हैदराबाद: दिशा रेप व हत्याकांड में पुलिस को आरोपियों की सात दिनों की कस्टडी मिल गई है। चारों आरोपी चर्लापल्ली जेल में है जिन्हें डॉक्टरी जांच के बाद पुलिस ने अपनी कस्टडी में ले लिया है। इस मामले को लेकर लोगों का गुस्सा उबाल पर है इसीलिए चर्लापल्ली जेल के पास 144 सेक्शन भी लगाया गया है।

वहीं पुलिस भी सुरक्षा के मद्देनजर आरोपियों से जुड़ी हर खबर को गोपनीय रख रही है। खबर है कि आरोपियों की डॉक्टरी जांच भी जेल में ही करवाई गई। पुलिस ने आरोपियों को अपनी कस्टडी में लेने के बाद गुरुवार की अलसुबह 3.45 बजे सारे सीन को रीक्रियेट किया। इसके लिए पुलिस इन्हें घटनास्थल पर ले गई और फिर घटना को रीक्रियेट किया गया।

इस केस की जल्द से जल्द सुनवाई के लिए पहले ही तेलंगाना हाईकोर्ट ने फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किये जाने की मंजूरी दे दी है। इसके चलते महबूबनगर में जल्द ही फास्ट ट्रैक कोर्ट को स्थापित किया जाएगा।

साथ ही हाईकोर्ट ने फास्ट ट्रैक कोर्ट के लिए महबूबनगर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट सेशन जज को भी नियुक्त करते हुए आदेश जारी किया है। जिसके तहत आरोपियों को जल्द से जल्द सजा दिलवाने पर जोर दिया जाएगा।

इस घटना से संबंधित लॉरी में मिले आधार को अधिकारियों ने पहले ही फॉरेंसिक लैब में भेज दिया है। वैसे भी इस केस में फॉरेंसिक रिपोर्ट अहम साबित होगी। हिरासत में लिए गए आरोपियों की जांच के लिए शमशाबाद डीसीपी की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गई है। समिति में चार अतिरिक्त एसपी स्तर के अधिकारी हैं।

समिति आरोपियों की जांच, वैज्ञानिक साक्ष्यों को जुटाने और फॉरेंसिक लैब से रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करेगी। इस समिति के नेतृत्व में विभिन्न समूह अपहरण, बलात्कार और हत्या के मामलों की जांच करेंगे।

एक हफ्ते की हिरासत के तहत पुलिस आरोपियों से पूछताछ करेगी और उनके बयान भी दर्ज किये जाएंगे। पुलिस को पूरी उम्मीद है कि जांच व पूछताछ के दौरान मुकदमे के लिए अहम सबूत जुटा लिए जाएंगे।

पुलिस ने आरोपियों को घटनास्थल पर ले जाकर सीन भी इसीलिए रीक्रियेट किया कि सारे सबूत और बातें जाना जा सके। आरोपियों से दिशा के फोन के बारे में भी पूछताछ की जाएगी क्योंकि अब तक फोन मिला नहीं है।

दिशा को कैसे ट्रैप किया, किस तरह उसे फंसाया, रेप किया और उसके बाद कैसे उसकी हत्या की साजिश रची। कैसे हत्या करके उसे जलाया, जैसे सवाल आरोपियों से पूछे जाएंगे जिससे कि इस घटना से संबंधित छोटी से छोटी जानकारी जुटाई जा सके।

पुलिस को यह भी जानना है कि घटना से पहले आरोपियों ने शराब का सेवन किया था या नहीं। पुलिस आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने के लिए आवश्यक जानकारी एकत्र करते हुए, जांच में तेजी लाना चाहती है। वहीं पुलिस आरोपियों से कहां, कैसे और कब पूछताछ करने वाली है इस पर मीडिया को खबर नहीं दी जा रही। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे मामले को गोपनीय रखा जा रहा है।

पुलिस कस्टडी के मद्देनजर चर्लापल्ली जेल के बाहर सुरक्षा का भारी बंदोबस्त किया गया है। जेल के बाहर 144 सेक्शन लागू किया गया है साथ ही वहां किसी तरह के धरने व प्रदर्शन पर भी रोक लगा दी गई है।

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यह दूसरी बार है जब तेलंगाना के गठन के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना हुई है। वारंगल जिले में हाल ही में 9 महीने की एक बच्ची के साथ बलात्कार और हत्या के मामले में एक फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना की गई है।

अदालत ने मामले पर त्वरित सुनवाई करते हुए 56 दिनों में फैसला सुनाया। हाईकोर्ट ने फास्ट ट्रैक कोर्ट की मौत की सजा को आरोपी के लिए उम्रकैद में बदल दिया।