हम सब जानते ही हैं कि महाशिवरात्रि का पावन पर्व अब बस कुछ ही दिनों में आने वाला है और शिवभक्त इसकी तैयारियों में जुटे हैं। हर कोई चाहता है कि इस पावन दिन भगवान शिव शंकर की पूजा में किसी तरह की कोई कमी न हो।

शिवजी चंद्र को अपने मस्तक पर धारण करते हैं। इस वजह से उन्हें चंद्र विशेष प्रिय है। वहीं शिवजी की यूं तो पूजा भी चंद्रमा के दिन यानी सोमवार को ही विशेष रूप से होती है।

इसलिए शिव कहलाए पशुपतिनाथ

शिव इंसानों के साथ ही सभी पशुओं और वनस्पतियों के भी स्वामी हैं, इसीलिए शिवजी का एक नाम पशुपति नाथ है। शिवजी सभी के रक्षक हैं। वे हर जीव को उतना ही प्रेम करते हैं जितना कि मनुष्य से। हम देखते हैं कि शिव के पास सभी जीव विचरण करते हैं और शिव शंकर उन सबको अभयदान देते हैं।

सोशल मीडिया के सौजन्य से 
सोशल मीडिया के सौजन्य से 

इसे भी पढ़ें :

महाशिवरात्रि 2020: जानें भोलेनाथ को कौन सी चीजें हैं प्रिय, क्या चढ़ाने से आता है क्रोध

महाशिवरात्रि 2020: यूं पहले से कर लें भोलेनाथ की पूजा की तैयारी, ये है पूजा सामग्री की लिस्ट

भगवान भोलेनाथ हर किसी की पूजा से शीघ्र प्रसन्न होते हैं चाहे फिर वह मनुष्य हो या फिर पशु। जहां एक ओर उनके साथ नंदी बैल रहता है तो दूसरी ओर वे सर्प को धारण करते हैं। सभी पशु-पक्षियों से प्रेम करते हैं इसी कारण कहलाते हैं पशुपतिनाथ।