हैदराबाद : आज ईसाई समुदाय के लोगों का खास पर्व गुड फ्राइडे है। ईसाई धर्म को मनाने वाले लोगों के लिए गुड फ्राइडे का विशेष महत्व होता है। ईसा मसीह की याद में इस दिन को मनाया जाता है। इसी दिन प्रेम और क्षमा करने की प्रेरणा देने वाले ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाया गया था। ईसाई धर्म के लोग इस दिन गिरजाघर जाते हैं और ईसा मसीह के सामने प्राथना करते हैं।

क्या है गुड फ्राइडे

गुड फ्राइडे को 'ब्लैक फ्राइ़डे' और 'ग्रेट फ्राइडे' के नाम से भी जाना जाता है। इसी दिन ईसा मसीह को क्रॉस पर लटका दिया गया था। लेकिन फिर भी ईसा मसीह ने उन सभी के लिए प्रार्थना करते हुए कहा कि इन्हें पता नहीं है कि ये लोग क्या कर रहे हैं तो इसलिए उन्हें माफ कर देना भगवान। जिस दिन ईसा मसीह को क्रॉस पर लटकाया गया था उस दिन फ्राइडे था, जिसे बाद में गुड फ्राइडे के नाम से जाना गया। इस दिन चर्च में उनके उपदेश को सुना जाता है।

ऐसी मान्यता है कि ईसा मसीह अपनी मौत के तीन दिन बाद जीवीत हो उठे थे और अपने अनुयायियों से मिले थे। जिसे दिन वह जीवीत हुए थे, उस दिन रविवार था। इसलिए रविवार को ईस्टर के रुप में पूरी दुनिया में मनाया जाता है।

गुड फ्राइडे के दिन ईसाई समुदाय के लोग उपवास रखते है। इस दिन लोग प्रसाद स्वरूप गर्म मीठी रोटियां भी खाते है। साथ ही इस दिन काले कपड़े पहनकर अपना शोक व्यक्त करते हैं, और अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं। ईसाई समुदाय के लोग इस दिन ईसा मसीह की कृतज्ञता व्यक्त करते हुए 40 दिन का उपवास रखते हैं। जो 'लेंट' कहलाता है। गुड फ्राइडे पर लोग 40 दिन पहले से उपवास रखना शुरू कर देते हैं।

इसके अलावा गुड फ्राइडे के दिन लोग चर्च में घंटे नहीं बजाते है बल्कि इस दिन विशेष प्रार्थना की जाती है और लकड़ी के खटखटे से आवाज की जाती है। इस दिन चर्च और घरों से सजावट की वस्तुएं हटा ली जाती हैं या उन्हें कपडे़ से ढक दिया जाता है।

ईसाई धर्म के लोग गुड फ्राइडे की तैयारी महीनों पहले से शुरू कर देते हैं। इस दिन ईसा मसीह के भक्त उनके लिए प्रार्थना करते हैं और उपवास भी रखते हैं। इस पर्व के दौरान लोग साकाहारी खाना खाते हैं। चर्च और घरों से सजावट के सामान हटा दिए जाते हैं या फिर उन्हें कपड़े से ढक दिया जाता है।

ऐसा कहा जाता है कि ईसा मसीह घूम-घूमकर लोगों को मानवता और शांति का संदेश देते हैं। उन्होंने धर्म गुरुओं को कि बातों को अंधविश्वास कहना शुरू कर दिया था और लोगों को भी यह बताना शुरू कर दिया था कि उनकी बातें सत्य नहीं होती है। इस बात को जानने के बाद धर्मगुरुओं ने रोम के शासकों को यीशु के खिलाफ भड़का दिया था और उनलोगों ने गुस्से में आकर ईसा मसीह को क्रॉस पर लटका दिया था।

गुड फ्राइडे के तीसरे दिन ईस्टर मनाया जाता है। ईस्टर मून फेज के आधार पर मनाया जाता है जो क्रिश्यन चर्च द्वारा स्थापित किया गया है। फुल मून के बाद पहले संडे को ईस्टर मनाया जाता है। इस दिन लोग चर्च में मोमबत्तियां जलाकर ईसा मसीह में अपने विश्वास प्रकट करते हैं। यही नहीं इस दिन घर पर मोमबत्तियां सजाते हैं और दोस्तों में इन्हें बांटते भी हैं।