उनसे अनजाने में कुछ गलतियां भी हो जाती है।

तो आइये जानते हैं कि व्रत के दौरान महिलाओं को क्या कुछ नहीं करना चाहिए .....

- सबसे पहले तो यह जानना चाहिए कि जिन महिलाओं को गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हैं, उनको इस व्रत को नहीं करना चाहिए।

जितिया व्रत की पूजा 
जितिया व्रत की पूजा 

यह निर्जला व्रत है।ऐसे में आपकी स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ सकती हैं। आपको अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। स्वास्थ्य से बढ़कर कुछ नहीं है तो पहले अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें।

- व्रत रखने वाली महिलाओं को यह जानना चाहिए कि व्रत से एक दिन पूर्व तामसी भोजन न करें। लहसन, प्याज और मांसाहार का त्याग कर दें।

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- जितिया व्रत में पानी की कमी के कारण डिहाइड्रेशन होने का खतरा भी होता है। ऐसे में आप धूप में जाने से बचें। धूप में जाने से आपके शरीर में पानी की कमी हो सकती है और आप बीमार हो सकती हैं।

- अपने शरीर को शीतल रखने का प्रयास करें। यदि शरीर ठंडा रहेगा, तभी पानी की कमी को वह सहन कर पाएगा।

जितिया व्रत का महत्व
जितिया व्रत का महत्व

- जितिया व्रत रखने वाली महिलाओं को यह भी ध्यान देना चाहिए कि व्रत में भूलकर भी ज्यादा कामकाज न करें। शरीर में थकान के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

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- संयम का दूसरा नाम ही व्रत है। व्रत के दौरान मन, वचन और कर्म की शुद्धता आवश्यक है। मन और शरीर को संयमित रखें।न इस दौरान बुरा कहें और न ही बुरा सोचें।

- साथ ही यह भी जान लें कि व्रत के समय दूसरे को अपशब्द या मन को तकलीफ देनी वाली बातें न करें। इससे आपका व्रत निष्फल हो सकता है।

- गर्भवती महिलाओं को भी यह व्रत नहीं करना चाहिए। व्रत करने से समस्या बढ़ जाएगी। तो आप सिर्फ पूजा कर लें, व्रत करने की गलती न करें।