महात्मा गांधी एक अच्छे नेता के साथ एक अच्छे लेखक भी थे। उन्होंने कई किताबें लिखी। उनका जीवन संघर्ष भरा होने के बावजूद उन्होंने लिखना नहीं छोड़ा। उन्होंने जिंदगी के हर उतार-चढाव का अपनी किताबों में बखूबी उल्लेख किया।

महात्मा गांधी ने हरिजन, इंडियन ओपिनियन, यंग इंडिया और नवजीवन में संपादक के तौर पर काम किया। उन्होंने समाचार पत्रों के माध्यम से बहस, संवादों के जरिए अपने विचारों को किताबों में लिखा।

महात्मा गांधी (फाइल फोटो)
महात्मा गांधी (फाइल फोटो)

महात्मा गांधी द्वारा लिखी गई किताबें इस प्रकार हैं।

हिन्द स्वराज, लेखक : महात्मा गांधी (1909)

हिन्द स्वराज में उन्होनें अपने राजनीतिक जीवन के बारे में उल्लेख किया है। हिन्द स्वराज में गांधी जी भारतीय स्वतंत्रता और पश्चिमी सभ्यताओं की आलोचनाओं के लिए एक गाइड प्रदान करते हैं। गांधी जी की किताब हिन्द स्वराज को अंग्रेजों ने भारत में प्रतिबंधित कर दिया था। महात्मा गांधी ने हिन्द स्वराज को साल 1909 में लिखा जब भारत में ब्रिटिश शासनकाल खत्म हो रहा था।

दक्षिण अफ्रीका में सत्याग्रह

महात्मा गांधी ने दक्षिण अफ्रीका में सत्याग्रह किताब लिखी। यह उनकी लिखी गई प्रिय पुस्तकों में एक हैं। इस किताब में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में उनके संघर्ष के वर्णन किया है। इस पुस्तक के माध्यम से उन्होंने ब्रिटिशों के खिलाफ दक्षिण अफ्रीका में अहिंसक प्रतिरोध का एक आत्मकथात्मक खाता खोला।

मेरे सपनों का भारत

महात्मा गांधी ने मेरे सपनों का भारत किताब लिखी। यह किताब प्रमुख पुस्तकों में से एक है। इस किताब में महात्मा गांधी के लेखन और भाषणों के अनुच्छेदों का संग्रह हैं। भारतीय संस्कृति के अलग-अलग पहलूओं और विरासत के बारे में इस किताब में विस्तार से वर्णन किया गया है। मेरे सपनों का भारत किताब लोगों के लिए एक प्रेरणा स्त्रोत है।

ग्राम स्वराज

महात्मा गांधी की ग्राम स्वराज काफी मशहूर किताबों में से एक हैं। इस किताब में महात्मा गांधी ने ग्राम पंचायतों के संगठन के माध्यम से आर्थिक और राजनीतिक शक्ति के विकेन्द्रीकरण पर भी गांधी ने विचार दिए हैं। उन्होंने इसमें लोगों के बीच सामूहिक गतिविधि की क्षमता विस्तार रूप में फैलाने का संदेश दिया है।

ग्राम स्वराज किताब में गांधी जी ने कृषि, गांव उद्योग, पशुपालन, परिवहन, बुनियादी शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता समेत ग्रामीण जीवन के अलग-अलग पहलूओं पर अपने विचार रखें हैं। ये पुस्तक गांधी जी की सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली किताबों में से एक है। यह लोगों के लिए एक प्रेरणास्त्रोत भी है।

एक आत्मकथा या सत्य के साथ मेरे प्रयोग की कहानी

एक आत्मकथा और सत्य के साथ मेरी प्रयोग की कहानी, महात्मा गांधी की मशहूर किताब है। महात्मा गांधी की ये किताब काफी पढ़ी जाती है। एक आत्मकथा या सत्य के साथ मेरी प्रयोग की कहानी पुस्तक, महात्मा गांधी के द्धारा लिखी गई किताबों में सबसे लंबी किताब है। इस किताब में 181 अध्याय हैं और करीब 600 लंबे पेज हैं।

इस किताब में गांधी जी ने 1920 तक अपने जीवन का व्यक्तिगत और अध्यात्मिक वर्णन किया है। उन्होनें इस किताब में अपने जीवन से जुड़ी कुछ मुख्य ऐतिहासिक घटनाओं का भी वर्णन किया है। महात्मा गांधी ने 'एक आत्मकथा, या सत्य के साथ मेरे प्रयोग की कहानी' किताब में राजनीति, धर्म, नैतिकता और आहार के बारे में अपनी मान्यताओं के विकास की पड़ताल की है।

महात्मा गांधी ने इस किताब में अपने जीवन के सिद्धान्तों के बारे में और उन्होनें अपने कठोर दृढ़संकल्प और आत्मविश्वास के बारे में भी वर्णन किया है। वहीं महात्मा गांधी की ये किताब लोगों के अंदर आत्मविश्वास बढ़ाती है।

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इन महत्वपूर्ण किताबों के अलावा महात्मा गांधी की अन्य किताबें इस प्रकार हैं।

रचनात्मक कार्यक्रम- इसका अर्थ और स्थान, स्वास्थ्य की कुंजी, ए गांधी एंथोलॉजी (भाग 1), ए गांधी एंथोलॉजी (भाग II), ऑल मैन आर ब्रदर्स, रचनात्मक कार्यक्रम (इसका अर्थ और स्थान), गांधी से एपिग्राम्स, नैतिक धर्म, येरावदा मंदिर (आश्रम पर्वत), मोहन माला (एक गांधीवादी रोज़री), शिक्षा पर मेरे विचार, चयनित पत्र, गांधी से चयन, गांधी के अनुसार गीता, महात्मा गांधी का मन, शाकाहार के नैतिक आधार, गीता का अध्यापन, गांधी के शब्द, नई शिक्षा के लिए, सरपरस्ती, चरित्र और राष्ट्र निर्माण गीता पर व्याख्यान, गांधी जी उम्मीदें, भारत का मेरा सपना, औद्योगिक और कृषि जीवन और संबंध, स्वास्थ्य की कुंजी, हे भगवान, मेरा धर्म, सच्चाई भगवान है, प्रकृति इलाज, पंचायत राज, भगवान के लिए मार्ग, दुआ, रामानमा, दक्षिण अफ्रीका में सत्याग्रह , आत्म संयम बनाम, आत्म भोग, हिंदू धर्म का सार, कानून और वकील, गीता का संदेश, सांप्रदायिक सद्भावना का रास्ता, सत्य भगवान है, ग्राम इंडस्ट्रीज और गांव स्वराज ।