गौरव शर्मा

बीजिंग : चीन के एक समाचार पत्र ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर में अप्रत्याशित गिरावट से 'हाथी बनाम ड्रैगन' के रेस में भारत पिछड़ गया है।

ग्लोबल टाइम्स के एक संवाददाता ने एक व्याख्यात्मक निबंध में कहा कि भारत की आर्थिक विकास दर में गिरावट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आर्थिक सुधार के तहत उठाए गए नोटबंदी जैसे कदम के परिणामस्वरूप सामने आई है।

इस साल की पहली तिमाही में भारत की विकास दर साल की न्यूनतम 6.1 फीसदी रही, जिसके कारण चीन को दुनिया की सबसे तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्था का तमगा हासिल करने में मदद मिली।

शियाओ शिन ने निबंध में कहा, "ऐसा लगता है कि हाथी बनाम ड्रैगन की रेस में भारत को अर्थव्यवस्था में अप्रत्याशित गिरावट के साथ गहरा झटका लगा है, जिसके कारण चीन को दुनिया की सबसे तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्था का तमगा हासिल करने में मदद मिली।"

चीन तथा भारत दुनिया की सबसे तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्थाएं हैं।

निबंध में कहा गया, "भारत को अपनी अर्थव्यवस्था पर दबाव डालने से पहले गहराई से सोचना चाहिए।"

उन्होंने कहा, "सच्चाई यह भी बयां कर रही है कि नोटबंदी के कारण अर्थव्यवस्था किस बुरे दौर से गुजर रही है।"

अखबार के मुताबिक, "भारत सरकार को सुधार की दिशा में कदम बढ़ाने के लिए नवंबर जैसे फैसले करने से पहले गंभीरतापूर्वक दोबारा सोचना चाहिए।"

ग्लोबल टाइम्स ने कहा कि भारत सरकार को निजी निवेश को बढ़ाने के लिए अधिक प्रभावी नीतियों का क्रियान्वयन करने की जरूरत है। उपभोक्ता मांग तथा सरकारी खर्च से चलने वाली अर्थव्यवस्था के लिए यह एक कमजोर कड़ी है।