नई दिल्ली : लोकसभा चुनाव की मतगणना में अब 24 घंटे से भी कम समय बचा है, लेकिन एग्जिट पोल के नतीजों से स्पष्ट है कि एनडीए गठबंधन को इस बार भी बहुमत मिल सकता है। इसके साथ ही नरेंद्र मोदी के हाथ एक बार फिर सत्ता की कमान होगी। पिछली बार की तरह इस बार भी आने वाले दिनों में पीएम मोदी कई बड़े फैसले ले सकते हैं। जिसका वादा उन्होंने अपने चुनावी भाषण में किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में सत्ता संभालते ही कई कड़े फैसले किये थे। जिसमें जीएसटी, नोटबंदी और तीन तलाक बिल शामिल है। विशेषज्ञों का मानना था कि यह फैसले भाजपा और मोदी के खिलाफ जा सकते हैं, लेकिन एग्जिट पोल के नतीजे उन सभी दावों को खारिज कर रहे हैं। इस बार भी मोदी सत्ता में आते हैं तो उनके सामने कई ऐसे फैसले लेने की चुनौती होगी, जिसे लेना आसान नहीं होगा।

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370

भाजपा ने चुनावी रैली के दौरान जनता से वादा किया है कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को खत्म किया जाएगा, जो उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती है। जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती समेत अलगाववादी नेताओं ने पहले ही धमकी दे रखी है कि अगर भाजपा यह फैसला लेगी तो महौल बहुत खराब हो जाएगा।

दूसरी तरफ भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा है कि लोकसभा चुनाव के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगर वापस सत्ता में आएंगे तो संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाया जाएगा। अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर को स्वायत्तता प्रदान की गई है और यह अनुच्छेद प्रदेश के संबंध में कानून बनाने के लिए संसद की शक्ति को सीमित करता है।

समान नागरिक संहिता

समान नागरिक संहिता लाने की दृढ़ प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में कहा था कि भारत के संविधान में अनुच्छेद 44 में समान नागरिक संहिता राज्य के नीति निर्देशक तत्वों के रूप में दर्ज किया गया है।

भाजपा का मानना है कि जब तक समान नागरिक संहिता को नहीं अपनाया जाता है तब तक लैंगिक समानता को कायम नहीं किया जा सकता है। समान नागरिक संहिता सभी महिलाओं के अधिकारों की भी रक्षा करती है। भाजपा सर्वश्रेष्ठ परंपराओं से प्रेरित समान नागरिक संहिता बनाने को कटिबद्ध है जिसमें उन परंपराओं को आधुनिक समय की जरूरतों के मुताबिक ढाला जाये।

आतंकवाद निरोधक कानून

पीएम मोदी ने पाकिस्तान को पुलवामा हमले का मुंहतोड़ जवाब देकर पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद के मुद्दे पर किसी भी तरह से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा है कि राष्ट्रवाद को लेकर सरकार प्रतिबद्ध रहेगी और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की पॉलिसी अपनाएगी। इसी कड़ी में भाजपा ने आतंकवाद निरोधक कानून बनाने की भी बात कही है।

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण

भाजपा ने अयोध्या में राम मंदिर के शीघ्र निर्माण के लिये जरूरी प्रयास करने का संकल्प व्यक्त किया था। सत्ता में आते ही भाजपा के लिए यह सबसे बड़ी चुनौती होगी कि राम मंदिर के मुद्दे पर कुछ ठोस प्रयास किए जाएं, जिससे उनका हिंदू वोट बैंक मजबूती से आगे भी खड़ा रहे।

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वैसे बता दें राम मंदिर के संदर्भ में भाजपा के संकल्प पत्र में कहा गया है कि राम मंदिर पर भाजपा अपने रूख को दोहराती है। संवैधानिक ढांचे के तहत सभी पहलुओं पर विचार करते हुए अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए आवश्यक प्रयास किये जायेंगे। इसमें कहा गया है, ‘‘ संविधान के दायरे में अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिये सभी संभावनाओं को तलाश किया जायेगा और इसके लिये सभी आवश्यक प्रयास किये जायेंगे।''

तीन तलाक कानून

तीन तलाक विधेयक पर पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार केन्द्र में सरकार में आने के बाद इस प्रस्तावित कानून को पारित करवाने के लिए मजबूती से प्रयास करेगी। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘यदि कांग्रेस, एआईयूडीएफ एवं महामिलावट (अन्य विपक्षी दल) ने प्रयास भी किया तो भी वे कुछ नहीं कर पाएंगे (तीन तलाक विधेयक को नहीं रोक पाएंगे)। हमारी बेटियों को न्याय मिलेगा।''