भारतीय धर्मशास्त्रों की मान्यता और प्राचीन भारतीय परंपरा के अनुसार फाल्गुन मास की चतुर्दशी के दिन आने वाली शिवरात्रि को महाशिवरात्रि के रूप मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन पार्वती जी भगवान शिव को अर्धांगिनी के रुप में मिलीं थी अर्थात् इस दिन भगवान भोलेनाथ का विवाह मां पार्वती के साथ हुआ था।

ऐसे में इस दिन किसी भी प्रकार का व्रत, पूजन या अनुष्ठान करने के कई लाभ होते हैं। इस बार शिवरात्रि 4 मार्च दिन मंगलवार को मनाई जाएगी।

फूलों से आकर्षक तरीके से सजाया गया शिवलिंग
फूलों से आकर्षक तरीके से सजाया गया शिवलिंग

इस विधि से करें पूजा

अगर आप महाशिवरात्रि पर व्रत रखे हुए हैं तो 'ॐ नमः शिवाय:' पंचतत्वमक मंत्र है इसे शिव पंचक्षरी मंत्र कहते हैं। इस पंचक्षरी मंत्र के जाप से ही मनुष्य संपूर्ण सिद्धियों को प्राप्त कर सकता है। भगवान शिव का निरंतर चिंतन करते हुए इस मंत्र का जाप अवश्य करें।

व्रती दिनभर शिव मंत्र 'ॐ नमः शिवाय:' का जाप करें तथा पूरा दिन निराहार रहें। पर अगर आप रोगी, अशक्त और वृद्ध हैं तो दिन में फलाहार लेकर भी रात्रि पूजा कर सकते हैं।शिवपुराण में रात्रि के चारों प्रहर में शिव पूजा का विधान है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन शिवपुराण का पाठ सुनना चाहिए और रात को जागरण कर शिवपुराण का पाठ सुनना हर व्रती का धर्म माना गया है।

महाशिवरात्रि व्रत करने वाले भगवान शिव को वस्त्र, धूप, पुष्प और फलों का अर्पण करें और हो सके तो शिव की सवारी बैल को हरा चारा जरूर अर्पण करें। महाशिवरात्रि पर शिव चालीसा का पाठ भी करें।

नागेश्वर  ज्योतिर्लिंग
नागेश्वर  ज्योतिर्लिंग

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अगर आप प्रत्येक पहर की पूजा कर रहे हैं तो हर प्रहर की पूजा का सामान अलग से तरीके से एकत्रित करें और अलग अलग पूजा सामग्री से ही पूजन करें। भगवान शिव को दूध, दही, शहद, सफेद पुष्प, सफेद कमल पुष्पों के साथ ही भांग, धतूरा और बिल्व पत्र अति प्रिय हैं। ऐसी स्थिति में पूजन में इन सामग्री को जरूर शामिल करें।

भूलकर भी ना करें यह काम

बिल्व पत्र के तीनों पत्ते पूरे होने चाहिए, कभी खंडित पत्र न चढ़ाएं। चावल सफेद रंग के साबुत होने चाहिए, टूटे हुए चावलों ना चढ़ायें। फूल ताजे ही चढ़ायें, बासी एवं मुरझाए हुए न हों।

शिवलिंग पर लाल रंग, केतकी एवं केवड़े के पुष्प अर्पित नहीं किए जाते हैं, ऐसा जरूर ध्यान रखें। भगवान शिव पर कुमकुम और रोली का अर्पण भी निषेध है। भष्म का उपयोग किया जाता है।