हैदराबाद : सभी भारतीय जानते हैं कि हर वर्ष 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती मनाई जाती है और इस दिन सार्वजनिक अवकाश होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अलावा अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।

अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस शिक्षा और जन जागरूकता के द्वारा अहिंसा के संदेश को प्रसारित करने का एक अवसर है”। इसके अलावा यह प्रस्ताव और संकल्प “अहिंसा के सिद्धांत की सार्वभौमिक प्रासंगिकता” और “शांति, सहिष्णुता, समझ और अहिंसा की संस्कृति की रक्षा करने की इच्छा की पुष्टि करता है। जीवन में सादगी, सरलता और समर्पण के लिए महात्मा गांधी को भारत सहित विश्वभर में दुसरों के लिए प्रेरणास्रोत कहा जाता है।

अहिंसा, ईमानदार और स्वच्छ प्रथाओं के माध्यम से एक नए समाज का निर्माण में विश्वास रखने वाले महात्मा गांधी की जयंती को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 15 जून, 2007 को अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रुप में घोषित किया।

अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस मनाने का विचार Peace, Non-Violence and Empowerment, Gandhian Philosophy in the 21st Century' नाम से आयोजित हुए अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में अपनाई गई घोषणा से उत्पन्न हुआ था। यह सम्मेलन नई दिल्ली में जनवरी 2007 में आयोजित हुआ था जिसमें 91 देशों के प्रतिनिधियों और 122 संस्थाओं ने भाग लिया था।

यही वजह है कि महात्मा गांधी के सिद्धांतों को पूरी दुनिया में सराहा जाता है और उन्हें अपनाया जाता है। हम यह भी कह सकते हैं कि महात्मा गांधी का जीवन ही अपने-आप में एक प्रेरणा है। महात्मा गांधी चाहते थे कि समाज में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को समान दर्जा और अधिकार मिलना चाहिए भले ही उनका लिंग, धर्म, रंग या जाति कुछ भी हो।

विदेशों में अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस में भाग लेते लोग 
विदेशों में अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस में भाग लेते लोग 

डाक टिकट भी हुआ था जारी

जून 2007 में अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस मनाने की घोषणा करने के दो वर्ष बाद 2009 में संयुक्त राष्ट्र संघ ने महात्मा गांधी को फिर से सम्मानित करने का फैसला किया और उनके ऊपर डाक टिकट जारी किया। इसके लिए संयुक्त राष्ट्र डाक प्रशासन (United Nations Postal Administration ) ने अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के मौके पर महात्मा गांधी के ऊपर एक डाक टिकिट जारी किया जिसमें गांधीजी की तस्वीर बनी हुई है।

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राष्ट्रीय और त्यौहार अवकाश अधिनियम 1963 के अनुसार प्रत्येक कैलेंडर वर्ष में हर कर्मचारी को 26 जनवरी, 15 अगस्त, 2 अक्टूबर, 1 मई और पांच अन्य अवकाशों पर एक पूरे दिन की छुट्टी देने का प्रावधान है।

भारत की आजादी के लिए अंग्रेजों के खिलाफ अपना पूरा जीवन संघर्ष करने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था और उनका पूरा नाम मोहनदास करम चंद गांधी है। महात्मा गांधी को बापू भी कहा जाता है।