नई दिल्ली : पदोन्नतियों में अनुसूचित जाति व जनजाति के लिए आरक्षण बरकरार रखने, अवैध संबंध नहीं है अपराध.. 150 साल पुराना एडलटरी कानून रद्द, आधार को कानूनी रूप देना, शबरीमाला मामले में सभी उम्र की महिलाओं को अयप्पा मंदिर में अनुमति... इस तरह गत कुछ समय से लगातार ऐतिहासिक फैसले सुनाने वाले सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा कल मंगलवार को सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं।

अगस्त 2017 में भारत के मुख्य न्यायाधीश की बागडोर संभालने वाले दीपक मिश्रा कल अर्थात 2 अक्टूबर 2018 को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। दीपक मिश्रा ओडिशा के कांग्रेस नेता रघुनाथ मिश्रा के पुत्र हैं। 3 अक्टूबर 1953 को जन्मे दीपक मिश्रा ने वर्ष 1996 में ओडिशा हाईकोर्ट में अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में अपनी ज्यूडिशियल करियर शुरू की और वर्ष 2011 में सुप्रीम कोर्ट में प्रवेश किया।

दीपक मिश्रा ने सीजेआई की हैसियत से कई ऐतिहासिक फैसले सुनाए हैं, जिनको लेकर देशभर में व्यापक चर्चा हुई। मिश्रा ने देशभर के सभी सिनेमा घरों में राष्ट्र गीत अनिवार्य किया। यही नहीं, हाल ही में अवैध संबंध अपराध नहीं होने का फैसला सुनाते हुए दीपक मिश्रा द्वारा धारा 497 को खारिज किया जाना भी चर्चा का मुद्दा बना रहा।

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समलैंगिता अपराध नहीं होने का फैसला सुनाते हुए धारा 377 को रद्द किए जाने से देशभर में मौजूद एलजीबीटी कम्यूनिटी में जश्न मनाया गया। दीपक मिश्रा ने स्पष्ट कहा था कि संविधान से प्राप्त सभी अधिकार एलजीबीटी कम्यूनिटी के लिए भी लागू होंगे।

उसी तरह, निर्भया गैंग रेप मामले में चार आरोपियों को मौत की सजा सुनाने के लिए दीपक मिश्रा के नेतृत्व में गठित पीठ ने ही फैसला सुनाया था।

यही नहीं, एक और महत्वपूर्ण मामला भी दीपक मिश्रा के कार्यकाल में सामने आया। पहली बार सुप्रीम कोर्ट के चार सिटिंग जजों ने एक सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के प्रति सार्वजनिक रूप से असंतोष व्यक्त किया था, जिसको लेकर देशभर में चर्चा छिड़ी थी।

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सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीस जस्टिस जास्ती चलमेश्वर, जस्टिस लोकूर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस कुरियन जोसेफ ने मीडिया के सामने कई सनसनीखेज खुलासे किए।

पहली बार चार जजों का संवाददाता सम्मेलन बुलाना और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ आरोप लगाने को लेकर देशभर में एक तरह की बहस छिड़ गई थी। इस तरह आरोप लगाने वालों में से एक रंजन गोगोई ही सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बनने जा रहे हैं। खुद दीपक मिश्रा ने गोगोई को अपने उत्तराधिकारी नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा था। मिश्रा के बाद टॉप मोस्ट जज गोगोई हैं।