गणेशोत्सव में बुधवारी प्रदोष को ऐसे करें शिवजी के साथ गजानन की पूजा, मनचाहा फल देंगे गणपति  

बुधवारी प्रदोष पर करें शिव के साथ गणेश की पूजा  - Sakshi Samachar

हम सब जानते हैं कि गणेशोत्सव चल रहा है और बड़े जोर-शोर से भगवान गणेश की पूजा हो रही है। 2 सितंबर यानी गणेश चतुर्थी से शुरू हुआ गणेशोत्सव 12 सितंबर को संपन्न हो जाएगा। वहीं 11 सितंबर बुधवार को प्रदोष यानी त्रयोदशी तिथि यानी बुधवारी प्रदोष है।

वैसे तो प्रदोष पर व्रत रखकर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है पर इस बार गणेशोत्सव में बुधवार को प्रदोष आया है तो आप शंकरजी के साथ भगवान गणेश की पूजा भी करके मनचाहा फल प्राप्त कर सकते हैं।

हिंदू धर्म में अनेक व्रतों में प्रदोष व्रत को सबसे प्रथम स्थान प्राप्त है। ऐसी मान्यता हो इस दिन व्रत रखकर प्रदोष काल में पूजा अर्चना करने से मनुष्य जीवन में हुए ज्ञात अज्ञात पुराने से पुराने पाप के दुष्फल से मुक्ति मिल जाती है।

अगर गणेश उत्सव के दौरान बुधवार के दिन बुधवारी प्रदोष हो तो उस दिन एक साथ श्रीगणेश एवं भगवान शंकर का पूजन करने से जीवन की सभी अपूर्णताएं पूर्ण होने लगती है। 11 सितंबर बुधवार को बुधवारी प्रदोष का संयोग बना है । इस दिन शिवजी व गणेश जी का पूजन ऐसे करें

गणेश उत्सव के अंतिम बुधवार को सुबह से व्रत रखकर शाम को प्रदोष काल में स्नान करके धुले हुए वस्त्र धारण कर लें। अब घर पर ही या किसी शिव या गणेश मंदिर में जाकर एक कुशा के आसन पर बैठकर पहले गणेश जी एवं फिर शिव जी आवाहन एवं षोडशोपचार पूजन करें।

गणेश जी को बेसन के मोदक एवं शिवजी को श्रीफल अर्पित करे। गणेशजी दुर्वा एवं शिवजी को बेलपत्र भी चढ़ावें। अब 108 बार ऊं गं गणपतये नं: एवं 108 बार ऊं नम: शिवाय इन दोनों मंत्र का जप कर माला से करें।

भगवान गणेश की पूजा 

मंत्र जप पूरा होने के बाद विघ्नहर्ता श्री गणेश एवं भगवान शिव से अपनी मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना करें। भगवान को लगाए हुए भोग प्रसाद को सभी में बांटे एवं स्वयं भी ग्रहण करें। ऐसा करने से आपकी सभी कामनाएं पूरी होने लगेगी ।

बुधवारी प्रदोष को करें ये खास उपाय ...

- बुध प्रदोष के दिन घर के बड़े बुजुर्ग अपने घर के बच्चों के हाथ से जरूरतमंद बच्चों को मिठाई और हरी वस्तुओं का दान कराएं।

- प्रदोष व्रत के दिन 5 सुपारी/5 इलायची और पांच मोदक भगवान गणेश को अर्पित करें।

आपके बच्चों का बुध ग्रह यदि पत्रिका में कमजोर है तो कैसे करें बलवान-

- बुध ग्रह को बलवान करने के लिए मां दुर्गा और भगवान गणेश की पूजा अर्चना जरूर करें।

- हरे रंग की वस्तुओं का ज्यादा प्रयोग करें।

- अपनी बहन, बेटी, बुआ को सम्मान दें।

- अपने घर की उत्तर दिशा में जल भरकर जरूर रखें।

- जरूरतमंद कन्याओं के विवाह में भोज्य सामग्री आदि देकर मदद करें।

- शाम के समय प्रदोष काल में शिवलिंग पर जल में कच्चा दूध मिलाकर अभिषेक करें और तिल के तेल का चौमुखा दीया भगवान शिव के सामने जलायें तथा नमः शिवाय का जाप करें.

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