हैदराबाद : अकसर हर चुनाव में देश में सबसे अमीर और गरीब उम्मीदवार कौन हैं यह देखने की लोगों में जिज्ञासा देखने को मिलती है। 2019 के लोकसभा चुनाव में इस बार सबसे गरीब उम्मीदवार केंद्र की सत्तारूढ़ भाजपा के उम्मीदवार सुमेधानंद सरस्वती हैं, जो राजस्थान के सीकार से दूसरी बार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफार्म्स के मुताबिक नामांकन के दौरान उनके द्वारा घोषित उनकी संपत्ति केवल 34,311 रुपये है।

2014 के चुनाव में उन्होंने अपनी करीबी प्रतिद्वंद्वि प्रताप सिंह जाच को करीब ढाई लाख वोटों से हराया था और भाजपा ने इस बार भी उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया।

मूलत: हरियाणा के रोहतक में जन्में सुमेधानंद के मुताबिक वह एक संन्यासी हैं और उनके पास कोई संपत्ति और परिवार तक नहीं है। खुद को सामाजिक सेवा में व्यस्थ रखने वाले सुमेधानंद के मुताबिक उन्हें किसी की आस नहीं है और उन्हें पैसों की खास जरूरत भी नहीं है।

व्यक्तिगत परिचय

हरियाणा के रोहतक में जन्मे सुमेधानंद ने अपनी पढ़ाई पंजाब और उत्तर प्रदेश के मेरठ में पूरी की है। ब्रह्मचर्य संदेश और वेद के ब्रह्मचर्य सुक्ता का विस्तरित विवरण नामक पुस्तक का प्रकाशन किया और वह कई साप्ताहिक और मासिक पत्रिकाओं का संपदक भी रह चुके हैं। सुमेधानंद सरस्वती 1984 में स्वामी सरवानंद जी से दीक्षा लेकर संन्यासी बने। समाज सेवा के लिए अपना जीवन समर्पित कर चुके सुमेधानंद 1989 में भारतीय जनता पार्टी से जुड़ गए और 2014 में भाजपा ने उन्हें पहली बार राजस्थान के सीकर लोकसभा सीट से अपना उम्मीदवार बनाया था।

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सरस्वती सीकर से पिपरैली गांव में एक वैदिक आश्रम में मामूली जीवन बिताते हैं। वह सीकर में पिछले 23 सालों से रह रहे हैं। आर्य समाज के सदस्य सरस्वती ने बताया कि जब मुझे जरूरत होती है, तो लोग मुझे एक जोड़ी कपड़े दे देते हैं। चुनाव भी मैं अपने समर्थक और पार्टी कार्यकर्ताओं की मदद से लड़ता हूं. वे जितना कर सकते हैं, मुझे सहयोग करते हैं।'

2019 के लोकसभा चुनाव के लिए नामांकन भरने वालों में पश्चिम बंगाल के झारगाम से तृणमूल के सांसद उमा सरेन दूसरे सबसे गरीब उम्मीदवार हैं।