राजनीति में अपने विरोधियों को चित्त करने के लिए नेता किसी भी रणनीति को अपनाने में नहीं हिचकते हैं। ऐसा ही कुछ 1977 में एक रैली के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने किया था। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की रैली को फ्लॉप करने के लिए एक चाल चली, जो काफी लोकप्रिय हुई थी।

दरअसल, 1977 में देश आपातकाल के दौर से गुजर रहा था। विपक्ष के नेता जनता के बीच जाकर इंदिरा गांधी के खिलाफ उन्हें लामबंद कर रहे थे। इनमें सबसे प्रमुख थे अटल बिहारी वाजपेयी, जो अपनी भाषण शैली और कवि हृ्दय के कारण जनता में काफी लोकप्रिय थे। उनकी रैलियों में लोगों का हुजूम उमड़ता था।

रैली को संबोधित करते हुए अटल बिहारी वाजपेयी (फाइल फोटो)
रैली को संबोधित करते हुए अटल बिहारी वाजपेयी (फाइल फोटो)

ऐसी ही एक रैली दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित की गई थी। सर्दी का वक्त होने के बावजूद देर शाम तक लोग उनका इंतजार करते थे। लोगों में हताशा और निराशा थी। लिहाजा दिल्ली में सर्द मौसम के बावजूद लोग अटल बिहारी वाजपेयी की रैली में इकट्ठे हो रहे थे। अटल बिहारी की लोकप्रियता इंदिरा गांधी को खटने लगी। वह चाहती थी कि लोग उनकी रैली में ना जाएं।

फिल्म ‘बॉबी’ का पोस्टर
फिल्म ‘बॉबी’ का पोस्टर

इंदिरा गांधी ने अटल बिहारी वाजपेयी की रैली को फ्लॉप करने के लिए बेहद दिलचस्प चाल चली। शाम 4 बजे रामलीला मैदान में रैली शुरू होने वाली थी। इंदिरा गांधी ने रैली को असफल बनाने के लिए उस वक्त की सुपरहिट फिल्म 'बॉबी' का सहारा लिया। उन्होंने उस दिन दूरदर्शन पर साल 1973 की सबसे हिट फिल्म बॉबी का प्रसारण करवाया था।

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इंदिरा गांधी ने सोचा था कि जनता फिल्म देखने के कारण रैली स्थल तक नहीं पहुंचेगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। बड़ी संख्या में लोग अटल बिहारी को सुनने के लिए उस दिन भी रामलीला मैदान पहुंचे। सर्दी के बावजूद देर रात तक उन्हें सुनने वालों का हुजूम देखा गया। इस तरह इंदिरा गांधी की यह चाल असफल हो गई।