हैदराबाद: शादनगर में हुआ दिशा का रेप व हत्याकांड जहां पूरे देश में सनसनी का विषय बना हुआ है वहीं आज आरोपियों की शादनगर कोर्ट में पेशी हो चुकी है जिसमें पुलिस ने आरोपियों की 10 दिन की रिमांड के लिए पिटिशन दाखिल कर दी है।

वहीं रंगारेड्डी जिले के शमशाबाद से लापता हुई दिशा की लाश शादनगर के निकट चटानपल्ली के पास बरामद हुई। नागरकर्नूल जिले के कोडेरु मंडल के नरसाईपल्ली निवासी श्रीधर रेड्डी -विजयम्मा दंपति की बेटी दिशा महबूबनगर जिले के नवाबपेट मंडल के कोल्लुरू स्थित सरकारी वेटर्नरी अस्पताल में डॉक्टर थी, जबकि दूसरी बेटी शमशाबाद एयरपोर्ट में नौकरी करती थी।

श्रीधर रेड्डी का परिवार पिछले चार वर्षों से शमशाबाद में रह रहा है। इसी क्रम में बुधवार को कोल्लुरु में ड्यूटी खत्म होने के बाद दिशा शाम 5 बजे घर लौटी। चेहरे पर दाग बढ़ने से इलाज के लिए शाम 6 बजे घर से निकली दिशा अपनी स्कूटी से तोंडुपल्ली स्थित टोलप्लाजा पहुंची। वहां अपनी स्कूटी पार्क कर वह एक अन्य वाहन से गच्चीबावली स्थित एक क्लिनिक गई। वापस रात्रि 9 बजे टोलप्लाजा पहुंचने के बाद दिशा जब स्कूटी से घर जाने लगी तो देखा की उसका टायर पंक्चर है।

पंक्चर ठीक करवाने की बात कहकर घात लगाए लॉरी ड्राइवर व क्लीनर ने उसे अपनी बातों में फंसाया और उसके बाद चारों ने उसका रेप करके, उसकी हत्या कर दी। इतना ही नहीं उन लोगों ने उसके शव को जला दिया ताकि कोई उसे पहचान न सके।

इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में चर्लापल्ली जेल भेजा गया।

दूसरी ओर इस मामले में लोगों का गुस्सा फूट रहा है और सब इन आरोपियों के लिए फांसी की मांग करते दिख रहे हैं।सबका यही कहना है कि जो इन लोगों ने उस लड़की के साथ किया उसके बाद इनको बचाना और फिर इन पर केस चलाना ठीक नहीं। उनका तो एनकाउंटर कर दिया जाना चाहिए।

पूरे देश में इस मामले पर गुस्सा व्यक्त किया जा रहा है वहीं इस सबके बीच आज दिशा केस के आरोपियों की शादनगर कोर्ट में पेशी हुई। जिसमें पुलिस ने 10 दिनों की रिमांड के लिए पिटिशन दाखिल की गई। पुलिस द्वारा पिटिशन में कहा गया है कि उन्हें दस दिनों का समय आरोपियों का बयान रिकॉर्ड करने के लिए चाहिए। इस विषय में कोर्ट में फिलहाल सुनवाई चल रही है।

इस सबके मद्देनजर चर्लापल्ली जेल के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गए हैं और सारे इलाके में 144 सेक्शन भी लागू कर दिया गया है। शादनगर कोर्ट के बाहर भी भीड़ का जमावड़ा साफ देखा जा सकता है। सबकी नजर इस केस पर ही लगी है कि आखिर कब और कैसे होता है दिशा के साथ इंसाफ।

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वहीं दूसरी ओर दिशा के परिवार में सिस्टम के प्रति गुस्सा साफ देखा जा सकता है। जहां बहन कह रही है कि समय रहते उनकी शिकायत पर पुलिस ध्यान देती तो आज दिशा जिंदा होती वहीं मां अपना दर्द बयान करते हुए साफ कह रही है कि आरोपियों को भी सरेआम जिंदा जला देना चाहिए।

पिता तो साफ कह रहे हैं कि पुलिस अगर उस समय शिकायत पर गौर करती बजाय फब्तियां कसने के तो उनकी होनहार बेटी बच जाती। परिवार को न्याय का इंतजार है। वे चाहते हैं कि जल्द से जल्द उन्हें न्याय मिले ।