पलक्कड़ : मध्य प्रदेश के इंदौर में एक मासूम बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या की घटना को लेकर लेागों में रोष व्याप्त है, आरोपी को शनिवार को जब महू न्यायालय लाया गया तो उसे देखते ही वकील भड़क उठे और उन्होंने उसकी जमकर पिटाई कर दी।

रिमांड खत्म होने पर पुलिस आरोपी अंकित को लेकर जैसे ही कोर्ट पहुंची, तो वहां मौजूद वकीलों ने आक्रोशित होकर उसकी पिटाई कर दी। पुलिस ने जैसे-तैसे उसे बचाया। इस दौरान लोग आरोपी को भीड़ को सौंपने की मांग करते रहे।

आरोप है कि अंकित 1 दिसंबर को माता-पिता के पास सो रही मासूम बच्ची को उठाकर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान बच्ची जब चीखी तो आरोपी ने उसका मुंह दबा दिया। दम घुटने से बच्ची की मौत हो गई। उसकी लाश दूसरे दिन पुलिस ने एक खंडहर से बरामद की थी।

पुलिस ने मामला दर्ज कर घटना की जांच की तो आरोपी की पहचान अंकित के रूप में हुई। वह चाट का ठेला लगाता था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। अदालत ने आरोपी को रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया था।

वहीं, केरल में वालयार दुष्कर्म व हत्या मामले के एक पूर्व आरोपी पर शनिवार को लोगों की एक भीड़ ने हमला कर दिया। पुलिस का कहना है कि व्यक्ति के चेहरे पर चोट आई है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

एम. मधु जनवरी 2017 में वालयार में 11 वर्षीय लड़की के साथ दुष्कर्म व हत्या के मामले में तीसरा आरोपी था, मगर अदालत ने उसे इस साल अक्टूबर में सबूतों के अभाव में छोड़ दिया था।

एक प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, मधु हैदराबाद में हाल ही में हुए एनकाउंटर की घटना को लेकर कुछ लोगों के साथ गरमागरम बहस में शामिल हो गया। इन लोगों की बहस हिंसा में बदल गई, जिसके बाद दुष्कर्म के पूर्व आरोपी को बुरी तरह पीटा गया। इससे उसके चेहरे पर चोटें आई हैं।

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मधु की मां ने आरोप लगाया कि हमलावर भाजपा कार्यकर्ता थे। पुलिस ने कहा कि वे अभी तक हमलावरों की पहचान नहीं कर सके हैं और उनकी जांच जारी है।

वालयार मामला जनवरी 2017 में सामने आया, जब एक 11 वर्षीय लड़की का शव उसकी नौ वर्षीय बहन ने अपने घर में पाया। इस घटना के दो महीने बाद छोटी बहन भी इसी तरह की परिस्थितियों में अपने घर में मृत पाई गई।

इस मामले में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया था, मगर अदालत ने सबूतों के अभाव में अभियुक्तों को छोड़ दिया। अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ मामला साबित करने में विफल रहा था।