महात्मा गांधी ने हमारे देश को आजादी दिलवाने के लिए बड़ी लंबी लड़ाई लड़ी थी, बिना शस्त्रों के उन्होंने सब कुछ हासिल किया। वे कई-कई दिनों तक बगैर खाए-पिए भी रहते थे।

गांधीजी को देखने पर ऐसा बिलकुल नहीं लगता था कि उनका शरीर सब कुछ सह लेगा। वे दुबले-पतले कमजोर से दिखते थे पर उन्होंने खुद को फिट बनाए रखा था।

अपनी सेहत और फिटनेस को लेकर बापू सचेत थे और वे प्रतिदिन मेडिटेशन भी किया करते थे। साथ ही उनकी और भी कई ऐसी आदतें थी जो उनके मन के साथ तन को भी शक्तिशाली बनाती थी।

आइये यहां जानते हैं कि आखिर बापू क्या करते थे खुद को फिट रखने के लिए .....

- महात्मा गांधी का मानना था कि अहिंसा न केवल मानव की रक्षा के लिए जरूरी है, बल्क‍ि ऐसी विचारधारा का त्याग करने से उम्र भी लंबी होती है। ऐसे लोग शांत स्वभाव के होते हैं और उनमें हाइपरटेंशन व दिल की बीमारी जैसी परेशानियां कम ही उत्पन्न होती हैं। शांत रहने वाले लोगों में सिगरेट, शराब और गैर-सेहतमंद खाने की इच्छा भी कम ही होती है।

- महात्मा गांधी रात में सिर्फ 4 से 5 घंटे ही सोते थे। सूर्य उगने से पहले ही वो बिस्तर छोड़ देते थे। आजकल की लाइफस्टाइल के हिसाब से युवाओं के लिए 7 से 8 घंटे की नींद जरूरी है। ऐसे में गांधी जी की जल्दी सोने और जल्दी उठने की आदत युवाओं के दिन को प्रोडक्ट‍िव बना सकता है।

महात्मा गांधी का खान-पान 
महात्मा गांधी का खान-पान 

- महात्मा गांधी मानते थे कि व्रत रखना सेहत के लिए अच्छा होता है। इससे पेट साफ होता है और शरीर में चर्बी कम होती है। आयुर्वेद के अनुसार भी हर व्यक्त‍ि को सप्ताह में एक दिन व्रत जरूर रखना चाहिए। गांधीजी ने हिन्दू और मुस्ल‍िम की एकता के लिए 21 दिन का व्रत रखा था।

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- गांधीजी कहते थे कि हमारा शरीर कूड़ेदान नहीं है इसलिए कुछ भी पेट में न डालें। खाना खाने से पहले उस पर गौर करें, विचार करें कि आप क्या खा रहे हैं और इसका दीर्घकालिक असर क्या होगा।

- महात्मा गांधी शराब और तंबाकू से दूरी बनाने की सलाह दिया करते थे। यही वे चीजें हैं जो लंग कैंसर, स्ट्रोक, हाई ब्लड प्रेशर आदि का कारण बन सकते हैं। इसकी वजह से डायबिटीज, दिल की बीमारियां भी हो सकती हैं।

महात्मा गांधी मीलों पैदल चलते थे 
महात्मा गांधी मीलों पैदल चलते थे 

- महात्मा गांधी अक्सर मेडिटेशन किया करते थे। मेडिटेशन ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है और स्ट्रेस व अवसाद को कंट्रोल करने में भी यह कारगर है

- हमारी सोच हमारी सेहत को भी प्रभावित करती है। महात्मा गांधी कहते थे कि हमारी सोच ही हमें इंसान बनाती है। सकारात्मक सोच न केवल सेहत ठीक रखती है, बल्क‍ि यह हमारे स्क‍िल्स और काम करने की क्षमता को भी बेहतर बनाती है।

- महात्मा गांधी की ऊर्जा और ताकत के पीछे उनके चलने की आदत ही सबसे बड़ी वजह थी। पैदल चलने से न केवल आपकी क्षमता में वृद्ध‍ि होती है, बल्क‍ि इससे आपकी प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है।

गांधीजी अपने हाथ से सूत कातते थे 
गांधीजी अपने हाथ से सूत कातते थे 

- महात्मा गांधी कहते थे कि जो लोग कमजोर होते हैं वो कभी किसी को माफ नहीं करते। माफ करना अपके मजबूत होने की निशानी है। जब आपके दिल और दिमाग में स्ट्रेस होगा, इससे आपकी शारीरिक सेहत भी प्रभावित होगी। माफ करने की आदत आपमें गुस्से, अवसाद और थकान को कम करती है।

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- दूसरों से सहानुभूति रखने वाले लोग ज्यादा अच्छा महसूस करते हैं। दूसरों को समझने में इससे आपको दद मिलती है। आप कम आलोचनात्मक होते हैं और दूसरे कैसा महसूस कर रहे हैं यह समझ पाते हैं।

तो यही वे बातें हैं जो गांधी को महात्मा बनाती हैं। इन्हीं बातों पर अमल करके गांधीजी ने अपने आपको इतना शक्तिशाली बनाया कि उन्होंने अंग्रेजों का मुकाबला किया और देश को आजादी दिलवाई।