श्रावण मास में इस बार 19 साल बाद बना दुर्लभ संयोग, जानिए कैसे करें भगवान शिव को प्रसन्न

भगवान शिव की प्रतिमा - Sakshi Samachar

नई दिल्ली : वैसे तो भगवान की वंदना का कोई दिन तय नहीं होता, लेकिन एक खास समय में पूजा का विशेष लाभ जरूर मिलता है। ऐसा ही सबसे पवित्र महीना सावन का है, जो 27 जुलाई से शुरू हो रहा है। इस बार श्रावण मास पूरे 30 दिनों का है। ऐसा दुर्भ संयोग 19 साल बाद पड़ रहा है। इस पूरे महीने शिवालय में भक्तों की लंबी कतार देखी जाती है।

श्रावण मास में चार सोमवार

श्रावण मास में इस बार पूरे 30 दिन होने से चार सोमवार पड़ेंगे। सावन का महीना और सोमवार को भगवान शिव की पूजा का लाभ अत्यंत फलकारी है। माना जाता है कि सावन में भगवान शिव की आराधना का विशेष फल मिलता है। पूरे महीने विधि-विधान से पूजा करने वालों की भगवान शंकर हर मनोकामना पूरी करते हैं।

यह भी पढ़ें :

आप अपनी राशि के अनुसार ऐसे कर सकते हैं भगवान शिव का अभिषेक

सोमवार व्रत रखने से इन परेशानियों से मिलेगी मुक्ति, जानिए पूजन विथि और महत्व

श्रावण में शिव की पूजा का विशेष महत्व

शास्त्रों में सावन मास का विशेष महत्व का वर्णन है। मान्यता के अनुसार, इस महीने भगवान शिव की वंदन से समस्त दुख का नाश होता है। साथ ही शिवजी को एक बिल्वपत्र चढ़ाने से तीन जन्मों के पापों का नाश होता है। एक अखंड बिल्वपत्र अर्पण करने से कोटि बिल्वपत्र चढ़ाने का फल प्राप्त होता है। साथ ही शिव को कच्चा दूध, सफेद फल, भस्म, भांग, धतूरा, श्वेत वस्त्र अधिक प्रिय होने के कारण यह सभी चीजों खास तौर पर अर्पित की जाती है।

Advertisement
Back to Top