प्यार जताने के लिए वैसे तो कोई खास दिन नहीं होता है, क्योंकि प्यार के लिए तो हर दिन अपने आप में एक खास होता है। ये एक मज़बूत आकर्षण और निजी जुड़ाव की भावना है। प्यार अनेक भावनाओं का मिश्रण है जो पारस्परिक स्नेह से लेकर खुशी की ओर विस्तारित है। हमारे आस-पास कुछ ऐसे प्रेमी जोड़ों की कहानी है जो शरीर की खूबसूरती के साथ दिल के एहसास को बयां करती है। प्यार के इस वेलेंटाइन डे पर्व पर पेश हैं कुछ ऐसी ही सच्ची कहानियां।

नसरीन और अनस की कहानी

नसरीन जहां नाम की एक लड़की लोगों के लिए एक मिसाल बनकर उभरी है, जिसने जिंदगी के जद्दोजहद में कभी हार नहीं मानी। बताया जाता है कि नसरीन की कम उम्र में ही शादी हो गई थी। शादी के बाद से ही शौहर ने प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। इस बीच, वह दो बेटियों की मां भी बन गई। इसके बाद शौहर का रवैया और क्रूर हो गया।

उसने अपने शौहर से तंग आकर 2007 में तलाक ले लिया। लेकिन शौहर को तलाक मंजूर नहीं था। इसलिए शौहर ने उसको सबक सिखाने के लिए उस पर तेजाब फेंक दिया। उसके चेहरे का दाहिना हिस्सा, गला और पीठ झुलस गया।

नसरीन की मुसीबत यहीं खत्म नहीं होती है। इस मुश्किल घड़ी में घरवालों ने भी साथ छोड़ दिया। ससुराल वालों ने उसकी बेटियां भी छीन लीं। इसके बाद उसने हौसला जुटाया और दोबारा पढ़ाई शुरू कर दी। पढ़ाई के इस सिलसिले में वह अलीगढ़ गईं जहां उनकी मुलाकात अनस खान से हुई।

कान्सेप्ट फोटो
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पहली ही नजर में अनस को नसरीन भा गईं। दोनों के बीच कई मुलाकातें हुईं। इसके बाद अनस ने निकाह की इच्छा जताई। दर्द में डूबीं नसरीन किसी के प्यार पर भरोसा करने को तैयार नहीं थीं। लेकिन अनस ने चार साल इंतजार किया। आखिरकार नसरीन ने 2017 में अनस से निकाह कर अपनी जिंदगी की नई पारी शुरू की।

राजम्मा देवी का मंदिर प्यार

कर्नाटक के बेंगलुरु के पास चामराज नगर की रहने वाली राजम्मा देवी का मंदिर प्यार मिसाल बन गया है। राजम्मा देवी गांव में मंदिर चाहती थीं। पति राजस्वामी के साथ मंदिर बनाना शुरू किया। लेकिन उद्घाटन से पहले उनकी मौत हो गई। इसके बाद राजस्वामी ने पत्नी की इच्छा पर वर्ष 2006 में पूरा मंदिर बनवाया और राजम्मा की मूर्ति भी लगवाई।

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आदित्य और मोनिका की अनोखी शादी

किसी ने सच ही कहा है कि मोहब्बत जाति-धर्म को नहीं देखती, प्यार सिर्फ प्यार को देखता है। एक ऐसी ही कहानी अलीगढ़ निवासी आदित्य वर्मा की है। आदित्य वर्मा नोएडा में नौकरी करते हैं।

दिसंबर 2017 में हाथरस निवासी कृष्ण मुरारी ने बेटी मोनिका की शादी के लिए उन्हें पसंद किया था। लेकिन मार्च, 2018 को आदित्य हादसे में दोनों पैर गंवा बैठे। इसके बाद रिश्ता आगे नहीं बढ़ सका।

पीएचडी कर रहीं मोनिका से कुछ माह बाद आदित्य ने फेसबुक पर दोस्ती की। एक दिन जब मोनिका को आदित्य की जिंदगी के बारे में पता चला तो घर पर बात की। लेकिन परिजन नहीं माने। मोनिका ने परिवार की मर्जी के खिलाफ आदित्य से शादी कर ली।

आशीष वर्मा और अंकिता की प्रेम कहानी

मोहब्बत एक रसायन है क्योंकि यह यंत्र नहीं विलयन है, द्रष्टा और दृष्टि का। पटना के आशीष वर्मा और उनकी पत्नी अंकिता प्रेम की यही परिभाषा गढ़ रहे हैं। आशीष सेरेबल पाल्सी से प्रभावित हैं। वह चल-फिर नहीं सकते। लेकिन यह बात कभी दोनों के बीच नहीं आई।

इकलौती संतान अंकिता लखनऊ के एक कॉलेज में पढ़ाती थीं। आशीष भारतीय रक्षा लेखा सेवा अधिकारी हैं। एक दिन सोशल मीडिया के जरिये दोनों की पहचान हुई। धीरे-धीरे दोस्ती प्यार में बदल गई। कुछ लोगों ने बातें बनानी शुरू कर दी, लेकिन अंकिता ने ऐसी संकीर्ण सोच वालों को दरकिनार कर दिया।

आखिरकार दोनों ने शादी करने का फैसला किया, लेकिन घर वाले राजी नहीं थे। आखिर लंबे समय बाद सभी ने हामी भरी और 2 मार्च 2017 को दोनों की शादी हुई। वहीं अंकिता का कहना है किहमने कठिनाइयों से साथ लड़ना सीखा है।

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दृष्टिहीन से अलका सिंह की बेपनाह मोहब्बत

मिर्ज़ा ग़ालिब ने किया खूब कहा है, इशरत-ए-क़तरा है, दरिया में फ़ना हो जाना। दर्द का हद से गुजरना है दवा हो जाना।। हम उस प्रेमी जोड़ी की बात कर रहे हैं जिसका प्रेमी दृष्टिहीन है। जी, हां वाराणसी में अलका सिंह नाम की लड़की एक नेत्रहीन बच्चों के स्कूल में पढ़ाती थीं। यहीं दृष्टिहीन राजकुमार से उनकी मुलाकात हुई। फिर दोनों के बीच बातचीत होने लगी। यह बातचीत प्यार में बदल गया।

अलका सिंह अक्सर किताबें खरीदने या कहीं जाने के लिए सहारे के रूप में साथ देने लगीं। अगस्त, 2015 में उन्होंने राजकुमार से शादी का प्रस्ताव रखा जिस पर वह राजी हो गए। लेकिन परिवार वाले नहीं माने।

आखिरकार दोनों ने सितंबर में शादी कर ली। अलका सिंह बताती हैं कि शादी के बाद उन्हें घर से निकाल दिया गया। किराये पर रहने लगी तो वहां भी धमकी दी गई। अंत में हारकर थाने में सुरक्षा की गुहार लगानी पड़ी। लंबे संघर्ष के बाद एक स्कूल में नौकरी मिली। वहीं, राजकुमार भी मेवा बेचने का काम करते हैं।

एक लम्हे में सिमट आया है सदियों का सफ़र,

जिंदगी तेज़ बहुत तेज़ चलती हो जैसे।।

अख्तर शीरानी के गजल की चंद लाइन...................

मोहब्बत की दुनिया में मशहूर कर दूं,

मेरी सादा-दिल तुझ को मग़रूर कर दूं।।

तिरे दिल को मिलने की ख़ुद आरज़ू हो,

तुझे इस क़दर ग़म से रंजूर कर दूं।।

मुझे ज़िंदगी दूर रखती है तुझ से,

जो तू पास हो तो उसे दूर कर दूं।।