सोमवार व्रत रखने से इन परेशानियों से मिलेगी मुक्ति, जानिए पूजन विथि और महत्व

भगवान शिव एवं पार्वती (डिजाइन इमेज) - Sakshi Samachar

हैदराबाद : भगवान शंकर को भोलेनाथ भी कहा गया है। ऐसी मान्यता है कि देवताओं में शिव-शंकर ही ऐसे हैं, जो अपने भक्तों पर कृपा बरसाने में देर नहीं करते। ऐसा भी कहा जाता है कि भगवान शिव थोड़ी ही पूजा में प्रसन्न हो जाते हैं। आज सोमवार है। हम आपको आज सोमवार व्रत और पूजन विधि की जानकारी दे रहे हैं।

सोमवार को भगवान शिव और माता पार्वती की पूजन का विशेष महत्व है। सोमवार को शिव का दिन कहा जाता है। इसलिए शिवालयों में भक्तों की खासा भीड़ रहती है। मान्यता है कि आज के दिन भगवान की वंदना करने से समस्त दुखों का नाश होता है।

यह भी पढ़ें :

श्रावण मास में इस बार 19 साल बाद बना दुर्लभ संयोग, जानिए कैसे करें भगवान शिव को प्रसन्न

सोमवार को भगवान शंकर और माता पार्वती की एक साथ पूजा करने से सौभाग्य का वरदान मिलता है और ऐसे जातकों के जीवन में कभी आर्थिक कष्ट नहीं आते। इसके अलावा सोमवार का व्रत शादियों में आ रही परेशानियों को भी दूर करता है। 16 सोमवार को व्रत रखने से मनवांछित जीवन साथी मिलता है।

सोमवार पूजन विधि

प्रात: काल उठकर पवित्र नदी में स्नान करके पूजा घर की सफाई करें। एक चौकी लेकर उस पर साफ कपड़ा बिछाएं और शिव-पार्वती की प्रतिमा स्थापित करें। प्रतिमा को गंगा जल से स्नान कराएं और साफ कपड़े से पोछें। भगवान को स्नान कराने के बाद चंदन और माता पार्वती को सिंदूर चढ़ाएं।

तत्पश्चात भोग लगाएं और आरती उतारें। साथ ही इस मंत्र का जाप करें। 'मम क्षेमस्थैर्यविजयारोग्यैश्वर्याभिवृद्धयर्थं सोमव्रतं करिष्ये'

इसके बाद ऊं नम: शिवाए मंत्र का जाप करें। जाप पूरा करने के बाद भगवान को लगाया गया भोग भक्तों में बांटे और उसके बाद व्रत कथा सुनें। बिना व्रत कथा सुने पूजा अधूरी रहती है। ऐसा करने से भगवान जरूर प्रसन्न होते हैं और भक्तों को मनवांछित आशीर्वाद देते हैं।

Advertisement
Back to Top